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-संभल के : धराशायी हुए तो निर्दोषों को ले लेंगे चपेट में, वर्षा सत्र का अभी डेढ़ महीना बाकी

उम्र पूरी कर चुके एक पुल और दो पुलिया से बढ़ा खतरा

झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

अपनी उम्र कभी से पूरी कर चुके रियासत काल के 1 पुल व 2 पुलियाओं का जिला मुख्यालय पर उपयोग किया जा रहा है। यहां से सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिन वाहन निकल रहे हैं। यदि यह पुल-पुलिया धराशायी हो गए तो निर्दोष चपेट में आ जाएंगे। डेढ माह का वर्षा सत्र अब भी बचा है। ऐसे में खतरनाक साबित हो रहे इन पुराने पुल-पुलियों को आखिर क्यों चलाया जा रहा है, समझ में नहीं आ रहा है।

2004 में अनास नदी के इस पुल ने बरसात के कारण साथ छोड दिया था। डेढ माह तक रास्ता बंद रहा। उसी समय तकनीकी जानकारों ने कह दिया था कि रियासत काल में बना यह पुल अब कोई काम का नहीं है। 15 साल बाद भी इसी पुल को काम में लिया जा रहा है। बडी संख्या में वाहन यहां से निकल रहे हैं। नया पुल बनने में अभी काफी समय है। एक बार साथ छोड चुके इस पुल के वापस धराशायी होने की स्थिति बन सकती है। पहले रात में पुल का एक हिस्सा धसा था इसलिए जनहानि नहीं हुई। जरूरी नहीं कि हमेशा रात में ही ऐसी घटना हो।

पुराना ही काम में लिया

19 करोड़ रूपए खर्च करते हुए नगर पालिका ने उत्कृष्ट रोड बनाया। ठीक कलेक्टर बंगले के पास में दो नई पुलिया का निर्माण होना था। निर्माण एजेंसी ने एक पुलिया नई बना दी और दूसरी पुरानी ही रहने दी। बूढी हो चुकी यह पुलिया काफी पहले से जर्जर स्थिति में है। यहां से शहरवासी दिनभर आना-जाना करते हैं। मासूम बच्चे भी इसी पुलिया से होकर स्कूल जाते है। पिछले दिनों एक टैंकर पुलिया से नीचे जा गिरा था। अपनी उम्र पूरी कर चुके पुलिया को अब भी नए पुलिए की तरह काम में लिया जा रहा है।

उपेक्षा ही उपेक्षा

झाबुआ के कुरैशी कंपाउंड में यह पुलिया राजाओं ने बनाई थी। पिछली बारिश में एक हिस्सा गिर भी गया था। थोडा बहुत काम करके पुलिया की उपेक्षा कर दी गई। यहां से राहगीर व वाहन चालक बाजार आना-जाना करते हैं। इस पुलिये का पहले एक हिस्सा रात के अंधेरे में ही गिरा था। दिन में ऐसा हुआ होता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। इस बरसात में भी यह पुलिया लगातार खतरे का संकेत दे रही है।

बॉक्स...

एक्सपर्ट व्यू

खतरे से खाली नहीं

ठेकेदार मनमोहन शाह का कहना है कि 80-90 वर्ष पूर्व राजाओं ने यह पुल-पुलिया बनवाई थी। अपनी उम्र यह निर्माण कार्य कभी से ही पूरी कर चुके हैं। 2004 में अनास की पुलिया को उन्होंने ही दुरुस्त किया था। उस समय ही उन्होंने बता दिया था कि आगे इनको चलाना खतरे से खाली नहीं है। निर्माण कार्य का आधार ही कमजोर हो जाए तो फिर कभी-भी कुछ अनहोनी हो सकती है। इस तरफ गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

दिखवाते हैं

नगर पालिका सीएमओ एलएस डोडिया का कहना है कि इस मामले में दिखवाते हैं।

18 जेएचए 15- अनास नदी का यह पुल अपनी उम्र पूरी कर चुका है।

18 जेएचए 16- कलेक्टर बंगले के पास का यह पुराना पुलिया खतरनाक है।

18 जेएचए 17- कुरैशी कंपाउंड की इस पुलिया से कभी भी हादसे की आशंका है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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