झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कृषि विज्ञान केन्द्र, झाबुआ में सोमवार को विज्ञानिक सलाहकार समिति की हाइब्रिड मोड पर बैठक का आयोजन वरिष्ठ विज्ञानी तथा प्रमुख, डॉ. आइएस तोमर के मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एसआरके सिंह, निदेशक अटारी-जोन 9, जबलपुर तथा विशिष्ठ अतिथि डॉ. अशोक शर्मा, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय इंदौर तथा डॉ. यूपीएस. भदौरिया, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, खंडवा, केवीके धार के वरिष्ठ विज्ञानी प्रमुख डॉ. एके बड़ाया केवीके अलिराजपुर के डॉ. आरके. यादव, उपसंचालक कृषि नगिन रावत तथा परियोजना संचालक आत्मा जीएस त्रिवेदी थे।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एसएन उपाध्याय, निदेशक विस्तार सेवाएं, आरवीएसकेवीवी, ग्वालियर ने की। साथ ही जिले के कृषि व संबंधित विभागों, संस्थाओं तथा एनजीओ के 10 अधिकारियों, 8 विज्ञानीानै व 10 कृषकों ने भाग लिया और आगामी कार्यक्रमों हेतु सुझाव दिए। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. आईएस तोमर ने केवीके की सलाहकार समिति की बैठक के उद्देश्य बताते हुए कहा कि आज के समय में मांग व आपूर्ति की परिस्थितियों को समझते हुए फसलों का चुनाव व उनके उत्पादन का समय तय करना आवश्यक है। जिससे उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके । साथ ही आपने दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में रहने वाले किसानों के लिए बाजार व कृषि जानकारी के लिए हेल्प डेस्क चलाने की बात कही। डॉ. एसआरके सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि उपयुक्त तकनीकों को कृषकों तक सरल सटीक व सुगम बनाकर व्यावहारिक रूप से दो तरफा संवाद के माध्यम से किसानों तक पहुचाने की बात की साथ ही उसमें आ रही परेशानियों को दूर करने की आवश्यकता बताई। डॉ. भदौरिया ने अपने उद्बोधन में फसल विविधिकरण, मौसम पूर्वानुमान अनुसार फसलों व उनकी किस्म के चयन की आवश्यकता बताई तथा जल संरक्षण व संग्रहण के लिए जन चेतना कार्यक्रम चलाने का सुझाव दिए।

विधिक साक्षरता शिविर में दी जानकारी

थांदला (नईदुनिया न्यूज) जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सेय्युदुल अबरार के मार्गदर्शन में सोमवार को ग्राम पंचायत गोरिया खादन में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष सचिन कुमार जाधव न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी थांदला तथा वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र जैन, मनोज चौहान अधिवक्ता व ग्राम पंचायत सरपंच भावसिंह डामोर, सचिव ग्राम पंचायत रसु भूरिया सहित कई ग्रामीणजन उपस्थित रहे है। विधिक साक्षरता शिविर का उद्देश्य समझाते हुए बताया कि ऐसे शिविरों से पक्षकारों को शीघ्र न्याय बिना समय गंवाए प्राप्त होता है तथा मोटर व्हीकल की धारा से संबंधित मामलों के बारे में बताया गया। जिससे बिना लाइसेंस के गाड़ी नहीं चलाना चाहिए तथा मोटरसाइकिल का बीमा पॉलिसी करवाना जरूरी होता है। 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों को गाड़ी नहीं चलाने देना चाहिए। मिडिएशन में दोनों पक्षों की बातों को महत्व दिया जाता है और मिडिएशन मामले के शीघ्र निराकरण के लिए प्रभावी प्रयास हैं। पक्षकार मिडिएशन की इस पहल का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा इस प्रक्रिया में सहयोग दें, जिससे प्रक्रिया के आशान्वित परिणाम प्राप्त हो।

Posted By: Nai Dunia News Network

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