-अंचल तरबतर : अब तक 45 इंच, पिछले साल से 20 इंच ज्यादा बरस चुका पानी, 2013 में 50 इंच था आंकड़ा, आज स्कूलो में अवकाश-

नदी-नाले उफने, दस वर्षों का टूट सकता है रिकॉर्ड

झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

पिछले एक सप्ताह से बारिश का दौर चल रहा हैं। गुरुवार सुबह से रात तक बारिश का दौर थम गया था। गुरुवार रात 10 बजे से शुक्रवार शाम तक लगातार बारिश का दौर चल रहा था। जिले में अब तक 45 इंच के करीब बारिश हो चुकी है। पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक बारिश 2013 में 1250 मिमी यानी 50 इंच बारिश हुई थी। इस वर्ष अब तक 45 इंच बारिश हो चुकी है। आगामी दिनों में इसी तरह बारिश का दौर चलता रहा तो पिछले दस वर्षों का रिकार्ड भी टूट सकता है। लगातार हो रही बारिश से जिले के नदी नाले उफान पर है। भारी बारिश के चलते बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने जिले के शासकीय, अशासकीय सहित आंगनवाड़ी केंद्रों का शनिवार को अवकाश घोषित किया है।

2013 में 1250 मिमी यानी 50 इंच बारिश हुई थी। उसके बाद 2016 में 44 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस वर्ष अब तक 1123 मिमी यानी 45 इंच के करीब बारिश हो चुकी है। अभी भी लगातार बारिश का दौर जारी है। शहर से सटी अनास नदी उफान पर बह रही हैं। जिले की प्रमुख नदियां भी लगातार बारिश से अपना रौद्र रूप दिखा रही है।

टूट सकता है 2013 का रिकॉर्ड

वर्ष कुल बारिश

2008 623.6

2009 696

2010 773.8

2011 993.8

2012 983.3

2013 1250.5

2014 796

2015 691.9

2016 1099

2017 951.7

2018 766.9

2019 1123.3 (अब तक)

(आंकड़े भू- अभिलेख के अनुसार मिमी में)

कहां कितनी बारिश

केंद्र अब तक पिछले वर्ष

झाबुआ 1076.6 788.8

रामा 1449.0 820.6

थांदला 1304.8 625.9

पेटलावद 1100.0 635.6

रानापुर 868.0 535.0

मेघनगर 941.4 516.2

जिले में अब तक 1123.3

पिछले वर्ष अब तक 637.0

(आंकड़े भू-अभिलेख के अनुसार मिमी में)

विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित

गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश तथा आगामी दिनों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने जिले के समस्त शासकीय-अशासकीय, केंद्रीय विद्यालय तथा सीबीएससी संबंद्ध विद्यालयों के विद्यार्थी तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में शनिवार का अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश विद्यार्थियों के लिए रहेगा।

13 जेएचए 31 - झाबुआ में लगातार बारिश से अनास नदी लबालब है।

नदी-नालों का फिर बढ़ा जलस्तर

पेटलावद। सतत बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। निचली बस्तियों की सड़कों पर पानी भराव के हालात बने। राजापुरा में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से सड़कों पर नालियों का पानी बह निकला और सड़क पर घुटने तक पानी भर गया। वहीं साई मंदिर गली, कुंज गली, तलावपाड़ा, राममोहल्ला, माधव कॉलोनी सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।

भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 47.4 मिमी (2 इंच करीब) बारिश दर्ज की गई। अब तक कुल 1116.4 मिमी (44 इंच) बरसात दर्ज हो चुकी हैं। वहीं गत वर्ष कुल बारिश का आंकड़ा 613.2 मिमी (24 इंच) पर ही अटक गया था जबकि गत वर्ष अभी तक कुल वर्षा 536 मिमी (21 इंच) हुई थी यानी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग 23 इंच बरसात क्षेत्र में अधिक हुई हैं। वहीं शुक्रवार को सुबह से लेकर दिनभर हुई बारिश ने 2 इंच का यह आंकड़ा 4 इंच पार कर दिया। नदी किनारे बसे गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

13 पीईटी 1 पेटलावद में भारी बारिश के कारण पंपावती नदी पूरे शबाब पर है।

13 पीईटी 3 पेटलावद में बारिश का कहर निचले इलाकों में ज्यादा दिखा।

फसलों को नुकसान

रामनगर। सतत बारिश से टमाटर, मिर्ची की फसलों में नुकसान के आशंका व्यक्त की जा रही है। सोयाबीन के खेतों में पानी भरने और होने वाली संभावित नुकसान को देखते हुए ज्यादा बरसात की वजह से फसलों का उत्पादन 10 से 15 प्रश तक के नुकसान को रोक पाना मुश्किल होगा। फसलों का कुल आंकड़ा पिछले वर्ष से कम रहने की आशंका है। मक्का, सोयाबीन, टमाटर, मिर्ची और कपास जैसी मुख्य फसलों में बारीक इल्ली का आंशिक प्रकोप देखा गया है।

किसानों की चिंता बढ़ी

रामगढ़। गुरुवार शाम 7 बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर रातभर रुक रुककर चलता रहा। शुक्रवार सुबह 6 बजे से बारिश ने एकदम अपना तेज तेवर दिखाना शुरू कर दिए। इससे नदी-नाले उफान पर आ गए। लाड़की नदी भी दिनभर उफान पर रही। ग्राम देहंडी की नदी के पुल पर भी पानी पहुंच गया। फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर निकलते हे। दोनों ओर वाहनों की कतारें भी लग गई। लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।

दाहोद में पटरियां डूबीं

मेघनगर। नगर में बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे और आसपास के तालाब, नदी-नाले लबालब हो गए। फसलों को नुकसान होने की आशंका है।े मजदूरों और फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। निजी तथा शासकीय अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। रेलवे प्लेटफार्म सुनसान नजर आए। लगभग सभी ट्रेनें नियत समय पर चली। निकटवर्ती स्टेशन दाहोद में पटरियां डूब गई। पूरे प्लेटफॉर्म पर जलजमाव की स्थिति देखी गई।

13 जेएचए 19 - मेघनगर से लगे दाहोद स्टेशन में पटरियां पूरी तरह डूब गईं।

माही डेम के 6 गेट खोले

करड़ावद। झमाझम बारिश से नदी-नाले उफान पर है। सड़कों पर भी पानी भर गया। खेत-खलियान भी अछूते नहीं रहे। फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। विशेषकर सोयाबीन, टमाटर, मिर्ची आदि पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्राम टेमरिया में भी बुरे हाल हैं। लाड़की नदी भी उफान पर है। माही डेम लबालब होने से शुक्रवार को इसके 6 गेट खोलना पड़े।

13 जेएचए 20 - करड़ावद में शुक्रवार को खोले गए माही डेम के गेट।

13 जेएचए 21 - करड़ावद में लाड़की नदी में उफान से टेमरिया का करवड़ से संपर्क टूट गया।

रातभर में 2 इंच रिकॉर्ड बारिश

थांदला। सतत बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अधिकांश दुकानों के शटर डाउन ही रहे। स्कूलों में भी अधिकांश बच्चों ने छुट्टी मनाई। शासकीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 1304.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जो पिछली बार हुई 626.6 मिमी दोगुनी से भी अधिक है। बीती एक रात में ही 46 मिमी से ज्यादा रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। नदी-नालों का बहाव उफान पर है जबकि कुएं, तालाब, बावड़ी और ट्यूबवैल ओवरफ्लो हैं। खेतों में पानी भरने से फसल गलने की आशंका के चलते पैदावार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

13 जेएचए 22 - थांदला में सतत बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। यहां रातभर में रिकॉर्ड 2 इंच बारिश दर्ज की गई।

13 जेएचए 23 - थांदला में खेत जलमग्न होने से फसलों पर खतरा मंडरा रहा है।

24 घंटे में 2 इंच, सुनार नदी उफनी

कालीदेवी। यहां भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है और फसलें भी बर्बाद होने के कगार पर हैं। पिछले 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हो चुकी है। इससे सुनार नदी उफान पर रही। शुक्रवार बाजार के दिन भी सन्नााटा पसरा रहा। कृषि विभाग के जीएस वसुनिया के अनुसार काली जमीन की 25 प्रश मक्का की फसल को नुकसान हुआ है। सोयाबीन और कपास की फसलों में भी आंशिक नुकसान देखा गया है।

13 जेएचए 18 - कालीदेवी में 24 घंटे में 2 इंच बारिश के बाद सुनार नदी उफान पर आ गई।

चारों ओर पानी ही पानी

रानापुर। नईदुनिया न्यूज

नगर में पिछले तीन दिनों से चारों ओर पानी ही पानी हो गया। 24 घंटे में 15 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसे मिलाकर कुल 878 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है। सतत बरसात से बाजार में सन्नााटा पसरा है।

13 जेएचए 24 - रानापुर में बस स्टैंड पर चहल-पहल नहीं के बराबर है।

13 जेएचए 37 - कुशलगढ़ (राजस्थान) में भी सतत बारिश से नदियां उफान पर आ गई हैं।