झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद बस मालिकों ने 50 प्रतिशत बस किराया बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। बस मालिकों ने 50 प्रतिशत किराया बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। उसके अनुसार झाबुआ से इंदौर का बस किराया 150 से बढ़कर 225 हो सकता है। मेघनगर आने-जाने के 15 नहीं बल्कि 25 रुपये लग सकते हैं। हालांकि राज्य सरकार ने अभी बस किराये में वृद्धि का ऐलान नहीं किया है। परिवहन मंत्री ने यह जरूर कह दिया है कि कुछ किराया बढ़ाएंगे, लेकिन यात्रियों के लिए सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद से ही तीन साल पुरानी मांग वापस सिर उठाने लगी है। जिले में बस आपरेटर एसोसिएशन ने हड़ताल नहीं की, लेकिन हर स्तर पर किराया बढ़ाने की मांग प्रमुखता से रख दी है। बस मालिकों का कहना है कि कोरोना काल में मार्च से लेकर सितंबर तक पिछले वर्ष यात्री बसें बंद रही। अब बस चलाना घाटे का सौदा हो गया है। लोक परिवहन का यह प्रमुख साधन महंगाई का शिकार होता जा रहा है। 50 प्रतिशत किराया बढ़ाने पर ही खर्च की पूर्ति हो सकती है।

सहमति लेकिन आदेश नहीं

वैसे ऊपरी तौर पर बस मालिकों की मांग पर राज्य शासन ने सहमति जता दी है। लगभग यह तय है कि बस किराया आगामी दिनों में बढ़ेगा, लेकिन कितना बढ़ेगा, यह अभी सरकार ने खुलासा नहीं किया है। इस संबंध में कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। परिवहन मंत्री ने कहा है कि किराया बढ़ाने पर भी यात्रियों की तमाम सुविधाएं पहले सुनिश्चित की जाएंगी।

यह है रेट

बस आपरेटर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार मैवाड़ का कहना है कि 1 से 7 किलोमीटर तक अभी 7 रुपये का रेट दिया जा रहा है। इसके बाद 8 किलोमीटर से दूसरे स्लेब में प्रतिकिलोमीटर 1 रुपये दिए जा रहे हैं। बस मालिकों ने 1 से 7 किलोमीटर के स्लेब का रेट 10-11 रुपये और दूसरे स्लेब में 8 किलोमीटर से प्रति किलोमीटर 1 रुपये 50 पैसे किराया निर्धारित करने की मांग की है।

यह परिदृश्य बनेगा

यदि बस मालिकों की मांग मानी जाती है तो झाबुआ से मेघनगर का किराया 15 रुपये के स्थान पर 25 रुपये, वहीं इंदौर का किराया 150 से बढ़कर 225 हो सकता है। झाबुआ से रानापुर का किराया अभी 20 रुपये लिया जा रहा है जो बढ़ाकर 30 रुपये किया जा सकता है। झाबुआ से पारा का किराया 16 की बजाय 25 रुपये हो सकता है, वहीं पिटोल जाने के लिए अब 14 नहीं बल्कि 22 रुपये देना पड़ सकते हैं।

फिलहाल आदेश नहीं हुए

मैवाड़ का कहना है कि किराया बोर्ड की बैठक हो चुकी है। अब सरकार को किराया बढ़ाने के मामले में निर्णायक फैसला लेना है। फिलहाल कोई आदेश नहीं हुआ है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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