Bird Flu in Madhya Pradesh: झाबुआ/थांदला (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गांव रुंडीपाड़ा के निजी पोल्ट्री फार्म के कड़कनाथ में मंगलवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। पोल्ट्री फार्म के एक किमी के दायरे में मौजूद 926 कड़कनाथ मुर्गे-मुर्गियां और चूजों को रात में मारकर दफना दिया गया है। बर्ड फ्लू को आगे बढ़ने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। बुधवार को पशु चिकित्सालय विभाग भोपाल की प्रयोगशाला से ज्वाइंट डायरेक्टर सुनील कुमार प्रणाम थांदला आए, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी फील्ड में उतर गई है।

मालूम हो कि थांदला क्षेत्र के रूंडीपाडा में स्थित इसी कड़कनाथ फार्म से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को रांची भेजने के लिए 2 हजार कड़कनाथ चूजे तैयार किए गए थे। बर्ड फ्लू की वजह से चूजे मर गए हैं। अब धौनी को यहां से चूजे नहीं भेजे जा सकेंगे।

कड़कनाथ की नस्ल खतरे में आने से मांग भी घट गई है। इस मौसम में कड़कनाथ का प्रतिमाह 30 लाख का व्यवसाय हो जाता था, क्योंकि देश के कई हिस्सो में कड़कनाथ जाता था। सरकारी सहित लगभग 60 कड़कनाथ पोल्ट्री फार्म जिले में हैं। इधर, खंडवा में कृषि विज्ञान केंद्र की हैचरी में कड़कनाथ मुर्गों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। दाना-पानी देने वाले भी बगैर मास्क व ग्लब्स के अंदर प्रवेश नहीं कर रहे। यहां 500 कड़कनाथ मुर्गे-मुर्गियां हैं, वहीं लगभग 600 चूजों का उत्पादन हर माह होता है।

यह है खासियत

कड़कनाथ नस्ल के मुर्गे-मुर्गी काले रंग के होते हैं। इसे जीआई टैग मिला हुआ है। यह नस्ल सिर्फ झाबुआ जिले में पाई जाती है। देश के सभी हिस्सों में इसकी मांग बनी रहती है। वजह यह है कि इसमें फैट व कोलेस्ट्रॉल कम होता है, वहीं आयरन ज्यादा होता है। ह्यूमिनिटी बूस्टर भी इसे माना जाता है, इसलिए कोरोनाकाल में इसकी मांग बढ़ गई थी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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