लोकेंद्रसिंह परिहार, पेटलावद ।

मानसून समय पर आएगा या नहीं, इसके लिए मौसम विभाग वैज्ञानिक तकनीकों से जानकारी जुटा रहा है, लेकिन क्षेत्र के किसानों ने पारंपरिक व प्राकृतिक संकेत भांपकर ही खरीफ बोवनी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। किसानों के अनुसार बारिश में अभी भी एक माह से अधिक समय लग सकता है। किसान यह दावा इसलिए कर रहे हैं कि अभी उत्तर-पश्चिम की हवा चल रही है। पूर्व-पश्चिम से शुरू होने वाली हवा बारिश का संकेत लेकर आएगी। ऐसे ही प्राकृतिक संकेतों से किसान ही मौसम का अनुमान लगा लेते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवा को पूर्वा के नाम से भी जाना जाता है। किसानों के अनुसार 10-15 दिनों में तीन बार ऐसी हवा का दौर चलने को बारिश का संकेत माना जाता है। वहीं रोहिणी के पहले और बीच में बारिश होने पर भी अच्छे या कमजोर मानसून का अंदाज लगा लेते हैं। किसान नारायण पाटीदार, अंबू बा, मोतीलाल ने बताया कि उन्हें उनके पिता व दादा ने प्राकृतिक संकेतों को समझना सिखाया था। इसके अनुसार वे बारिश का अंदाज लगा लेते हैं। ऐसे अधिकांश ग्रामीणजन मौसम का अंदाज लगाकर खेतों में तैयारियां करते हैं। बुजुर्ग किसान भगत जी ने बताया अब गर्मी बहुत हो रही है। ऐसा लग रहा है कि बारिश भी अच्छी होगी। पूर्वा हवा के चलने के बाद तापमान जरूर कम हुआ है लेकिन यह रोहिणी में और बढ़ेगा। रोहिणी तपना मतलब अच्छी बारिश के संकेत माने जाते हैं।

कई बार सटीक बैठते हैं अनुमान

प्राकृतिक संकेत और मौसम विज्ञान दोनों अलग-अलग बात है। किसान प्राकृतिक संकेत पर ज्यादा ध्यान देते हैं। किसानों के यह अनुमान भी मौसम की संभावित जानकारियों के रूप में कई बार सटीक बैठते हैं।

ये हैं बारिश संकेत

पूर्वा हवा का तीन बार चलना। रोहिणी का ज्यादा तपना। चींटियों का सुरक्षित स्थान पर घर बनाना। पक्षियों का घोंसला बनाना। विशेष प्रजातियों के पेड़ व पौधों पर फूल खिलना, ये सभी बारिश के संकेत दर्शाते हैं।

हवाओं ने बदला मौसम का मिजाज, हवा चलने से मिल रही राहत

- तापमान भी गिरा

झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में तेज ठंडी हवाओं का दौर चल रहा है। हवाएं चलने से गर्मी से राहत मिल रही है। तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है। दो दिन पूर्व गर्मी से सभी के हाल-बेहाल थे। लेकिन अब रुक-रुककर हवाओं का दौर चल रहा है। इसके कारण गर्मी से राहत मिल रही है। मौसम विभाग आगामी दिनों में भी ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना व्यक्त कर रहा है।

11 मई को तो अधिकतम तामपान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। इसके बाद कई दिनों तक 43 व 44 डिग्री के आसपास बना रहा। दिन तो दिन रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही थी। हवाएं चलने के कारण लोगों को राहत मिली है। 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो जाएगी। नौ दिनों तक अधिक गर्मी पड़ती है। अगर इसी तरह हवाएं चलती रही तो नौतपा में भी लोगों को राहत मिलेगी।

गिर गया तापमान

दिनांक, अधिकतम, न्यूनतम

18 मई, 40.01, 25.02

19 मई, 40.00, 25.01

20 मई, 42.07, 25.09

21 मई, 41.06, 26.03

आंकड़े मौसम विभाग के अनुसार डिग्री सेल्सियस में

रात के तापमान में कम गिरावट

आंकड़ों पर हम नजर डालें तो रात के तापमान में गिरावट नहीं हुई है। न्यूनतम तापमान 25 व26 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जबकि दिन का तापमान घटने के बाद बढ़ा और उसके बाद फिर से घट गया। शनिवार को सुबह से ही हवाओं का दौर शुरू हो गया था, जो शाम तक लगातार चलता रहा।

ऐसा ही मौसम विभाग रहेगा

मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आगामी दिनों में भी ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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