-पारा-झाबुआ मार्ग पर घाटी के नीचे फिर हुई वारदात

पारा (झाबुआ)। पारा-झाबुआ मार्ग पर गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे झाबुआ से पारा आ रहे ग्राम नवापाड़ा के जोगेंद्रसिंह रावत जो कट्ठीवाड़ा ब्लॉक के कदवाल में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी पद पर कार्यरत हैं, पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर मारपीट की और उनसे नकदी व जरूरी कागजात लूटकर भाग गए। हमले में रावत की बेटी भी घायल हुई है। पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया, लेकिन वे फसलों की आड़ में अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

ये वारदात पारा से महज एक किमी दूर पारा-झाबुआ मार्ग पर झाबुआ घाटी के नीचे हुई। बदमाशों ने डॉक्टर से 7000 रुपए, बाइक का रजिस्ट्रेशन कार्ड, एटीएम, आईडी कार्ड, आधार कार्ड आदि छीनकर भाग गए। मारपीट और पथराव के दौरान वे जोगेंद्र रावत को घसीटते हुए सड़क से दूर खंती में ले जाकर हत्या के इरादे से गला दबाने लगे। इस पर उन्होंने शोर मचाया। इस बीच पास में ही गश्त कर रहे पारा के पुलिस जवानों ने शोर सुनकर टॉर्च की रोशनी मारी तो डर के मारे बदमाश निकल भागे। जोगेंद्र रावत ने नईदुनिया को बताया कि वे अपनी 16 वर्षीय बालिका दुर्लभा का मेडिकल चेकअप करवाकर पारा लौट रहे थे। इस दौरान झाबुआ घाटी के नीचे बदमाशों ने पहले पत्थर फेंके, जो बेटी दुर्लभा के सिर पर लगे। इससे वह बाइक से गिर गई। मैंने कुछ आगे जाकर गाड़ी रोकी और दुर्लभा को उठाने लगा। इतने में तीन बदमाशों ने खेत से निकलकर हमें घेर लिया और हेलमेट उतारकर पत्थरों से सिर फोड़ दिया। उन्होंने जेब से जबरन पर्स निकाला और मुझे घसीटते हुए सड़क से दूर खंती की ओर ले गए और जान से मारने के इरादे से गला दबाने लगे। मैंने शोर मचाया तो गश्त पर निकले पारा पुलिस जवानों ने टॉर्च की रोशनी। यह देख बदमाश सकपकाए और मुझे वहीं छोड़कर भाग निकले। बाद में पुलिस जवानों ने मुझे और बालिका को घायल अवस्था में पारा अस्पताल भिजवाया, जहां से 108-एम्बुलेंस की मदद से झाबुआ जिला चिकित्सालय ले जाया गया।

फसलों की आड़ में भाग निकले

पारा चौकी प्रधान आरक्षक रूपसिंह भूरिया ने बताया कि मैं स्वयं तथा सिपाही तानसिंह और ग्राम रेहंदा के चौकीदार के साथ गश्त पर जा रहे थे। अंधेरे में जैसे ही चिल्लाने की आवाज सुनी तो दौड़कर बदमाशों कापीछा किया, लेकिन खेतों में फसलों के बीच छुपते हुए वे भाग निकले। जोगेंद्र रावत की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

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