झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महज 125 मिमी वर्षा होते ही झाबुआ में आगामी रबी के लिए पानी सहेजने की तैयारी होने लगेगी, क्योंकि खरीफ फसलों का सिंचाई का कोटा अब पूर्ण होने की ओर है। वर्षाकाल के फिलहाल 40 दिन बचे हैं, जबकि झाबुआ में अब तक 130 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है। जिले का औसत वर्षा का आंकड़ा 31 इंच है।

जुलाई के प्रथम सप्ताह में मानसून का आगाज हुआ । फिर बेरुखी जैसा माहौल रहा । श्रावण मास शुरू हो गया लेकिन वर्षा के मामले में जिला पिछड़ता हुआ नजर आता रहा । आधा श्रावण मास बीतते ही एकदम झमाझम वर्षा का दौर चला जिसने तरबतर कर दिया । एक पखवाड़े में हालत ही बदल गए ।

एक नजर में

- 775 मिमी जिले की औसत वर्षा

- 629 मिमी झाबुआ केंद्र पर हो गई

- 30 सितंबर तक वर्षाकाल

- 1 लाख 89 हजार हेक्टेयर खरीफ रकबा

वर्षा की स्थिति

केंद्र अब तक पिछले वर्ष

झाबुआ 629.6 315.6

रामा 541.1 385.8

थांदला 492.0 466.7

पेटलावद 575.9 496.1

रानापुर 376.1 512.0

मेघनगर 439.0 500.0

औसत 508.9 446.0

1000 मिमी इंच तक डिमांड

खरीफ फसलें तो 750 मिमी वर्षा में यहां हो जाती है, मगर रबी के लिए औसत से अधिक 1000 मिमी तक वर्षा होने की कामना की जाती है । वजह यह है कि पहले रबी नही के बराबर होती थी लेकिन समय के साथ उसका रकबा बढ़ता ही जा रहा है । अब रबी एक लाख 8 हजार हेक्टेयर पर पहुंच चुकी है । यदि जागरूकता का स्तर यही बना रहा तो कुछ सालों में दोनों फसलों के रकबे बराबरी पर आ सकते हैं। दूसरी फसल के प्रति लगाव बढ़ने का सीधा मतलब यह है कि आर्थिक संपन्नाता की चाहत अब बढ़ रही है।

परिवर्तन आ चुका है

कृषि विभाग के उपसंचालक नगीन रावत का कहना है कि खरीफ फसलों की स्थिति संतोषजनक है । रबी के प्रति रुझान हर साल बढ़ रहा है।

रिमझिम वर्षा से मौसम में ठंडक घुली

रानापुर (नईदुनिया न्यूज)। नगर में तीन-चार दिनों से सतत रिमझिम वर्षा व फुआरों से मौसम में ठंडक घुल गई है। शुक्रवार को रिमझिम वर्षा का दौर दिनभर चलता रहा। वहीं दूसरी ओर मच्छरों का प्रकोप ब.ढ गया है। रिमझिम वर्षा से नगर में कीचड़ से हर कोई परेशान नजर आया। इस रिमझिम वर्षा से फसलों को नुकसान हो रहा। अंचल को इस समय तेज व ज्यादा पानी की जरूरत है। जोरदार वर्षा नहीं होने से अंचल के नदी-नाले खाली प.डे हैं। समय रहते पानी नहीं गिरा, तो आने वाले समय में पेयजल संकट के साथ ही रबी की फसल पर असर प.ड सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close