दत्तीगांव के पास हुई 75 लाख की लूट का पर्दाफाश

बदनावर-कानवन। नईदुनिया न्यूज

दत्तीगांव में 15 जनवरी को सराफा व्यापारी को लूटने वाले आरोपी ने खुलासा किया कि लूटे गए जेवरात को खपाने में जोबट और रतलाम के व्यापारी उसकी सहायता करते थे। खुलासे के बाद पुलिस जांच में लुटेरों और कतिपय व्यापारियों के बीच साठगांठ का पहलू भी शामिल हो गया है।

पुलिस ने मुख्य आरोपी रेवसिंह पिता दुर्जनसिंह निवासी बाण्दा थाना बाग, ग्राम सोनियाखेड़ी के जितंेंद्र, बीशन पिता जामसिंह निवासी करणपुरा जाली को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लूट के जेवरात जोबट के व्यापारी मुन्ना उर्फ विजय व दिनेश सोनी को बेचे थे। इसके बदले में व्यापारी ने मात्र 50 हजार रुपए ही दिए थे। बाकी रकम माल ठिकाने के लगाने के बाद देने का आश्वासन दिया था। आरोपी मुन्ना लंबे समय से चोरी व लूट का माल खरीदकर खपाने का काम करता है। अधिक माल होने पर उसे बेचने के लिए अपने भाई दिनेश सोनी को रतलाम भिजवाता था। इसके बाद पुलिस ने विजय व दिनेश को भी गिरफ्तार कर लिया है।

इस तरह हत्थे चढ़ा गिरोह

लूट का मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। इसके लिए एसपी बीरेंद्रकुमारसिंह, एएसपी अजयसिंह व रायसिंह नरवरिया व क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने टीम का गठन किया। तफ्तीश चल ही रही थी कि इस बीच टीम को मुखबिर की सूचना मिली। ग्राम सोनियाखेड़ी के जितंेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी ने बताया कि जब सरदारपुर जेल में बंद था। इसी दौरान उसने आरोपी रेवसिंह को सराफा व्यापारी के दसाई में दुकान लगाने की जानकारी उपलब्ध कराई थी। जेल से छूटने के बाद रेवसिंह को दुकान दिखाई थी।

इसके बाद पुलिस ने रेवसिंह के साथ बिशन को घेराबंदी कर पकड़ा। फिर पूछताछ के दौरान रेवसिंह व बीशन ने अपने अन्य साथी पानसिंह पिता लक्ष्मण निवासी ढ़िलवानिया, थावरिया पिता केरसिंह निवासी ढिलवानिया, समीर पिता शंकर निवासी पिपवाला थाना बाग, कापसिंह पिता थोबू निवासी कालीदेवी झाबुआ, हिम्मत पिता बीरसिंह निवासी परेठा, रगन पिता ठाकुर निवासी देलघाटा, कैलाश पिता ठाकुर निवासी देलघाटा, दिलीप पिता नागरसिंह निवासी वडकच्छ थाना टांडा व अन्य के साथ वारदात को अंजाम देना बताया।

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