गणेश मूर्तियों का विसर्जन : देर रात तक गूंजते रहे 'अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारे, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उमड़े-

बारिश में भी झांकियां और अखाड़े देखने उमड़ा जनसैलाब

झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

राजवाड़ा चौक में पिछले 85 वर्षों से मनाए जा रहे सार्वजनिक गणेशोत्सव में गुरुवार की रात धूमधाम के साथ गणेश विसर्जन समारोह के अवसर पर नयनाभिराम झांकियों व अखाड़े के साथ नगर में जुलूस निकाला गया। जिले में जहां-तहां बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नजर नहीं आया।

मंडल के अध्यक्ष राजेन्द्र अग्निहौत्री तथा महा सचिव नानालाल कोठारी की अगुवाई में रात 8 बजे से निकले भव्य चल समारोह में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए ग्रामीणजनों ने भी भाग लिया। सायंकाल 7.30 बजे पं. जैमिनी शुक्ला तथा भागवत शुक्ला द्वारा मंत्रोच्चार के साथ श्रीगणेशजी के बिदाई के अवसर पर अभिषेक तथा पुजा अनुष्ठान संपन्ना करवाया। गणपति बप्पा मोरिया के गगनभेदी जयघोष के साथ भगवान को रथ में विसर्जन के लिए बिराजित किया गया। खाचरौद से लाई गई भीम का अहंकार चुर करते हनुमान की स्वचालित झांकी की नगरवासियों ने प्रसंशा की। वहीं त्रिवेणी परिवार के सुशील पण्डा तथा जयेन्द्र बैरागी द्वारा महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पंचजन्य शंख बजाते हुए अर्जुन को युद्ध के लिए प्रेरित करने तथा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन का सारथी बन कर महाभारत में अपनी भूमिका के सजीव चित्रण को भी दर्शकों ने काफी सराहा।

बैंड-बाजों तथा ढोल ताशों के संगीत के साथ चल समारोह राजवाड़ा चौक से रवाना हुआ और खाचरौद से मठ व्यायामशाला के उस्ताद गुरु कन्हैयालाल के नेतृत्व में 85 सदस्यीय अखाड़ा टीम द्वारा एक से बढ कर करतम दिखाए। थांदला गेट, बस स्टेंड पर भी बरसते पानी के बीच भी अखाडा तथा चलित झांकियों को लोग निहारने के लिये इन्तजार करते दिखाई दिये।

सार्वजनिक गणेश मंडल द्वारा खाचरौद से आई चलित झांकी के प्रमुख अजय पुरोहित तथा उनकी टीम, मठ व्यायामशाला खाचरौद के उस्ताद कन्हैयालय, अध्यक्ष रमेश खमोरिया और सचिव दिनेश एक्या तथा त्रिवेणी परिवार के जयेन्द्र वैरागी तथा सुशील पण्डा का मंडल की ओर से प्रतिक चिन्ह देकर सार्वजनिक सम्मान किया गया। पूरे मार्ग पर जगह-जगह आतिशबाजी भी की गई। सार्वजनिक गणेश मंडल की झांकियों तथा चल समारोह ने नगर में एक इतिहास बना दिया।

गणेश विसर्जन चल समारोह में मंडल के अध्यक्ष राजेन्द्र अग्निहौत्री, महा सचिव नानालाल कोठारी, संरक्षक डा.केके त्रिवेदी, भागवत शुक्ला, नीरजसिंह राठौर, अजय सोनी,लालसिंह चौहान, ऋतुराजसिंह राठौर, बहादुर भाटी, राजेन्द्र सोनी, हर्ष भट्ट, जितेन्द्र शाह, बाबूभाई अग्निहौत्री, जितेन्द्र अग्निहौत्री, जयदीप सोलंकी, शमीउद्दीन सेयद, सत्यदेव शर्मा, दिलीप आचार्य, देवेन्द्र अग्निहोत्री, मनीष व्यास, सुनील चौहान, अशोक शर्मा, अजय रामावत, रामगोपाल सोनगरा, सुरेश कांठी, सौभाग्यसिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की। रात 11.30 बजे भगवान गणेशजी की मूर्ति को रंगपुरा स्थित अनास नदी पर विधिविधान से पूजा आरती के बाद रविराजसिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मूर्ति का विसर्जन किया। गणेश मंडल के राजेन्द्र अग्निहौत्री तथा नानालाल कोठारी ने 11 दिवसीय गणेशोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी का आभार माना।

आरती बाद निकला चल समारोह

कस्तूरबा मार्ग में विराजमान झाबुआ के राजा का गुरुवार को दोपहर 1.30 बजे चल समारोह निकालकर रंगपुरा स्थित अनास नदी पर क्रेन की मद्द से भव्य मूर्ति का विसर्जन कार्यक्रम संपन्ना हुआ। 10 दिवसीय गणेशोत्स पर्व के तहत झाबुआ का राजा ग्रुप द्वारा प्रतिवर्ष बड़ौदा से गजाजनजी की भव्य मूर्ति तैयार बुलवाई जाती है और 10 दिनों तक मूर्ति को कस्तूरबा मार्ग में विराजमान कर रात्रि में महाआरती कर महाप्रसादी का वितरण किया गया। अंतिम दिन 12 सितंबर को अनंत चर्तुदशी पर दोपहर 1 बजे बप्पा की विदाई आरती बाद कस्तूरबा मार्ग से डीजे और ढोल के साथ विसर्जन चल समारोह आरंभ हुआ। डीजे पर धार्मिक भजन तथा बप्पा के विदाई गीत प्रस्तुत किए। इसके पीछे जेकेआर ग्रुप के सभी सदस्य एक जैसी वेशभूषा में कुर्ता-पजामा और सिर पर सफेद टोपी पहनकर चले। सबसे पीछे ट्रेक्टर में झाबुआ के महाराजा की मूर्ति विराजमान रहीं।

लड्डुओं और ठंडाई का प्रसाद किया वितरित

तुलसी गली स्थित अति प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर पर श्री राम गणेश मंडल द्वारा स्थापित विघ्नहर्ता गणेश तथा संकट मोचन खेड़ापति हनुमानजी की बुधवार रात एकसाथ महाआरती हुई। बाद महाप्रसादी के रूप में सभी भक्तों को लड्डुओं और ठंडाई का प्रसाद वितरित किया गया। विशेष आकर्षण में बड़नगर का ब्रास बैंड रहा, जिनके कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। श्री राम गणेश मंडल के गोपाल सोनी तथा अंकुश कांठी ने बताया कि 10 दिवसीय गणेशोत्सव पर्व के तहत बुधवार रात बप्पा की महाआरती का आयोजन रखा गया। पूरे मंदिर तथा परिसर को दुल्हन की तरह ब्लूनस और रंग-बिरंगे पर्दों से सुसज्जित किया गया। श्री राम गणेशजी की मूर्ति के सम्मुख 1111 लड्डुओं का भोग लगाया। रात ठीक 9 बजे सर्वप्रथम प्रथम पूज्य गणेशजी की महाआरती की गई। बाद खेड़ापति सरकार की महाआरती का सभी ने लाभ लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में जमकर आतिशबाजी भी हुई। साथ ही बड़नगर के ब्रास बैंड तथा झाबुआ के बैंड की सुंदर और मनमोहक प्रस्तुति भी सराहनीय रहीं। महाआरती मंदिर के सेवक प्रकाश त्रिवेदी ने संपन्ना करवाई।

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साढ़े 6 लाख नगद और 5 तोला सोने से सजाया

शहर के छोटे तालाब स्थित श्री मनकामेश्वर गणेश मंडल पर 11 दिवसीय गणेशोत्सव पर्व के नवे दिन बुधवार रात गणेशजी की भव्य मूर्ति को श्री मनकामेश्वर गणेश मंडल के सभी सदस्यों ने करीब 6.50 लाख के नोटों और 5 तोला सोने से सुसज्जित किया। बुधवार रात विघ्नहर्ता की महाआरती करने का लाभ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की जिला महिला इकाई ने लिया। बुधवार को श्री मनकामेश्वर गणेश मंडल के सक्रिय सदस्यों में अरविन्दसिंह सांकला, प्रदीपसिंह सांकला, जगदीश पंवार, विक्रमसिंह सांकला, सुनील पंवार, सुजानसिंह सांकला, मयंकसिंह, दिलीप कंडारा, राहुल राठौर, सौरभ राठौर, देवेन्द्र पूरी गोस्वामी, अर्पित चौहान, घनश्याम राठौर, पंकज चौहान, मोंटी तोमर, भावेश चावड़ा आदि ने सांकला परिवार के सौजन्य से आकर्षक श्रृंगार किया।

साढ़े 9 किलो लड्डुओं से तौला भाग्यवधर्नी को

मंडल के सदस्य अरविन्द सांकला की पुत्री भाग्यवधर्नी सांकला को सांकला परिवार की ओर से तराजू में साढ़े 9 किलो लड्डुओं से तोला गया। इसके बाद रात ठीक 9.15 बजे गणेशजी की महाआरती आरंभ हुई। इसका लाभ अभा क्षत्रिय महासभा महिला की जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना राठौर के नेतृत्व में संगठन मंत्री देवकन्या सोनगरा, कार्यकारिणी सदस्यों में दिपीका, स्वीटी चौहान, स्मृति भट्ट सहित अन्य महिलाओं ने लिया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शामिल हुए। बाद महाप्रसादी के रूप में लड्डू, कैले और ककड़ी का वितरण समिति के सदस्यों ने किया। जिसका लाभ डॉ. अर्चना राठौर ने लिया।

गणेशजी की मिट्टी का उपयोग पौधों में करेंगे

लक्ष्मीनगर कॉलोनी में लक्ष्मीनगर विकास समिति द्वारा प्रत्येक त्यौहार तथा पर्व उल्लास और आनंद के साथ मनाए जाते है। इसी क्रम में 10 दिवसीय गणेशोत्सव पर्व भी हर्षोल्लासपूर्वक तथा गजानन की भक्ति और आस्था के साथ मनाया गया। यहां दो मूर्तिएं स्थापित की गई, एक पीओपी के गणेशजी तथा एक इको फ्रेंडली गणेशजी। समिति के अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर तथा सचिव अमित शर्मा के नेतृत्व में अनंत चतुर्दशी पर गुरुवार को दोपहर पीओपी से निर्मित गणेशजी का चल समारोह निकालकर मूर्ति का विसर्जन पूरे उत्साह के साथ रंगपुरा अनास नदी पर किया गया। चल समारोह लक्ष्मीनगर से आरंभ हुआ, जिसमें लक्ष्मीनगर विकास समिति के सभी पदाधिकरी-सदस्य के साथ रहवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आगे डीजे और उसके पीछे युवा वर्ग नृत्य करते हुए तथा गुलाल उड़ाते हुए सभी को उत्साह देखते ही बना।

मिट्टी का उपयोग पौधों में होगा

लक्ष्मीनगर विकास समिति अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर तथा वरिष्ठ प्रमोद मिश्रा ने बताया कि लक्ष्मीनगर विकास समिति हमेशा अपने कार्यक्रमों में एक नया संदेश अवश्य देती है। संकल्प ग्रुप संयोजक भारती सोनी तथा उनकी टीम द्वारा निर्मित करीब 4 फीट ऊंचाई के इक्को फे्‌रंडली गणेशजी की मूर्ति भी लक्ष्मीनगर में स्थापना हेतु रखी थी। इस मूर्ति का जलाभिषेक कर रात में छप्पन भोग लगाया गया। राठौर तथा मिश्रा के अनुसार इस मूर्ति से निकली मिट्टी का सदुपयोग समिति द्वारा लक्ष्मीगनर कॉलोनी में रहवासियों के आंगनों में लगे पौधों में किया जाएगा, ताकि बप्पा का आजीवन स्वरूप पौधों के माध्यम से तथा उनके आशीर्वाद के रूप में घरों में विराजमान रहेगा।

13 जेएचए 05 - झाबुआ में विघ्नहर्ता को लगाया गया लड्डुओं का भोग।

13 जेएचए 06 - झाबुआ में साढ़े 6 लाख के नोटों और 5 तोला सोना से श्रृंगारित मनकामेश्वर गणेशजी।

13 जेएचए 28 - झाबुआ में खाचरौद के अखाड़ा दल ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए।

13 जेएचए 29 - श्रीकृष्ण-अर्जुन के रथ की जीवंत झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

13 जेएचए 30 - झाबुआ में चलित झांकी को भी खूब सराहना मिली।

चल समारोह निकालकर नम आंखों से दी विदाई

पेटलावद। अनंत चतुर्दशी पर विभिन्ना पांडालों में सजी झांकी समितियों द्वारा जुलूस निकालकर गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया गया। शाम को निकले चल समारोहों की वजह से रातभर झांकी समितियों के कार्यकर्ताओं ने मूर्तियों का विसर्जन किया। गुलाल से सडक़े रंग गई।

पोखर में भी विसर्जन

समितियो ने नगर परिषद द्वारा बनाए गए नियत स्थान (पोखर) में गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया। यहां पूरे समय सीएमओ एलएस राठौड़ सहित उनकी टीम व्यवस्थाएं संभाले हुए थे। व्यवस्था में कहीं कोई चूक न हो इसके लिए एसडीएम एमएल मालवीय, टीआई दिनेश शर्मा, तहसीलदार मुकेश काशिव, नायब तहसीलदार जितेंद्र अलावा ने भी स्थल का निरीक्षण समय-समय पर किया।

13 पीईटी 5 पेटलावद में कई श्रद्धालुओं ने नदी पर बने घाटों पर किया गणपति बप्पा का विसर्जन।

बारिश के बावजूद शाही ठाठ और

लाव-लश्कर के साथ निकले बप्पा

बरवेट। नईदुनिया न्यूज

श्री गणेश मित्र मंडल के तत्वाधान में बस स्टैंड पर श्री गणेश मंदिर में मूर्तियों के विसर्जन के साथ दस दिनी महोत्सव का समापन हुआ। मंदिर से बप्पा लाव लश्कर के साथ निकले। दो बैंड-बाजे, एक डीजे और ढोल-ताशों के साथ अपनी-अपनी झांकियों के आगे नृत्य करते हुए निकले। लोगों ने पहली बार ऐसा नजारा देखा।

सार्वजनिक स्थान हमीरगढ़ रोड़, निमचोक नया पूरा, अंबिका गली और सजेलिया ग्राम से ट्रैक्टर में झाकियां सजाकर बेंड बाजे और डीजे के साथ हजारों की तादात में नृत्य करते हुए बस स्टैंड पहुंचे। जहां पर बस स्टैंड के राजा गजानंद देवा तथा श्री गणेश मित्र मंडल द्वारा सभी झांकियों का स्वागत किया। पं. अशोक त्रिवेदी ने मंत्रोपचार के साथ पूजा अर्चना की। महाआरती का लाभ समिति के सदस्य ईश्वर पाटीदार, लोकपलसिह राठौर, पूनमचंद पाटीदार, बाबूलाल पांचाल, सुनील पांचाल, रामलाल पाटीदार, तेजमल पाटीदार आदि ने लिया। इस अवसर पर पारस पाटीदार, बबलू पाटीदार, सरवन पाटीदार, पुष्पेंद्र पाटीदार, लोकेंद्र पाटीदार, देवेंद्र गोड, श्याम प्रजापत, कमलेश पाटीदार, नारायण पाटीदार, मांगीलाल पाटीदार, संजय परमार आदि उपस्थित थे।

बारिश होने पर बढ़ा उत्साह

जैसे ही बैंड-बाजों के साथ बस स्टैंड के राजा अपने धाम को जाने के लिए झांकी में बैठकर निकले वैसे ही बारिश प्रारम्भ हो गई। बारिश प्रारम्भ होते ही भक्तों का उत्साह और बढ़ गया। बप्पा के चल समारोह में बरसते पानी में डीजे और बेंड पर खूब नृत्य किया। इसके बाद पेटलावद रोड़ पर विसर्जन किया।

13 जेएचए 10 - बरवेट में बप्पा की विदाई के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब।

13 जेएचए 12 - बरवेट में बस स्टैंड के राजा झांकी में विराजमान।

80 से अधिक झांकियों का कारवां

लोक गायकों की शानदार प्रस्तुतियां

कालीदेवी। नईदुनिया न्यूज

गांव में प्रमुख आकर्षण था दिनेश मित्र मंडल छापरी द्वारा प्रथम बार विशाल चल समारोह का आयोजन। सबसे पहले हाथी, मोहनखेड़ा से आए ऊंट, घोड़े और साज धजा रथ जिसमें रायपुरिया से आए धर्मगुरु जितेंद्रनंदजी महाराज विराजमान थे। उसके पीछे गुजरात से आया राठवा नर्तक दल आकर्षण प्रस्तुति दे रहा था। जिसे देख आसपास ग्रामीण इलाकों से आए ग्रामीण अति उत्साहित हो रहे थे। चल समारोह में अर्जुन आर मेड़ा तथा दिव्य ठाकुर लोकगीत गायक द्वारा आदिवासी गीतों की आकर्षक प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।

आदिवासी गीतों को सुन आदिवासी युवा और युवतियां थिरकते हुए चल समारोह में चल रहे थे। चल समारोह दोपहर 3 बजे हनुमान मंदिर छापरी प्रांगण से शुरू हुआ और नगर भ्रमण करते हुए मुख्य मार्ग से होते हुए कालीदेवी पहुंचा। जहां ग्राम पंचायत कालीदेवी पर चल समारोह का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। चल समारोह नगर के मुख्य मार्गों से होता हुआ दशहरा मैदान पहुंचा, जहां मुख्य रूप से उपस्थित सांसद गुमानसिंह डामोर, जिला भाजपा अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, सांसद प्रतिनिधि रामा दिनेश अमलियार, मंडल अध्यक्ष बापूसिंह भूरिया, मदनसिंह भूरा, उत्तम जैन, कांतिलाल डावर, लालसिंह गामड़, मानसिंह कटारा, नारायण राणे, दिनेश श्रीवास्तव, हेमराज भूरिया, करणसिंह अमिलियार, करणसिंह वसुनिया उपस्थित थे। समापन अवसर पर सांसद ने सभा को संबोधित किया। सभी को इस ऐतिहासिक चल समारोह को सफल बनाने के लिए बधाई दी।

विश्व हिंदू परिषद ने भी निकाली झांकियां

कालीदेवी में स्व. खूमसिंहजी महाराज के पुत्र कमल महाराज आदिवासी धर्मगुरु के द्वारा प्रत्येक वर्ष अनुसार इस वर्ष भी गणेशजी की झांकियां विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से निकाली गई। इसमें आसपास ग्रामीण इलाकों से 50 से अधिक झांकियां शामिल हुई। चल समारोह और सभी झांकियों को भाजपा मंडल की ओर से प्रसाद वितरित की गई। उसके बाद सभी झांकियां गणेश विसर्जन के लिए अपने-अपने ग्राम पहुंची। कालीदेवी में मुख्य रूप से माताजी मंदिर कालीदेवी बाल गणेश मंडल रोटला रोड, रिद्धि-सिद्धि विनायक गणेश मंडल महावीर कॉलोनी, पिपलेश्वर महादेव मंदिर गणेश मंडल रामा, डूंगरी फलिया गणेश मंडल दशहरा मैदान आदि झांकियां निकली। सुरक्षा की दृष्टि से थाना प्रभारी सुरेंद्रसिंह गडरिया, एडिशनल एसपी विजय डावर, तहसीलदार प्रवीण ओरिया, सब इंस्पेक्टर अशफाक खान, प्रधान आरक्षक ज्ञानसिंह, मनोज जोशी, हल्का पटवारी छत्तरसिंह मेरावत, कोतवाल रक्षा समिति के सदस्य, डीआरपी लाइन झाबुआ से पुलिस बल दिनेश मित्र मंडल के सैकड़ों कार्यकर्ता सुरक्षा का इंतजाम देख रहे थे।

13 जेएचए 13 - कालीदेवी में विसर्जन चल समारोह में उमड़ा जन सैलाब।

13 जेएचए 14 - कालीदेवी में गुजरात से राठवा नर्तक दल रहा आकर्षण का केंद्र।

13 जेएचए 15 - कालीदेवी में चल समारोह में शामिल हुए सांसद, भाजपा जिलाध्यक्ष तथा भाजपा कार्यकर्ता।

गणेश मंदिर की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं

मेघनगर। रिमझिम बारिश के बाद भी यहां पर श्रद्धालुओं में गणेश विसर्जन को लेकर काफी उत्साह नजर आया। गणेश मंदिर की विशेष रूप से सजाई गई झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। इन झांकियों में अभिमन्यु द्वारा चक्रव्यूह में प्रवेश कर युद्ध करने का दृश्य दिखाया गया। इसमें द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, दुशासन आदि कौरव सेना द्वारा घेरकर अकेले अभिमन्यु पर प्रहार करते हुए जीवंत झांकी दर्शाई गई।

रामनगर। गणेश मित्र मंडल द्वारा डीजे की धुन पर विसर्जन जुलूस निकाला गया। जुलूस मे मंडल के सदस्य गरबा रास करते हुए चल रहे थे। समिति द्वारा एक दिन पहले ही झांकियां बनाना शुरू कर दी गई थी। विसर्जन जुलूस में कोई अपने सिर पर रखकर बप्पा को विसर्जित करने जा रहा था तो कोई अपनी बाइक पर झांकी बनाकर ले जा रहा था। ग्रामीण अंचलों में 10 दिनों तक गणपति बप्पा के गुणगान चल रहे थे।

रामगढ़। दस दिवसीय गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया। उसके बाद अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के दौरान गांव में ट्रैक्टरों पर झांकी सजाकर डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए गांव गणेशजी की झांकी निकाली गई।

हरिनगर। गांव में डीजे की धुन पर नाचते-गाते विसर्जन जुलूस निकाला गया। इसमें हर गांव की 10 से 12 ट्रैक्टर-ट्रॉली के अंदर झांकियां थीं। जुलूस गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आना के नारों के साथ तालाब किनारे पहुंचा और गणपति बप्पा की आरती कर विसर्जन किया गया।

13 जेएचए 25 - मेघनगर में गणेश मंदिर की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

13 जेएचए 16 - रामनगर में श्रद्धालु गरबा रास करते हुए चल रहे थे।

13 जेएचए 17 - रामगढ़ में ट्रैक्टर में बच्चों ने भी आकर्षक झांकी सजाई।

13 जेएचए 27 - हरिनगर में धूमधाम से निकाला गया विसर्जन जुलूस।

400 से अधिक झांकियां निकलीं

थांदला। नईदुनिया न्यूज

सेवा भारती द्वारा धर्म का अलख जगाते हुए गणपति बप्पा के विसर्जन की पूरी विधि सम्पन्ना करवाई गई। इसके बाद सभी एक साथ मुख्य मार्गों में चल समारोह निकला। अपने गंतव्य की ओर निकट आने वाली नदी में गणेशजी का विसर्जन किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद सहित सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने पुष्पवर्षा करते हुए 400 से अधिक झांकियों का स्वागत सम्मान किया। ज्योतिष द्वारकाप्रसाद, पं. कांतिलाल पाठक, पं. गौरव दुबे, पं. प्रवीण भट्ट के मुताबिक, अनंत चतुर्दशी को गणेशजी को ठीक उसी प्रकार विदा करना चाहिए, जैसे घर से कोई व्यक्ति तीर्थयात्रा पर निकलता है। इससे 10 दिनों तक किए गए पूजा अर्चना का पूरा फल मिलता है। सेवाभारती के अलावा विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस, हिन्दू महासभा भी अपनी अपनी झांकियों से साथ चल समारोह में शामिल हुई। विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।

13 जेएचए 26 - थांदला के दशहरा ग्राउंड पर जनसमुदाय के बीच लाई गई झांकियां।

13 जेएचए 35 - कुशलगढ़ में गणेशजी का विसर्जन हर्षोल्लास से किया गया।

13 जेएचए 36 - पिटोल के गणेशजी को मोद नदी में विसर्जित किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network