जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना संक्रमण के दौरान शहर के रक्त कोषों में रक्त की कमी लगातार हो रही है लेकिन शहर के युवाओं के प्रयास और सेवाभाव के कारण मरीजों की जान बचाई जा पा रही है। रानी दुर्गावती चिकित्सालय में भर्ती मरीजों में से एक को बी निगेटिव और दूसरे को ओ पॉजिटिव रक्त की जरूरत थी। यह जानकारी जब आकांक्षा बधान और गंधर्व जोशी को हुई तो ये पति-पत्नी तुरंत ही चिकित्सालय के रक्त कोष पहुंचे और स्वेच्छा से रक्तदान कर मरीजों के जीवन की रक्षा की।

आकांक्षा और गंधर्व का कहना था कि दशहरे के त्योहार पर रक्तदान करके यदि किसी की जान बचाई जा सकती है तो उससे बड़ा उत्सव कुछ नहीं हो सकता। दोनों को शाम की ट्रेन से मुंबई रवाना होना था। इसके बाद भी दोपहर में अस्पताल पहुंचकर दोनों ने रक्तदान किया। आकांक्षा की मां बलविंदर वधान भी लगातार समाज सेवा के कार्यों से जुड़ी रहती है। रक्तदान के बाद रक्त कोष प्रभारी डॉक्टर संजय मिश्रा ने आकांक्षा और गंधर्व को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। News Updating...

Posted By: Nai Dunia News Network

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