झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शनिवार को झाबुआ, पेटलावद व थांदला में नेशनल लोक अदालत लगी । लोक अदालत के लिए तीनों ही स्थानों पर 13 खंडपीठों का गठन किया गया था। मुआवजा राशि के अलावा विद्युत विभाग, बैंक लोन आदि प्रकरणों का निपटारा लोक अदालत में हुआ।

जिला न्यायालय झाबुआ सहित तहसील न्यायालय पेटलावद एवं थांदला में नेशनल लोक अदालत लगी। झाबुआ में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैय्यदुल अबरार तथा मंचासीन गणमान्य लोगों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अबरार ने कहा कि अदालतों पर मुकदमों का अधिभार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे अपने छोटे मामलों व झगड़ों को आपसी सुलह समझौता के माध्यम से निराकरण कराएं, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से न्यायालय के चक्कर न लगाना प.डे । इससे उनके समय व पैसे की बर्बादी नहीं होगी तथा पीड़ितों को सुगम, सस्ता व त्वरित न्याय मिलेगा। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश महेंद्रसिंह तोमर ने बताया कि नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला न्यायालय झाबुआ एवं तहसील न्यायालय पेटलावद तथा थांदला में 13 खंडपीठों का गठन किया गया है। कार्यक्रम का संचालन न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनमसिंह द्वारा किया गया तथा आभार न्यायाधीश लीलाधर सोलंकी ने माना।

नेशनल लोक अदालत में मृतक की पत्नी को मुआवजा राशि 42 लाख रुपये का अवार्ड पारित हुआ। 16 जनवरी 2021 को प्रार्थी तारा बामन के पति केसरसिंह बामन की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसकी क्षतिपूर्ति राशि के लिए तारा बामन निवासी नयागांव जागीर, तहसील मेघनगर, जिला झाबुआ ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैय्यदुल अबरार के अधीन क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त करने के लिए दावा प्रस्तुत किया था। राजीनामा के आधार पर न्यायालय द्वारा 42 लाख रुपये का अवार्ड पारित किया गया।

कई प्रकरणों का निराकरण

13 खंडपीठों में 2176 में से 214 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इसमें कुल 674 व्यक्ति लाभांवित होकर अवार्ड राशि करीब 27 करोड़ 38 लाख 28 हजार रुपये प्राप्त हुए। प्रीलिटिगेशन में कुल 5694 प्रकरण रख गए, इसमें कुल 246 प्रकरणों का निराकरण कर कुल 350 व्यक्ति लाभांवित होकर अवार्ड राशि 17 लाख 15 हजार रुपये पारित हुई। इस प्रकार न्यायालय एवं प्रीलिटिगेशन के कुल 460 प्रकरणों का निराकरण हुआ। लोक अदालत के माध्यम से कई पक्षकारों के मध्य आपसी मधुर संबंध स्थापित हुए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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