-बामनिया में उमड़ा अणुभक्तों का सैलाब, बाहर से भी आए समाजजन-

40 साधु-साध्वियों की निश्रा में

चार नवदीक्षितों की बड़ी दीक्षा

-मालवकेसरी सौभाग्यमलजी की 121वीं जयंती भी मनी

बामनिया। नईदुनिया न्यूज

आचार्य प्रवर उमेशमुनिजी 'अणु' के सुशिष्य आगम विशारद, बुद्घपुत्र, प्रवर्तक गुरुदेव जिनेंद्रमुनिजी के मुखारविंद से गुरुवार को सिद्घार्थ गार्डन में नवदीक्षित प्रशस्तमुनिजी, समताजी, हंसाजी व प्रतिज्ञाश्रीजी की बड़ी दीक्षा हुई। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए कई क्षेत्रों से हजारों समाजजन बामनिया पहुंचे। समारोह में मालवा-निमाड़ और डूंगर अंचल के लगभग 30 श्रीसंघों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इसके साथ ही नवदीक्षितों के सांसारिक परिजनों सहित गुजरात और महाराष्ट्र कई समाजजन आए।

थांदला में दीक्षा होने के बाद परंपरानुसार चारों नवदीक्षितों की बड़ी दीक्षा बामनिया में हुई। सुबह प्रवर्तक जिनेंद्रमुनिजी और संत मंडल के साथ बड़ी संख्या में समाजजन नारेला रोड स्थित से महावीर स्थानक भवन से 'जय उमेश-जय जिनेंद्र' के जयकारों के साथ नगर के विभन्न मार्गों से होते हुए पेटलवाद रोड स्थित आयोजन स्थल सिद्घार्थ गार्डन पहुंचे। जहां प्रवचन के बाद चारों नवदीक्षितों की बड़ी दीक्षा व मालवकेसरी सौभग्यमलजी की 121वीं जन्म जयंती मनाई गई। इसके बाद गुणानुवाद सभा और ध्यान मांगलिक हुई।

बिना किसी तामझाम के सादगीपूर्ण हुआ आयोजन

चारों नवदीक्षित संत और मंडल के साथ आयोजन स्थल पहुंचे। बड़ी दीक्षा का आयोजन बगैर किसी तामझाम के अत्यंत सादगीपूर्ण तरीके से किया गया। कार्यक्रम स्थल पूरे समय श्रावक-श्राविकाओं से खचाखच था। चारों नवदीक्षित पाट के सामने विनय मुद्रा में खड़े थे। प्रवर्तक जिनेंद्रमुनिजी ने संकल्प पाठ उच्चारित करते हुए नवदीक्षितों को जीवनभर के लिए दसवें कालीनसूत्र के माध्यम से पांच महावर्तो का आरोपण करवाया।

आत्मकल्याण के लिए है संयम जीवन

बड़ी दीक्षा विधि के बाद प्रवर्तकश्री ने नवदीक्षितों को पहला उद्बोधन देते हुए कहा कि यह संयम जीवन आत्मा के कल्याण के लिए है। संयम जीवन में किस तरह से आचरण करना है इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। बड़ी दीक्षा में संयतमुनिजी 'अणुवत्स', धमेंद्रमुनिजी व साध्वी मधुबालाजी, धैर्यप्रभाजी, मुक्तिप्रभाजी, प्रेमलताजी, पुण्यशिलाजी आदि ठाणा सहित 40 मुनिश्री व साध्वी मंडल का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।

सभी का मिला सहयोग

पेटलावद रोड स्थित शिव मंदिर के पास बाहरे से आए समाजजनों के लिए स्वामीवात्सल्य रखा गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने गौतमप्रसादी ग्रहण की। पूरे कार्यक्रम में श्रीसंघ के साथ नवयुवक मंडल, अखिल भारतीय चंदना श्राविका संगठन, महिला मंडल, बालिका मंडल, अणु संस्कार पाठशाला के बच्चें, और मंदिरमार्गी, तेरापंथ सभा सहित नगरवासियों पूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन श्री वर्धमान स्थानक जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष विमल मूथा ने किया। आभार सचिव प्रदीप मांडौत ने माना। प्रभावना का लाभ अशोक व पवन पटवा परिवार ने लिया।

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