पारा (नईदुनिया न्यूज)। झाबुआ जिले के अंचल ग्रामीण इलाकों में इन दिनों व्यापार का माहौल सूना-सूना हो गया है। चौतरफा कारणों से व्यापार-व्यवसाय प्रभावित हो रहा है वहीं बुधवार को शुरू हुई बारिश ने मानो मानसूनी रुख अपना लिया। पारा में गुरुवार को हाट-बाजार भरता है मगर लगातार रिमझिम बारिश के चलते आसपास के व्यापारी अपनी दुकानें लेकर नहीं आए, वहीं बारिश और ठंडी के माहौल के चलते ग्रामीण भी नदारद दिखे।

दैनिक उपयोग में आने वाली कई वस्तुओं के दामों में पांच से लेकर 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के कारण रिटेल व्यापारियों को माल बेचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई व्यापारियों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में ग्राहकों को महंगाई का कारण बताने पर भी व्यापार आसान नहीं होता है। कपड़ों से लेकर जूते-चप्पल तक के भावों में जीएसटी बढ़ने के कारण काफी वृद्धि हुई है।

पलायन के कारण गांव के गांव सुनसान

कहने को तो आदिवासी प्रधान झाबुआ जिले में सरकार द्वारा करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य करवाये जाते हैं जिनमे हजारों लोगों को मजदूरी की बात भी कही जाती है, लेकिन कोई भी सरकारी नीति पलायन को आज तक रोक नहीं पाई है। यहां तक कि चुनावों में एक-एक वोट का जुगाड़ करने वाले नेताओं को भी पलायन रोकने की कोई फिक्र नहीं होती है। लेकिन पलायन का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार करने वाले छोटे-छोटे दुकानदारों पर पड़ता है। पारा क्षेत्र से प्रतिदिन तीन से चार स्लीपर कोच भर-भरकर गुजरात की ओर लोग मजदूरी के लिए जा रहे हैं। यहां यक्ष प्रश्न यह भी आता है कि गुजरात में लाखों मजदूर खप रहे हैं वहीं मप्र के झाबुआ जिले के करोड़ों रुपये के काम बिना मजदूरों के कौन कर रहा है?

ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए खरीदी के बढ़ते प्रचलन के कारण भी अंचल में व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। चूंकि ग्राहकों को भी उचित दामों पर घर बैठे लगभग सभी प्रकार के सामान उपलब्ध हो जाते हैं जिसके कारण भी व्यापार प्रभावित हो रहा है। पारा जैसे छोटे ग्राम में पहले जहां ऑनलाइन डिलीवरी हफ्ते में एक बार हुआ करती थी वहीं अब प्रतिदिन तीन से चार डिलीवरी मेन आने लगे हैं। इसका मतलब साफ है कि अंचल के लोग भी धीरे-धीरे ऑनलाइन खरीदी की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। कई व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफार्म जिस तरह छोटे व्यापारियों का नुकसान कर रहे हैं तो सरकार को भी लाखों लोगों के बारे में इस दिशा में कुछ करने की आवश्यकता है।

पहले ही जहां छोटे और मझोले व्यापारियों के लिए व्यापार में कई तरह की समस्याएं आ रही हैं वहीं मौसम के मिजाज के चलते भी व्यापार में काफी नुकसान होता है। गुरुवार हाट होने से व्यापारियों को काफी उम्मीदें रहती हैं लेकिन अचानक हुई बारिश ने हाट बाजार में चलने वाले व्यापार पर पानी फेर दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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