झाबुआ। क्षेत्र की दशा और दिशा बदलने वाली दाहोद-इंदौर व्हाया झाबुआ रेल परियोजना के लिए रेल बजट में 100 करोड़ रुपए का आवंटन दिया गया है। गुरुवार को जब रेल बजट संसद में प्रस्तुत किया गया तो पूरे क्षेत्र की निगाहें इस परियोजना को मिलने वाली राशि पर ही लगी हुई थी। इसके साथ ही मेघनगर, थांदला रोड और बामनिया स्टेशन पर भी सुविधाएं बढ़ाने का ऐलान किया गया है। कांग्रेस ने जहां आवंटन को बहुत ही कम बताया है, वहीं भाजपा ने स्वागत किया है।

रेल यहां के चुनाव में पिछले दो दशक से महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। 8 लोकसभा चुनाव इसी मुद्दे पर लड़े गए हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान स्वयं नरेंद्र मोदी ने झाबुआ आकर रेल परियोजना में हो रहे विलंब पर कांग्रेस सरकार को घेरा था। उधर कांग्रेस ने भी हमेशा रेल लाने का यहां पर वादा किया। दोनों पार्टियों की राजनीतिक कुश्ती के बीच हर वर्ष रेल बजट पर यहां की जनता निगाहें लगाए रखती हैं।

गुरुवार को एक बार फिर यहीं परिदृश्य नजर आया। जब रेल मंत्री सुरेश प्रभु संसद में रेल बजट प्रस्तुत कर रहे थे, तब यहां के लोगों की सबसे अधिक रुचि यही जानने में थी कि आखिर रेल परियोजना का क्या हो रहा है? क्या झाबुआ से इंदौर रेल चलते हुए वह अपने जीवनकाल में देख पाएंगे? इसके अलावा जिले के रेलवे स्टेशन मेघनगर, थांदला रोड और बामनिया को मिलने वाली सुविधाओं के ऊपर भी जनता की नजर थी। प्रतिदिन दिल्ली-मुम्बई रूट पर स्थित जिले के इन प्रमुख स्टेशनों से हजारों यात्री यात्रा करते हैं।

घोषणा पर गंभीर

क्षेत्रीय सांसद दिलीपसिंह भूरिया ने बताया कि रेल बजट में दाहोद-इंदौर रेल परियोजना के लिए 100 करोड़ का आवंटन दिया गया है। जल्द ही यहां रेल लाने की अपनी घोषणा पर गंभीरता से नरेंद्र मोदी सरकार कार्य कर रही है। जरूरत के हिसाब से आगामी समय में और अधिक आवंटन इस परियोजना के लिए दिया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द रेल परियोजना पूर्ण हो। इस परियोजना से इस क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री सुरेश प्रभु से यहां की रेल सुविधाओं के बारे में चर्चा की थी। दोनों ने ही रेल परियोजना शीघ्र ही पूर्ण करवाने का आश्वासन दिया है।

स्टेशनों को मिलेगी सुविधाएं

श्री भूरिया ने बताया कि रेल बजट में जिले के प्रमुख रेल स्टेशन मेघनगर, थांदला रोड व बामनिया के लिए भी सुविधाएं बढ़ाने की घोषणा की गई है। इन रेल स्टेशनों को विकास करते हुए यहां रेल यात्रियों की सुविधा के लिए अनेक कार्य होंगे।

फैक्ट फाइल

- दाहोद-इंदौर व्हाया झाबुआ रेल लाइन की परियोजना।

- 7 वर्षों में मामला अधिग्रहण प्रकाशन तक ही पहुंचा।

- 2008 में परियोजना का हुआ था शिलान्यास।

- 2011 में रेल लाने को कहा था।

- वर्ष-दर-वर्ष बढ़ती जा रही लागत।

- पूर्व में लागत थी 678.56 करोड़।

- अब हुई 1740 करोड़ से अधिक।

- इस बजट में मिले 100 करोड़।

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