जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के बीच से गुजरती रेल लाइन पर बने चार रेल अंडर ब्रिज को चौड़ा करने का काम शुरू हो गया है। रेलवे ने एसबीआइ चौक से वेटरनरी कालेज की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर बने रेल अंडरब्रिज नंबर दो को चौड़ा करने का काम शुरू हो गया है। पुराने ब्रिज से लगकर ही नया ब्रिज बनाया जाएगा, जो साढ़े छह मीटर चौड़ा और 21 मीटर लंबा होगा। इसे बनाने का काम जबलपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग ने शुरू कर दिया है। रेलवे का दावा है कि वह इस ब्रिज के चौड़ीकरण का काम इस साल दिसंबर माह तक पूरा कर लेगा। इस काम को पूरा करने के लिए रेलवे, अक्टूबर माह में ब्रिज से होने वाले आवागमन को बंद कर मेगा ब्लाक लेकर काम किया जाएगा। गौरतलब है कि रेलवे ने अंडर ब्रिज एक और चार के चौड़ीकरण का काम पहले ही कर दिया है। अंडर ब्रिज दो और तीन के चौड़ीकरण का काम बाकी है।

ब्रिज के पास ही तैयार होंगे सीमेंट ब्लाक

अंडर ब्रिज दो के चौड़ीकरण का पहले चरण का काम शुरू हो गया है। वेटरनरी कालेज के मुख्य द्वार की ओर आने वाले ब्रिज के हिस्से को बनाया जा रहा है। इसके लिए रेलवे कालोनी में बने टैंक को हटाकर जमीन को समतल करने का काम शुरू हो गया है। इसके बाद एसबीआइ चौक में होटल ऋषि एजेंसी की ओर बने ब्रिज के आस-पास अतिक्रमण को हटाया जाएगा। दोनों ओर से सीमेंट के ब्लाक लगाने का काम होगा। विशाल आकार के इन ब्लाक को रेलवे ब्रिज के पास रेलवे कालोनी की खाली जगह पर ही तैयार करेगा, ताकि इन्हें लाने- ले जाने में किसी तरह की परेशान न हो।

निगम ने दिया पैसा, रेलवे कर रहा तैयार

चारों अंडर ब्रिज के चौड़ीकरण पर होने वाला खर्च नगर निगम वहन कर रहा है। जानकारी के मुताबिक अंडर ब्रिज चार और दो के चौड़ीकरण का पैसा निगम ने पहले ही जबलपुर रेल मंडल को दे दिया है। ब्रिज नंबर चार तो चौड़ा हो गया, लेकिन दो नंबर को काम चार साल बाद शुरू हुआ है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे के पास अभी भी नगर निगम का लगभग एक करोड़ रुपये जमा है। वहीं इस ब्रिज पर लगभग दो करोड़ खर्च होना है। शेष राशि भी नगर निगम, रेलवे को देगा। नगर निगम का कहना था कि रेलवे चौड़ीकरण का काम शुरू करे, शेष राशि काम शुरू होने के बाद दे दी जाएगी।

चार साल से अतिक्रमण हटाने पर फंसा पेंच

इस ब्रिज के चौड़ीकरण का काम 2018 में होना था, लेकिन ब्रिज के दोनों ओर जमे अतिक्रमण न हटने की वजह से यह काम समय पर नहीं हो सका। इन अतिक्रमण को हटाने का जिम्मा नगर निगम का था, रेलवे का कहना था कि अतिक्रमण हटते ही वह ब्रिज के चौड़ीकरण का काम शुरू कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्षेत्रीय नेताओं के विरोध के बाद निगम यहां जमे अतिक्रमण हटाने से पीछे हट गया। इसको लेकर रेलवे और निगम के बीच कई बाद बैठक भी हुई। अंत में यह तय हुआ कि ब्रिज को चौड़ा करने का काम सिटी हास्पिटल की ओर से करने की बजाए होटल ऋषि एजेंसी की तरफ से किया जाएगा, जो अब शुरू हो गया है।

यह होगा फायदा

- अभी ब्रिज के दोनों ओर स्कूल होने की वजह से अक्सर जाम लगता है।

- ब्रिज को चौड़ा करने के बाद यहां लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा।

- ब्रिज सकरा होने की वजह से रोजाना भी लोगों को परेशानी होती है

- नए और पुराने ब्रिज को मिलाकर इसकी चौड़ी लगभग 14 मीटर होगी

- लंबाई 21 मीटर होने से यातायात और सुगम हो जाएगा।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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