झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। 33 दिन बाद झाबुआ की सूरत फिर बदलने लगी है। शहर में तेजी से अतिक्रमण बढ़ रहा है। पिछले माह 20 व 21 अप्रैल को बुलडोजर का खौफ चारों ओर दिख रहा था। उन दो दिनों में शहर के अधिकांश मार्ग अतिक्रमण मुक्त हो गए थे। शहर का बदला हुआ नजारा हर किसी ने पसंद किया था। इसी बीच अचानक अतिक्रमण हटाओ मुहिम बंद कर दी गई। बुलडोर का खौफ खत्म होने का असर यह है कि झाबुआ वापस वहीं पहुंचता हुआ नजर आ रहा है, जहां पहले हुआ करता था।

जिला प्रशासन ने इस वर्ष की शुरुआत से ही अतिक्रमण हटाने की योजना बनाना शुरू कर दी थी। तिथियां आगे बढ़ती गर्ईं। अंततः अप्रैल में मुहिम शुरू की गई। झाबुआ एसडीएम ने एक टीम बनाई । टीम में तहसीलदार के साथ नगर पालिका सीएमओ व थाना प्रभारी को इस बड़े कार्य को मैदानी अंजाम देने का दायित्व मिला। कलेक्टर व एसडीएम के निर्देशन में आरंभ हुई मुहिम की सराहना हुई, लेकिन वापस अब आम जनता निराश हो रही है।

ऐसे चली थी मुहिम

-20-21 अप्रैल को मुहिम चली

-04 बुलडोजर रहे मुहिम में

-02 दिनों में शहर बदला हुआ दिखने लगा

-200 के लगभग नोटिस दिए गए

यह रहा सीधा असर

-800-900 ठेलगाड़ियां हटीं

-500-600 गुमटियां हटीं

-20-25 मकान तोड़े

-100-150 शेड हटे

यह रहा अप्रत्यक्ष असर

-स्वेच्छा से ही अवैध कब्जे हटने लगे

-अतिक्रमणकारियों में बुलडोजर का खौफ दिखा

-बाहर से व्यवसाय करने आए कुछ वापस लौट गए

अचानक बंद हुई मुहिम

-दो दिनों के बाद ही मुहिम बंद हो गई

-राजनीतिक दबाव इसकी मुख्य वजह रहा

-आने वाले निकाय चुनाव का भय हावी हुआ

-अफसरों को तबादले की धमकी मिलने लगी

नाला दिखना वापस बंद हुआ

सिद्धेश्वर कालोनी आने-जाने के रास्ते पर नाला है, यह बहुत कम को पता था, क्योंकि वहां अवैध दुकानों ने कब्जा जमा लिया था। 2019 में मुहिम चली मगर सेटिंग के चलते इस क्षेत्र को छोड़ दिया गया। इस बार यहां बुलडोजर से सभी दुकानें हटवा दी गइर्। पहली बार नाला दिखने लगा। अब वापस अवैध कब्जे पूर्व की तरह हो रहे हैं। नाला दिखना वापस बंद हो चुका है।

आखिर सामान नहीं हटाया

कालेज मार्ग पर बने अवैध मकान तोड़ दिए गए, लेकिन कब्जे वहां से अब तक नहीं हटे हैं। टूटे हुए मकानों में घरेलू सामान रखा हुआ है और कब्जेधारी वहीं रह रहे हैं। इसी मार्ग पर दुकानें भी वापस अब फुटपाथ पर जमने लगी हैं।

दुकानें हटी, फ्लेक्स लगे

राजवाड़े पर दुकानें मुहिम के तहत हटवाई गईं। इसके बाद राजवाड़े की रंगत निखरी, मगर अब उक्त स्थान फ्लेक्स लगाने के काम में आ रहा है। शाम होते ही यहां ठेलगाड़ियां जम जाती हैं। सज्जन मार्ग व कब्रस्तान के समीप नगर पालिका की दुकानें हटवाने की मेहनत खराब हो चुकी हैं, क्योंकि अब वापस वहां दुकानें जमने लगी हैं। बस स्टैंड की सूरत कुछ सुधरी थी। मुहिम बंद होने के साथ ही बस स्टैंड में अतिक्रमण होने लगा है।

पत्र जारी कर रहा हूं

झाबुआ एसडीएम एलएन गर्ग का कहना है कि हटाए गए स्थानों पर फिर से अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। इस बारे में वे नपा सीएमओ को पत्र भेज रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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