Jhabua News: यशवंतसिंह पंवार, झाबुआ। गुजरात विधासभा चुनाव में चुनाव पड़ोसी जिले दाहोद की गरबाडा विधानसभा सीट इस समय सबसे हाट बनी हुई है । वजह यह है अपने अस्तित्व में आने के बाद से यहां कभी भाजपा नहीं जीत पाई है। कांग्रेस की चंद्रिका बेन बारिया का यह मजबूत गढ़ माना जाता है। फिलहाल इस गढ़ को ढहाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मैदान में उतरे हैं। मंगलवार को वे खुद गरबाडा आए और भाजपाइयों से चर्चा की । खास बात यह है कि गरबा.डा विधानसभा सीट सीधे तौर पर झाबुआ व आलीराजपुर जिले से जुड़ी हुई है। उक्त दोनों जिले से जुड़े 55 मतदान केंद्र संघर्ष की स्थिति में निर्णायक भूमिका अदा करेंगे।

आदिवासी मतदाताओं पर नजर

गृहमंत्री शाह ने मंगलवार को गरबाडा में सभा भी की । उन्होंने आदिवासी मतदाताओं को लुभाने के लिए अनेक जनजातीय कल्याण योजनाएं गिना डाली । उन्होंने कहा कि भाजपा ही आदिवासियों के मान-सम्मान की रक्षा कर रही है। मानगढ़ में स्मारक बना, वहीं देश को आदिवासी राष्ट्रपति भी दिया गया है । विकास की दौड़ में गरबा.डा को सबसे आगे रखने का भरोसा दिलवाते हुए उन्होंने मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया ।

कांग्रेस का अभेद्य किला

गरबा.डा विधानसभा सीट पहले लिमखेड़ा के साथ थी तो कांग्रेस की चंद्रिका बेन ही जीतीं । 2012 में लिमखेड़ा से अलग होकर जब गरबा.डा अलग सीट बनी तो यहां चंद्रिका बेन ने बाजी मारी और 2017 के चुनाव में भी अपना करिश्मा जारी रखा। इस बार कांग्रेस का यह अभेद्य किला भाजपा के टारगेट में है । पूर्व विधायक का सकारात्मक पहलू यह है कि उनकी मैदानी पकड़ व राजनीतिक छवि मजबूत है । नकारात्मक पहलू यह है कि क्षेत्र अभी विकास की तलाश में है, बस भाजपा इसी बिंदु को भुना रही है।

मध्यप्रदेश का असर

इस विधानसभा सीट की सीमा झाबुआ जिले के नहारपुरा, भीम,भां.डाखेड़ा, कुंदनपुर, कंजावानी व आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर,बरझर,कट्ठीवाड़ा आदि से सीधे जुड़ी हुई है । करीब 55 मतदान केंद्रों को सीधे दोनों जिले की हवाएं प्रभावित करती हैं। गरबा.डा में संघर्ष की स्थिति बनती है तो यही 55 मतदान केंद्र निर्णायक होंगे । कांग्रेस से कोई नहीं है, लेकिन भाजपा ने झाबुआ के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेष दुबे व बड़वाह के जितेंद्र सुराना को यहां समन्वय का महत्वपूर्ण दायित्व दे रखा है।

एक नजर में

- 2 लाख 68 हजार 490 मतदाता

- 296 मतदान केंद्र

- 05 दिसंबर को मतदान

- 07 उम्मीदवार मैदान में

यह है खास

- 03 क्षेत्र में गरबाडा विधानसभा विभाजित है

- 96 मतदान केंद्र दाहोद ग्रामीण में

- 146 मतदान केंद्र गरबाडा तालुका में

- 54 मतदान केंद्र धानपुरा तालुका में

- 07 उम्मीदवार मगर टसल दो में ही

किन में है मुकाबला

आप ने नाड्डेलवा सरपंच शैलेष भाबोर को मैदान में उतारा है, मगर मुकाबला भाजपा-कांग्रेस में ही मुख्य रूप से माना जा रहा है। कांग्रेस अपनी पूर्व धाकड़ विधायक के भरोसे है, वही विकास का सपना आदिवासी मतदाताओं को दिखाते हुए भाजपा अपने प्रत्याशी महेंद्र भाबोर को गांधीनगर भिजवाने के लिए हरसंभव दम लगा रही है।भाजपा के समन्वयक दुबे व सुराना का दावा है कि इस बार गरबा.डा में मतदाता बदलाव चाह रहे हैं, क्योंकि विकास नहीं हो पाया है । वे जानते हैं कि विकास सिर्फ एक ही पार्टी कर सकती है, इसलिए इस बार एक नया इतिहास रचेगा। दाहोद जिले की महिला कांग्रेस अध्यक्ष रुपाली परमार का दावा है कि चंद्रिका बेन जनता की प्रत्याशी हैें, वे हमेशा जनता के हक के लिए लड़ती हैं । कितने भी प्रलोभन व झूठे वादे कोई कर ले, लेकिन जनता सच्चाई जानती है।वह अपनी ला.डली नेता को ही समर्थन देगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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