पट्टी पर....

ईश्वरवाद

महामारी पर आस्था भारी, तीन मई तक चलेगी आराधना

-ग्रामीण प्रतिदिन कर रहे माताजी की पूजा-अर्चना, कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना

भूपेंद्रसिंह गौर - झाबुआ (नईदुनिया)।

कोरोना जैसे वायरस को दूर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों पूजा-अर्चना का सहारा लिया जा रहा है। ग्रामीण सावन माता व शीतला माता के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे है। अब इसे आस्था कहें या अंधविश्वास, लेकिन ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए काफी उत्साहित है। उनका कहना है कि ऐसा करने से जिले में कोरोना से महामारी नहीं फैलेगी। प्रतिदिन ग्रामीण शाम को माताजी स्थान पर एकत्रित होते है और आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर कोरोना को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। यह दौर पिछले 25 मार्च से जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य 3 मई तक वे सतत करते रहेंगे।

जिला मुख्यालय से सटे कई गांवों में पिछले दो पखवाड़े से ग्रामीण प्रतिदिन सावन माता व शीतला माता के विराजित स्थान पर पहुंच रहे है और पूजा-अर्चना के साथ ही हवन आदि कर रहे हैं। इस कार्य में महिलाएं भी उनका सहयोग कर रही हैं। जिले के कई गांवों में प्रतिदिन शाम को माताजी स्थानों पर पूजा-अर्चना का दौर शुरू होता है। गांव के प्रमुख पूजा-अर्चना के दौरान लॉकडाउन के नियमों का विशेष ध्यान रखते है। उनका कहना है कि पूजा-अर्चना व हवन से इस बीमारी को दूर किया जा सकता है।

पूजा से महामारी दूर होने का भरोसा

ग्राम ढेबर के सरपंच अनसिंग का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी को दूर करने के लिए ढेबर, छोटी ढेबर, काकरा डूंगरा, सातबिल्ली, उंडवा जैसे गांवों में पिछले 25 मार्च से ग्रामीण सावन माता व शीतला माता की पूजा -अचर्ना कर रहे हैं। पूजा-अर्चना व हवन से कोरोना जैसी महामारी से मुक्ति मिल सकती है। शाम को प्रतिदिन माता जी स्थानों पर लोग बारी-बारी से पहुंचते है और पूजा-अर्चना व हवन करते है। पूजा-अर्चना के दौरान लॉकडाउन के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है। जब-जब इस प्रकार की गांव में भी महामारी फैलती है, तब -तब ग्रामीण इसी तरह पूजा-अर्चना कर भगवान से प्रार्थना करते है कि इस महामारी को दूर करे। इसीलिए ग्रामीण यह कार्य कर रहे है।

एक्सपर्ट व्यू

बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

वरिष्ठ प्राध्यापक समाजसेवी नीरजसिंह राठौर का कहना है कि पूजा-पाठ व हवन करने से सकारात्मक विचारों की क्षमता बढ़ जाती है। पूजा-अर्चना के बाद लोगों में उत्पन्ना होने वाला डर समाप्त हो जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है। हवन करने से वातावरण शुद्ध हो जाता है। सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इन दिनों लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे स्थान पर शारीरिक दूरी के साथ ही लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह पालन होना भी आवश्यक है।

19 जेएचए 15 - झाबुआ के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए कर रहे पूजा-अर्चना।

Posted By: Nai Dunia News Network

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