शरद पूर्णिमा आज : मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन, बंटेगा खीर का प्रसाद

चंद्रमा के प्रकाश में होगा भक्ति का उल्लास

पेटलावद। नईदुनिया न्यूज

शरद पूर्णिमा उत्सव रविवार को मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे वहीं अंबिका चौक में गरबा खेला जाएगा। श्रद्धालु भी मां की आराधना में सुबह से लीन रहेंगे। नगर सहित ग्रामीण अंचल के प्रमुख माता मंदिरों में दर्शन के लिए जगह-जगह से भक्त पहुंचेंगे। भद्रकाली माता मंदिर सहित देवी मंदिरों में पैदल पहुंचकर भक्त मातारानी के दर्शन करेंगे।

ज्योतिष के अनुसार शरद पूर्णिमा पवित्रता का दिन है। इस दिन इलेक्ट्रॉनिक आयटम, वाहनों या अन्य वस्तुओं की खरीदी को शुभ माना गया है। पंडित नरेंद्र नंदन दवे बताते हैं कि इस दिन खरीदी चीजें या घर लाए सामान पवित्र होते हं। ऐसे में किसी भी मुहूर्त या काल-विशेष का फर्क नहीं पड़ता। शरद का अर्थ चंद्रमा से है। वैसे तो हर चीज की खरीदी से लाभ होता है। मगर इस दिन विशेषकर रजत रंग (सिल्वर) से मिलती चीजें और धातुु में चांदी खरीदना विशेष लाभकारी होता है। इस दिन चांदी खरीदना विशेष लाभकारी होता है। इस दिन चांदी दान करने से भी कई दोषमुक्त होते हैं।

चिकित्सा की दृष्टि से भी है खास

शरद पूर्णिमा को चिकित्सा संबंधी परेशानियों का हल करने और पूजन के लिए विशेष माना जाता है। आयुर्वेद में भी कहा है कि शरद पूर्णिमा पर चांद के समक्ष स्नान करने से गुस्सा, जल व वायु संबंधी विकार और मन में व्याप्त असंतुष्ट विचारों से मुुक्ति मिलती है। शरद पूर्णिमा की रात में चंद्र को अर्घ्य देकर खीर का भोग अवश्य लगाना चाहिए। हो सके तो खीर के बर्तन को छत पर आंगन में खुले में रखना चाहिए ताकि चंद्र की ऊर्जा खीर में आ सके। ज्योतिष के अनुसार इस दिन चंद्र की ऊर्जा रोज से 100 गुना अधिक और शांत होती है। ऐसे में उस प्रसादी को खाने से मन में शांति के साथ बुद्धि का विकास होता है।

* 12 पीईटी 2 : पेटलावद के अंबिका माता मंदिर पर होगी विशेष पूजा-अर्चना।

कवि सम्मेलन आज

पारा। सार्वजनिक गणेश मंडल के तत्वावधान में शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को बस स्टैंड पर कवि सम्मेलन का आयोजन रखा गया है। इसमें देश के प्रसिद्ध हास्य कवि पंकज जोशी देवास, प्रसिद्ध भजन लेखक शिव शैलेन्द्र यादव धार, श्रृंगार की कवयित्री सुनीता पटेल जबलपुर, रूपसिंह हाड़ा राजस्थान, कृष्ण पालसिंह भीकनगांव, रूपेश राठौड़ धार, विष्णु विश्वास खाचरौद, राहुल तोमर बाकानेर कविता पाठ करेंगे। झाबुआ की उभरती प्रतिभा तुषार राठौड़ कवि सम्मेलन के सूत्रधार होंगे।