-गौड़ी तीर्थ पर आज मनेगा जन्मकल्याणक महोत्सव-

'तीन तत्व, तीन रत्न और तीन

मित्र ही जीवन के तारण हार' झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

तीन तत्व प्रभु के चरण, गुरू का शरण व धर्म का स्मरण ही आपके जीवन का तारण हार हैं। जीवन में भी तीन ही मित्र होते हैं। पहला धन संपति जो कि सिर्फ अंतिम सांस तक ही आपके साथ रह सकते हैं। दूसरा मित्र परिवार होता है। वह सिर्फ श्मशान तक ही आपका सहयोग कर सकते है। तीसरा मित्र धर्म होता है, जो भवो-भवों तक साथ रहता है। यह तय करना है कि आपको किस मित्र के सान्निाध्य में ज्यादा देर तक रहना है।

यह बात साध्वी स्वर्णज्योतिश्रीजी ने सोमवार को गौड़ी पार्श्वनाथ मंदिर पर आयोजित प्रवचन में ही। गौड़ी मंदिर पर प्रभु पार्श्वनाथ के पंचकल्याणक महोत्सव के तहत कई धार्मिक आयोजन हुए। मंगलवार को प्रभु का जन्मकल्याणक महोत्सव मालवभूषण नवरत्नसागरजी की आज्ञानुवर्तिनी साध्वी कल्पज्योतिश्रीजी व साध्वी मंडल की निश्रा में मनाया जाएगा।

परस्पर क्षमा से होगा जीवन सार्थक

साध्वी प्रियलज्योतिश्रीजी ने चारों कषाय क्रोध, मोह, माया व लोभ का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें से एक साथी ही नर्क का रास्ता बता सकता है। हम तो हमारे संसारिक जीवन में इन चारों में से किसी एक का भी साथ नहीं छोड़ते है। परस्पर क्षमा ही आपके जीवन को सार्थक बना सकता है। महोत्सव के अंतगर्त दूसरे दिन बड़ी संख्या में एकासने हुए। जिसका लाभ भैय्याजी मार्केटिंग परिवार ने लिया। प्रभु आदेश्वर की पंच कल्याणक पूजन हेमेंद्र सूरी महिला मंडल, श्री राज ऋषभ, बहु मंडल व महिलाओं ने पढ़ाई। पूजन का लाभ मधुकर शाह परिवार ने लिया। अघ्म तप के आराधक अपनी आरधना में श्री गौड़ीजी तीर्थ पर लीन रहे।

आज होंगे कई कार्यक्रम

आचार्य तीथेंद्र सूरी समिति के संजय काठी व महोत्सव समिति के राजेंद्र राठौर ने बताया कि मंगलवार को पार्श्वजन्म कल्याणक महोत्सव के अंतर्गत सुबह वासक्षेप पूजन, स्नात्र पूजा व केसर पूजा होगी। 9.30 बजे साध्वीश्री के मंगल प्रवचन होंगे, जिसमें भगवान का जन्म भक्ति के साथ मनाया जाएगा। बामनवार तीर्थ द्वारा पेढ़ी उद्घाटन में सहयोगी परिवार को स्मृति चिन्ह भेंट किए जाएंगे॥ उसके बाद आरती व प्रभु की पंच कल्याणक पूजन होगी। पूजन का लाभ कमलेश कोठारी परिवार ने लिया। उत्तम जैन, सूर्यप्रकाश कोठारी आदि ने समाजजनों से कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया है।

'पांच चीजों के बगैर

बेकार है ये जीवन'

झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

जीवन में सुखी होने के लिए पांच चीजे जरूरी है- संतोष, स्नेह, विनय, संस्कार और समाधान। जीवन में पैसा कितना भी क्यों न हो, लेकिन संतोष नहीं है। अपनी इच्छाओं पर कंट्रोल नहीं है, रिश्तों में स्नेह नहीं है, जीवन में विनय, संस्कार और समाधान नहीं है तो जीवन बेकार है। यदि सुखी होना है तो हमेशा अपने से नीचे वाले व्यक्ति को देखो। नीचे वाले व्यक्ति को देखोगे तो सुखी रहोगे और अपने से ऊंचे व्यक्ति को देखोगे तो दिल में दर्द होगा।

ये प्रेरक उद्गार शनिवार को साध्वी स्वर्णज्योतिश्रीजी ने अपने प्रवचन के दौरान बावन जिनालय में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रिश्तों में यदि कभी उलझन आ जाए तो उसे सुलझा लेना चाहिए। कोई टूटे तो उसे सजाना सीखों, कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो। रिश्ते तो मिलते है मुकद्दर से बस उन्हें खूबसूरती से निभाना सीखो। रविवार को संघ पूजा सोहनलाल जैन ने की। प्रवचन में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष उपस्थित थे। श्रीसंघ के रिंकू रूनवाल ने बताया कि पार्श्वनाथ जयंती महोत्सव समिति के धारणा कार्यक्रम के तहत गौड़ी पार्श्वनाथ मंदिर पर साध्वीजी के प्रवचन होंगे।