झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए बुधवार को चुनाव प्रचार थमेगा। शुक्रवार को जिले के बचे हुए चार ब्लाक में मतदान होगा। अलग-अलग पदों के लिए मैदान में ताल ठोक रहे 3867 प्रत्याशियों के पास मतदाताओं को रिझाने के लिए अब कु छही घंटे शेष हैं। चार लाख 80 हजार 521 मतदाता 803 मतदान केंद्र पर मतपत्र पर ठप्पे लगाते हुए अब ग्रामीण सत्ता अपने पसंद के उम्मीदवारों के हाथों में देंगे। इधर, दो दिन व दो रात के चुनावी उत्सव को करवाने वाले मतदान कर्मी अपनी तैयारी में लगे हैं। इस बार महिलाओं को भी चुनाव करवाने जाना है। 30 जून को सुबह ही मतदान दल को रवाना होना है। एक जुलाई को मतदान करवाने के बाद शाम को मतगणना करना है और फिर सभी सामग्री जमा करवाते हुए लौटना है।

अब दूसरे चरण में झाबुआ, मेघनगर,रामा व रानापुर में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। चारों ब्लाक में चुनावी संघर्ष इस समय जोरों पर है। अलग-अलग तरीके से ग्रामीणों के बीच अपना प्रभाव जमाने में उम्मीदवार लगे हुए हैं। पंच में कम लेकिन सरपंची, जनपद व जिला पंचायत सदस्य बनने के लिए कड़ी टक्कर हो रही है।

यह है स्थिति

-04 ब्लाक में चुनाव

-29 जून की शाम को थमेगा प्रचार

-30 जून को पहुंचेंगे मतदान दल

-01 जुलाई को होगा मतदान

एक नजर में

-803 मतदान केंद्र बनाए गए

-231 पंचायतें

-4 लाख 80 हजार 521 मतदाता

-08 जिला पंचायत वार्ड

-70 जनपद सदस्य वार्ड

यह है आदर्श

-02 सरपंच निर्विरोध हो गए

-01 जनपद सदस्य निर्विरोध

-2545 पंच निर्विरोध

-3-4 से ज्यादा फिलहाल शिकायतें नहीं

सरपंची के लिए तगड़ा मुकाबला

चारों ब्लाक में 231 पंचायतों में से दो में झाबुआ से निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। शेष 229 सरपंच पद के लिए 1138 उम्मीदवारों में तगड़ा मुकाबला हो रहा है। हर दांव खेला जा रहा है । एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ मची हुई है। इस बार चुनाव बहुत महंगा अधिक होता दिख रहा है। कर्ज लेकर भी चुनाव लड़े जा रहे हैं।

जनपदों पर कब्जे की लड़ाई

चारों जनपदों पर कब्जे की लड़ाई तेज है । राजनीतिक दल भी इसमें पीछे से समर्थन दे रहे हैं। केवल एक जनपद वार्ड रामा में निर्विरोध हुआ है। शेष 69 वार्डो में घमासान मचा हुआ है।

जिला पंचायत का फैसला

एक जुलाई का यह चुनाव जिला पंचायत का फैसला कर देगा। वजह यह है कि आठ वार्ड पर चुनाव होते ही स्थिति साफ हो जाएगी। दोनों मुख्य दलों ने अपने समर्थित की सूची भी जारी की थी। पहले चरण में कांग्रेस-भाजपा के पास बराबरी का अवसर रहा, मगर अब दूसरे चरण में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। सभी आठ वार्डों की खास बात यह है कि इनमें बागियों ने नाक में दम कर रखा है । दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि इस दफा चुनाव युवाओं की मनमर्जी का हो रहा है। जिसके पास युवाओं की टोली है,उसकी राह आसान होती नजर आ रही है।

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