झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की चपेट में आने के बाद अब तक 86 मौत हो चुकी है। 51 दिन की शांति के बाद एक केस भी आ चुका है। इसके बावजूद ऑक्सीजन प्लांट शुरू नही हो पा रहा। खतरा बताकर थोड़ी आता है, परंतु यह संकेत तो बार-बार दे ही रहा है कि अब अलर्ट हो जाएं।

86 मौत भी सरकारी आंकड़े के अनुसार है। गैर सरकारी आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। वजह सिर्फ यह रही कि संक्रीमत होने के बाद मरीज का ऑक्सीजन स्तर गिरा और ऑक्सीजन समय पर उसे नही मिल पाई।यह कमी उसकी मौत का कारण बन गई।

केस स्टडी

ब्राह्मण समाज के हर्ष भट्ट अचानक कोरोना की चपेट में आ गए। घर पर ही उपचार करवाते हुए ठीक थे लेकिन ऑक्सीजन का स्तर एकदम से नीचे गिर गया। उस समय जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर की मारामारी थी और जगह ही नही थी। स्वजन दाहोद ले गए लेकिन उनका दुखद निधन हो गया। वजह ऑक्सीजन की कमी ही बना।

अब किसका रास्ता देख रहे?

संक्रमण किसी को बताकर अपनी रफ्तार नही बढ़ाएगा। तीसरी लहर को लेकर पहले ही सचेत किया जा चुका है। फिर ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने के लिए किसका रास्ता देखा जा रहा है? आखिर समय पर कार्य पूर्ण क्यों नही हो रहा?

यह है हालात

-3 ऑक्सीजन प्लांट शुरू होना है

-5 माह से अटके हुए

-2 हजार लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनिट का उत्पादन

-अप्रैल 2021 में ही शुरू हो जाने थे

-50-60 ही ऑक्सीजन सिलिंडर

कोरोना पर नजर

-01 सक्रिय मरीज जिले में

-249362 जांच अब तक

-7709 संक्रमित हुए

-7622 स्वस्थ हुए

-86 मौत

नाकाम रही व्यवस्था

-शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव सक्सेना का आरोप है कि सरकार कोरोनाकाल में आम जनता को सुविधा देने में विफल रही है।जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट अब तक शुरू हो जाने थे लेकिन लापरवाही देखी जा रही है।

काफी कार्य हुए हैं

-भाजपा नेता भूपेश सिगोड़ का मानना है कि सरकार ने कोरोना से निपटने में बेहतर कार्य किया है। तीन ऑक्सीजन प्लांट जरूरत को समझते हुए स्वीकृत किए और अब जल्दी ही शुरू भी हो जाएंगे। अन्य कोई सरकार होती तो इतनी तेज रफ्तार से राहत नही दे पाती।

तत्काल ध्यान देना होगा

युवा अभिभाषक मुकुल सक्सेना का मानना है कि संक्रमण फिर सर उठा रहा है। ऐसे में ज्यादा देर करना ठीक नही है। सरकार को इस दिशा में तत्काल ध्यान देना चाहिए। कभी भी खतरा बढ़ सकता है।

सिर्फ सुन रहे हैं

शिक्षिका अनिता कृष्णे का कहना है कि लंबे समय से सिर्फ सुन रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट अब तक मैदान में कार्य करते नहीं दिखे हैं। सुस्ती ही ऐसे में साबित हो रही है। अब बगैर देर किए यह शुरू कर देना चाहिए। झाबुआ के अलावा थांदला व पेटलावद के नागरिकों को भी जरूरत पड़ने पर राहत मिलेगी।

बस अब शुरू हो रहे हैं

मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीएस ठाकुर का कहना है कि जिले के तीनों ऑक्सीजन प्लांट से जुड़ी सारी तैयारियां पहले ही हो चुकी हैं। अब केवल भोपाल से तकनीशियन आकर प्लांट शुरू करेंगे और स्थानीय कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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