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कश्मीर को बचाने वाले शहीदों के

परिजन का झाबुआ करेगा सम्मान

-29 को चल समारोह में कश्मीर में योगदान देने वालों को भी आमंत्रित करेंगे

झाबुआ। नईदुनिया प्रतिनिधि

कश्मीर देश का अभिन्ना अंग है। इसको देश से जोड़े रखने के लिए 7 दशक में कई जवानों ने अपनी जान को न्योछावर किया है। शहीद जवानों के परिवारों को झाबुआ बुलाकर सम्मानित किया जा रहा है। इसके अलावा ऐसे देशभक्तों को भी खोजा जा रहा है, जिन्होंने कश्मीर को देश के साथ जोड़े रखने में अपना अमूल्य योगदान दिया है। इन सभी का नागरिक अभिनंदन 29 सितंबर को झाबुआ में किया जाएगा। मौका रहेगा नवरात्र के पहले दिन निकलने वाले चल समारोह का। इस अभिनंदन समारोह की हजारों की संख्या में भीड़ साक्षी बनेगी। इस वर्ष कश्मीर के थीम पर ही आयोजन रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि 2006 से राजगढ नाका नवरात्र महोत्सव समिति माताजी की घटस्थापना गाजे-बाजे के साथ कर रही है। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर एक बडा चल समारोह भी निकाला जाता है। चल समारोह में आने के लिए गांव-गांव जाकर प्रचार वाहन न्यौता देते हैं। भालवा आवजो की गुंज लगातार चलती रहती है। लगातार समिति की बैठकें इस आयोजन को लेकर हो रही है। आयोजन के महत्व को स्वीकार करते हुए जिला प्रशासन अब नवरात्र के प्रथम दिन शासकीय अवकाश भी रखने लगा है।

यह रहता है खास

- 07 घंटे तक शहर में निकलता है चल समारोह

- 14-15 राज्यों के सांस्कृतिक दल आते हैं

- 03 स्थानों पर होती है सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

- 50 हजार से अधिक भीड हर साल समारोह देखने आती है

- 300 के करीब कार्यकर्ता जूटे रहते हैं व्यवस्था में

14 सालों में पैर जमाए

14 सालों में इस आयोजन ने अपनी ख्याती राष्ट्रीय स्तर तक कर ली है। आयोजन को लेकर श्रावण मास से ही तैयारियां शुरू कर दी जाती है। जन्माष्टमी से बैठकों का दौर चल पडता है। आयोजन को लेकर लगातार तैयारी की जाती है। झाबुआ से जुडे लगभग 80 गांव और इसके अलावा जिले व आसपास के क्षेत्रों से हर साल बडी संख्या में लोग चल समारोह देखने के लिए आते है। शहर में जगह-जगह दिनभर भीड उमडती रहती है। हर वर्ष आयोजन की कुछ थीम रहती है। इस बार कश्मीर को थीम बनाया है।

लगातार कर रहे हैं चर्चा

कश्मीर को लेकर इन दिनों समिति तैयारी कर रही है। ऐसे देश भक्तों को खोजा जा रहा है जिन्होंने कश्मीर के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया हो। कश्मीर को बचाने के लिए शहीद हुए जवानो के परिवारों से भी चर्चा की जा रही है। शीघ्र ही समिति का प्रतिनिधि मंडल स-सम्मान आमंत्रण देने के लिए उनके घर पहुंचेगा। 29 सितंबर को सभी को झाबुआ बुलाते हुए यहां उनका नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।

14 जेएचए 35- झाबुआ में नवरात्र के पहले दिन चल समारोह निकालने की परंपरा है। -फाइल फोटो