थांदला (नईदुनिया न्यूज) जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सेय्युदुल अबरार के मार्गदर्शन में सोमवार को ग्राम पंचायत गोरिया खादन में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष सचिन कुमार जाधव न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी थांदला तथा वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र जैन, मनोज चौहान अधिवक्ता व ग्राम पंचायत सरपंच भावसिंह डामोर, सचिव ग्राम पंचायत रसु भूरिया सहित कई ग्रामीणजन उपस्थित रहे है। विधिक साक्षरता शिविर का उद्देश्य समझाते हुए बताया कि ऐसे शिविरों से पक्षकारों को शीघ्र न्याय बिना समय गंवाए प्राप्त होता है तथा मोटर व्हीकल की धारा से संबंधित मामलों के बारे में बताया गया। जिससे बिना लाइसेंस के गाड़ी नहीं चलाना चाहिए तथा मोटरसाइकिल का बीमा पॉलिसी करवाना जरूरी होता है। 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों को गाड़ी नहीं चलाने देना चाहिए। मिडिएशन में दोनों पक्षों की बातों को महत्व दिया जाता है और मिडिएशन मामले के शीघ्र निराकरण के लिए प्रभावी प्रयास हैं। पक्षकार मिडिएशन की इस पहल का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा इस प्रक्रिया में सहयोग दें, जिससे प्रक्रिया के आशान्वित परिणाम प्राप्त हो।

नलकूपों पर संसाधन लगाने की मांग

खवासा (नईदुनिया न्यूज)। क्षेत्र के गांव फलियों-फलियों की बसाहट में पेयजल का मुख्य स्रोत्र नलकूप है। ग्रामीणों को सालों से प्रेयजल नलकूपों से प्राप्त करने के लिए भारी मसकत करना पड;ती है। नलकूप से भारी भरकम हेडपंप हिलाकर एक मटकी पानी लेकर एक-दो किलोमीटर चलकर पेयजल प्राप्त करने की ग्रामीण महिलाओं की दिनचर्या रहती हैं।

जानकारी के अनुसार ग्राम परवाड़ा व अन्य पंचायतों में शासन द्रारा पेयजल योजना के लिए पेयजल टंकी व पाइप लाइन आदि संसाधन सालों पहले आवंटन किया जा चुका। सारे संसाधन भष्ट्राचार की भेट चढ़ गए। ग्राम परवाडा व भैरूपाडा की ग्रामीण महिला दुबलीबाई, सीता व संगीता ने बताया कि हमारे फलिए का हैंडपंप बहुत भारी चलता है। हमारे गांव के समीप राजस्थान के ग्राम पीपंलीपाडा में वहां की सरकार ने हेडपंप के समीप सौर उर्जा से बिजली वं नलकूप में विधुत पंप डालकर नलकूप के समीप पेयजल सग्रह के लिए छोटी पेयजल टंकी से नलों से पानी मिलता है। ऐसी व्यवस्था झाबुआ जिले में आवश्यक है। क्षेत्र की अनेक ग्राम पंचायतों में अनेक गांव जो कि फलियों-फलियों में बसे हुए हैं। इन रहवासियों के लिए नलकूप मुख्य पेयजल संसाधन रहता है। ग्रामीण महिला खेत-खलिहान का कार्य कर सुबह शाम पेयजल के जुगाड़ में जुट जाती है। महिलाओं ने सांसद गुमानसिंह डामोर व क्षैत्रीय विधायक वीरसिंह भूरिया व पंचायतों के सरपंच से नलकूप पर राजस्थान मॉडल अपना कर नलकूपों पर संसाधन लगाने की मांग की। पहल करे नलकूपों पर ससंधान के रखरखाव की जिम्मेदारी फलियों के रहवासी दें। ग्रामीण गर्मी में दर-दर भटक कर पेयजल की व्यवस्था में लगे रहते हैं।जिले में नलकूप पर संसधान जोड़ कर राजस्थान माडल अपनाने से ग्रामीणों को पेयजल समस्या से राहत होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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