जगदीश प्रजापति, बरवेट।

जिले में मानसून आने के 70 दिन गुजरने को हैं, फिर भी जिले के जलाशयों में जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं देखी जा रही है। सावन मास में लगातार वर्षा हुई, लेकिन मूसलाधार नहीं होने से जलाशयों में जल स्तर नहीं बढ़ पाया है। भादौ माह में भी रिमझिम वर्षा का दौर जारी है फिर भी माही बांध सहित क्षेत्र के कई तालाब अभी भी खाली पड़े हुए हैं। माही बांध में जल भराव का स्तर काफी कम है। यह चिंता का विषय है, क्योंकि वर्षा के 70 दिन खत्म हो चुके हैं। अगर आने वाले दिनों में वर्षा नहीं हुई या ऐसा ही दौर जारी रहा तो माही डेम खाली रह जाएगा, जिससे रबी की फसलों पर असर पड़ेगा। हालांकि क्षेत्र में अभी भी मानसून सक्रिय है। जबकि पिछले वर्ष बांध में भरपूर पानी भर आया था।

चालीस हजार हेक्टेयर भूमि होती है सिंचित

क्षेत्र में अभी तक मूसलाधार वर्षा नहीं होने से नदी-नालों में उफान देखने को नहीं मिला है। जिससे छोटे जलाशय भी खाली पड़े हैं। वही माही बांध में जल भराव का स्तर काफी कम है। वर्षा का मौसम अंतिम दौर में चल रहा है। ऐसे में वर्षा नहीं होती है, तो रबी की फसलों के उत्पादन पर व्यापक असर पड़ेगा, क्योंकि जिले में रबी का रकबा चालीस हजार हैक्टेयर के लगभग है।

अभी 50 प्रतिशत खाली है माही डेम

क्षेत्र में खरीब की फसलों की सिंचाई के लिए एक मात्र स्त्रोत माही डेम अभी तक आधा ही भरा है। अभी तक 47 प्रतिशत पानी भराव के बीच माही परियोजना के एसडीओ मन कुरैशी ने बताया कि अगस्त माह का एक सप्ताह और सितंबर माह में अच्छी वर्षा के बाद यह भर जाएगा। जल संसाधन विभाग के अनुसार जिले केमाही बांध में जल भराव की क्षमता 135.60 मिलियन घनमीटर है। जिसका अधिकतम लेवल 451.50 मीटर है। लेकिन अभीतक सामान्य बारिश होने के कारण 446.100 मीटर लेवल के लगभग भराया है। अभी पांच मीटर तक खाली पड़ा है, जबकि इस वर्ष अभी तक क्षेत्र में 444 मिलीमीटर ही वर्षा हो पाई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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