-अंचल में बस हड़ताल का व्यापक असर, ऑटो और अन्य वाहन चालकों ने भी संभाला मोर्चा

झाबुआ। निजी बस चालक-परिचालक संघ के आह्वान पर गुरुवार को निजी बस के साथ ही अन्य वाहनों के चक्के थमे रहे। हड़ताल के चलते यात्री परेशान हुए और आम लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। हड़ताल का समर्थन ऑटो, जीप सहित अन्य वाहन चालकों ने भी किया। दोपहर बाद संघ के सदस्यों ने रैली निकालकर कलेक्टर डॉ. अरुणा गुप्ता को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

चालक-परिचालकों का कहना था कि संघ के सदस्यों की विभिन्न समस्याएं हैं, जिनसे समय-समय पर प्रशासन को अवगत करवाया गया है, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। पिछले वर्ष भोपाल में चालक-परिचालक महापंचायत 17 फरवरी को हुई थी। इसमें कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की गई थी। प्रमुख रूप से सस्ता राशन, बच्चों को छात्रवृत्ति योजना, आकस्मिक मृत्यु पर तत्काल धनराशि, आवास योजना आदि शामिल हैं। 18 माह बीत जाने के बाद भी यह योजना अब तक लागू नहीं हो पाई है जबकि परिवहन विभाग से मिले निर्देश के बाद चालक-परिचालकों ने अपने दस्तावेज कार्यालय में जमा कर दिए हैं। संघ सदस्यों ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों की तरह ही निजी बस चालक-परिचालकों का बीमा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति व धन-जन योजना में करवाया जाए। केंद्र सरकार का परिवहन मोटर गाड़ी विधान में संशोधन कर दुर्घटना केस की धारा 304 ए को संशोधित कर 304 बी में बदला जा रहा है, जो वाहन चालक के हित में नहीं है, इसे तत्काल रोका जाए। संघ ने 8 सूत्री मांगें ज्ञापन में रखी हैं।

भटकते रहे यात्री

हड़ताल के चलते झाबुआ बस स्टैंड पर एक भी निजी बस गुरुवार को दिखाई नहीं दी। जानकारी के अभाव में कुछ यात्री बसों का इंतजार करते रहे। कर्मचारी अपने कार्यालय व अन्य स्थानों पर अपने निजी वाहनों से पहुंचे।

वाहन रोककर मांगा समर्थन

संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर निकल गए थे। विजय स्तंभ पर विभिन्न वाहन चालकों को रोककर हड़ताल का समर्थन करने की बात कही। संघ अध्यक्ष सैयद सोनू अली, उपाध्यक्ष हाजी लाला पठान, अय्यूब भाई आदि ने विभिन्न वाहन चालकों से हड़ताल को लेकर समर्थन मांगा।

ऑटो भी नहीं चले

संघ की हड़ताल का समर्थन ट्रक चालक संघ, जीप चालक संघ, टाटा मैजिक चालक, ऑटो रिक्शा चालक संघ, स्कूल बस चालक संघ तथा हम्माल संघ ने दिया। स्कूल वाहन नहीं चलने से विद्यार्थी स्कूल तक नहीं पहुंच पाए। कई विद्यार्थी अपने निजी वाहन से स्कूल गए।

डेढ़ सौ बसों का संचालन ठप

आलीराजपुर। जिले में भी गुरुवार को चालक-परिचालक संघ द्वारा की गई हड़ताल का व्यापक असर नजर आया। निजी बसें तो पूरी तरह बंद रहीं। वहीं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आह्वान पर ट्रकों के पहिए भी थम गए। यहां तक की टेम्पो व जीप चालकों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया। जिले में करीब 150 यात्री बसों का संचालन ठप रहा, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल होने से बस स्टैंड सहित पेट्रोल पंप, टोल नाकों आदि पर भी सन्नााटा रहा। सुबह से ही चालक-परिचालक संघ के सदस्य सक्रिय थे। बस स्टैंड पर संघ सदस्यों ने धरना दिया। दोपहर 3 बजे करीब बस स्टैंड से ही रैली निकाली गई, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची, जहां पर कलेक्टर शेखर वर्मा को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन का वाचन संघ के सचिव भरत मोदी ने किया। आभार जिलाध्यक्ष पीयूष तंवर ने माना। इस मौके पर संघ के इस्लामुद्दीन पठान, देवेंद्र टेलर आदि उपस्थित थे।