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अब घर में नर्मदा : सरदार सरोवर डूब प्रभावितों का दर्द छलका, मदद का इंतजार

जहां बरसों गुजार दिए, वह घर कल को साथ न होगा

आलीराजपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ये हैं जिले की सोंडवा तहसील के दूरस्थ अंचल रोली गांव के चंद्रशेखर राठौर। इनके पिता यहां साल 1966 में बसे थे। तब यह इलाका मुख्यधारा से बेहद कटा था। फिर भी उन्हें रोली ही अपना घर-गांव लगता था। 80 के दशक में पता चला कि यह इलाका सरदार सरोवर बांध के कारण नर्मदा नदी में डूब जाएगा। तब से ही यह टीस थी कि जिसे सालों से अपना घर माना, वह कल को साथ नहीं होगा। सरकार ने विस्थापन के लिए मदद का भरोसा दिया, मगर दशकों बीत जाने के बाद अब तक भी पूरी मदद नहीं मिल पाई है। हाल यह हैं कि अब इन परिवारों के घर तक बैकवाटर पहुंच चुका है।

सरदार सरोवर डैम के बैकवाटर क्षेत्र में ऐसी कहानी नई नहीं है। यहां ऐसी कई कहानियां बिखरी पड़ी हैं। डैम से प्रभावित होने वाले कई परिवार अब भी शासन की पूरी मदद का इंतजार कर रहे हैं। रोली गांव के चंद्रशेखर बताते हैं कि उनके पिता शोभाराम राठौर 1966 से गांव में निवास कर रहे थे। उनके तीन और भाई हैं। एकाएक बताया गया कि घर खाली करके जाना होगा। कहां, यह पता नहीं और कै से यह भी नहीं। तमाम कवायदों के बाद साल 1992 में सरकार ने 49 हजार रुपए का मुआवजा दिया। इसके बाद जमीन के लिए लंबी लड़ाई लड़ी । आखिरकार निमरनी के पास 30 बाय 50 के दो प्लॉट दिए गए, जबकि पात्रता अनुसार 60 बाय 90 वर्गफीट के दो प्लॉट मिलने थे। वहीं पात्रता के हिसाब से 5.80 लाख रुपए का पैके ज मिलना था। इन सुविधाओं के लिए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के पुनर्वास कार्यालय पर चक्कर लगा रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही। अफसर कहते हैं कि तुम पात्र नहीं हो। इस बारिश में नर्मदा का पानी घर तक आ पहुंचा है।

कु ुछ यही स्थिति कु कड़िया गांव के जितेंद्र राठौर की है। उनकी यहां 1966 से कि राना की दुकान थी। डूब प्रभावित क्षेत्र में आने के बाद एक-एक कर आशियाने उजड़ते चले गए। साल 2011 में आशियाना छोड़ना पड़ा। जितेंद्र को भी मदद के नाम पर सिर्फ 50 हजार रुपए दिए गए। पूरी मदद के लिए वे अब भी चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

प्रभारी मंत्री आज करेंगे दौरा : जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल बुधवार को आलीराजपुर जिले के दौरे पर आएंगे। वे शाम करीब 4 बजे सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र ककराना पहुंचेंगे। प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। शाम 5 बजे से यहां से कु क्षी के लिए प्रस्थान करेंगे।

* 17एएलआई 19 - रोली गांव में घर के भीतर तक पहुंचा पानी।

प्रभावितों की पीड़ा : 26 गांव डूब गए, सरकार कह रही हो चुका पुनर्वास

- डेम प्रभावितों ने रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

- उचित मुआवजे और पुन? सर्वे की मांग

आलीराजपुर। सरदार सरोवर डेम से प्रभावित लोगों ने मंगलवार को यहां रैली निकालकर प्रदर्शन कि या। प्रभावितों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना के मनमानीपूर्वक डेम को 138.68 मीटर तक भरने के कारण 26 गांव डूब गए हैं। यहां सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं पहुंची। उलटा सरकार कह रही है कि 100 प्रतिशत पुनर्वास हो चुका है।

नर्मदा बचाओ व आदिवासी बचाओ समिति व आदिवासी आलीराजपुुर के बैनर तले यह प्रदर्शन कि या गया। रैली निकाल नारेबाजी की गई। इसके बाद कलेक्टोरेट पर प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यहां प्रभावितों का कहना था कि डैम में 138 मीटर पानी भरे जाने से कई आदिवासी परिवारों की जिंदगी तहस-नहस हो चुकी है। कई घर डूब चुके हैं। फसलें जलमग्न हैं। बैकवाटर के स्तर को देखकर साफ है कि पूर्व में सही सर्वे नहीं कि या गया। इस कारण फिर से सर्वे कि या जाए, साथ ही प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।

पुलिस अधीक्षक सहित अन्य राजस्व अधिकारियों ने कि या निरीक्षण

आलीराजपुर। पुलिस अधीक्षक विपुल श्रीवास्तव, एसडीओपी पुलिस, एसडीएम सोंडवा, तहसीलदार सोंडवा सहित पटवारी और अन्य मैदानी अमले ने आलीराजपुर जिले के तहत डूब प्रभावित ग्रामों का अवलोकन करते हुए स्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दल ने ककराना, झंडाना, रोलीगांव, कु कडिया आदि ग्रामों का भ्रमण करते हुए व्यवस्था और स्थिति देखी। झंडाना, चमेली, ककराना में लोगों की आवागमन सुविधा की दृष्टि से दो अतिरिक्त नाव, पटवारी, कोटवार, सचिव, जीआरएस की ड्यूटी लगाई गई है। क्षेत्र में फसल नुकसानी के लिए पटवारी, ग्रामसेवक, सचिव की संयुक्त टीम गठित कर सर्वे कर दस दिनों में रिपोर्ट पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राहत कै ंप में भी डूब प्रभावित क्षेत्र के रुकने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। स्थल पर एमडीएम को भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही छह-छह होमगार्ड जवान दिन रात की ड्यूटी पर तैनात कि ए गए है। साथ ही क्षेत्र में विद्युत सप्लाय सुनिश्चित करने संबंधित निर्देश देते हुए डही विद्युत फीडर से संपर्क कर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।

* 17एएलआई 10 - डूब प्रभावित ग्राम का भ्रमण कर ग्रामीणों से चर्चा करते हुए पुलिस अधीक्षक विपुल श्रीवास्तव।