झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में सबसे अधिक वर्षा पेटलावाद क्षेत्र में अब तक दर्ज हुई है। बुधवार की वर्षा के बाद तो कई क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए थे। जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया था। गुरुवार सुबह कुछ देर के लिए रिमझिम वर्षा का दौर चला। यह स्थिति दोपहर तक चलती रही। दोपहर बाद सूर्यदेव ने दर्शन दे दिए। उसके बाद मौसम खुल गया।

जिले में सबसे अधिक वर्षा पेटलावद क्षेत्र में 500 मिमी हो चुकी है। जबकि सबसे कम वर्षा 325 मिमी रानापुर क्षेत्र में हुई है। जिले की औसत वर्षा के हिसाब से पिछले वर्ष की तुलना में गुरुवार तक अधिक वर्षा दर्ज हो चुकी है। पेटलावद क्षेत्र की स्थिति यह है कि कई खेतों में पानी भरा होने से अब फसलों पर खतरा मंडरा रहा है।

कहां-कितनी वर्षा

केंद्र अब तक पिछले वर्ष

झाबुआ 556.04 297.07

रामा 403.04 360.04

थांदला 390.08 396.04

पेटलावद 500.00 455.05

रानापुर 325.00 479.00

मेघनगर 399.00 440.00

इस वर्ष की अब तक की औसत वर्षा 440.07

पिछले वर्ष की अब तक की औसत वर्षा 404.08

अभी नदी-नाले उफान पर नहीं आए

वर्षा के आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में भले ही आगे बढ़ गए है। नदी नाले एक बार भी अब तक उफान पर नहीं आए है। तेज वर्षा का दौर कुछ देर के लिए शुरू हो जाता है। लेकिन कुछ ही देर में तेज वर्षा विदा भी हो जाती है। तेज वर्षा होने के बाद ही नदी-नाले उफान पर आयेंगें।

रिमझिम वर्षा का दौर दूसरे दिन भी रहा जारी

पेटलावद(नईदुनिया न्यूज)। मंगलवार को सावन विदाई से पहले अंचल में मेहरबान हो गया था। लंबे समय से बड़ी वर्षा की राह देख रहे आमजन को इससे राहत मिली है। वंही गुरुवार को भी बादल मेहरबान रहे। रिमझिम वर्षा का दौर रुक-रुक कर चलता रहा। बदलो ने मंगलवार शाम से अपना मूड बदला और तेज बरसात में बदल गए थे। मानसून सत्र में पहली बार लोगो ने ऐसी बड़ी वर्षा देखी थी। जो नदी-नाले, तालाब बांध कल तक सूखे नजर और कम पानी में नजर आ रहे थे। उन्हें इस वर्षा से काफी राहत मिली है। क्षैत्र की प्रमुख नदियां माही, पंपावती, लाड़की नदी अपने पूरे वेग से बहने लग गइर्।

मौसम खुशनुमा

बुधवार और गुरुवार से चल रहे वर्षा के दौर ने मौसम को ठंडा कर दिया। जहां कुछ दिन पहले उमस से हाल बेहाल थे। वहीं इस वर्षा ने लोगों के घरों के पंखे बंद करवा दिए। वर्षा ने मौसम में ठंडक घोलने का काम किया। गुरुवार को तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।

अब तक 500 मिमी हुई वर्षा-

भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार मंगलवार से बुधवार सुबह तक 77 मिमी यानि 3 इंच से ज्यादा वर्षा हो चुकी थी। वहीं बुधवार से गुरुवार तक 21 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सावन में ही वर्षा ने 500 का आंकड़ा पार कर लिया। पिछले वर्ष की तुलना में पिछड़ रहे वर्षा के आंकड़े ने एक दम से उछाल लगा दी। अब तक कुल 500.2 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है वंही पिछले वर्ष 409 मिमी वर्षा ही आज दिन तक हुई थी। गत वर्ष कुल वर्षा 903 मिमी हुई थी। गत वर्ष की तुलना में आधे से ज्यादा वर्षा हो चुकी है। अब धीरे-धीरे वर्षा का आंकड़ा औसत आकंडे को छू जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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