झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के वार्ड नंबर 12 में सबसे बड़ी समस्या पेयजल आपूर्ति को लेकर है। नई पाइप लाइन डाल तो दी गई, लेकिन इन पाइप लाइनों से फिलहाल पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। क्योंकि नई बड़ी पाइप लाइनों को गली की लाइनों से जोड़ा नहीं गया है। इसके अलावा कई गलियों में सड़कों का निर्माण होना बाकी है। साथ ही नालियों का निर्माण भी कई क्षेत्रों में होने की मांग की जा रही है।

इस वार्ड में पहले पीएचई विभाग द्वारा जलप्रदाय किया जाता था, तब गोपाल कालोनी के मध्य में वाल्व लगा रखा था। जैसे ही व्यवस्था नगरपालिका के अधीन गई, विभाग ने अपने वाल्व निकाल लिए। अब स्थिति यह है कि एक समय में पूरी कालोनी को टंकी के माध्यम से जलप्रदाय किया जा रहा है। जिससे कालोनी की सभी गलियों में पानी नहीं पहुंच पाता है। लोगों को निजी टैंकर से काम चलाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि या तो नगरपालिका वाल्व लगाकर दे, समय से जलप्रदाय करे या नई पाइप लाइन से गलियों की लाइनों को जोड़ा जाए। यह मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

यह बोले रहवासी

-पूर्व प्राचार्य एमएल फुलपागारे का कहना है कि नई पाइप लाइन डाल तो दी गई, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया है। उनके क्षेत्र में कई घरों में पानी ही नहीं पहुंच पाता। पहले कालोनी में अलग-अलग समय पर दो हिस्सों में जलप्रदाय किया जाता था। अब एक ही समय जलप्रदाय होने से सभी को पानी नहीं मिल पा रहा है।

-रहवासी मुकेश भाई का कहना है कि वार्ड की कई गलियों में सड़कों का निर्माण लंबे समय से नहीं हो पाया है। कई क्षेत्रों की नालियां भी क्षतिग्रत हो चुकी हैं। नालियों का निर्माण होना चाहिए। रहवासियों द्वारा समस्याओं को लेकर समय-समय पर मांग की जाती है, लेकिन अब तक ध्यान नहीं दिया गया।

कार्य प्रगति पर

नगरपालिका सीएमओ एलएस डोडिया का कहना है कि पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। इस वार्ड की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।

मेघनगर के कई क्षेत्रों में नहीं पहुंची पाइप लाइन

-मूलभूत सुविधाओं का अभाव, विद्युत व्यवस्था भी नहीं है

मेघनगर (नईदुनिया न्यूज)। नगर के अंतिम छोर पर बसे वार्ड क्रमांक 13 की सीमा तेजाजी मंदिर के पीछे की बस्ती से मोरडूंगरा तक जाती है। यह वार्ड आदिवासी बहुल क्षेत्र है। विकास की बाते करें तो नल कनेक्शन क्या होता है, यह यहां के रहवासियों को नहीं पता।

इस वार्ड के कई रहवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में दयनीय स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं। कहने को तो यह वार्ड मेघनगर नगर निकाय का वार्ड क्रमांक 13 है, लेकिन सुविधाओं की दृष्टि से इतना पिछड़ा है कि यह मेघनगर नगर निकाय की सीमा से बाहर का क्षेत्र लगता है। नगरवासियों को मिलने वाली कई मूलभूत सुविधाएं इस वार्ड के रहवासियों को अब तक नसीब नहीं हुई है। वार्ड के अधिकांश रहवासी अपनी आजीविका हेतु सुबह में घरों से निकलते हैं तो शाम को वापस लौटते हैं। इन क्षेत्रों में ना तो पेयजल की व्यवस्था है और ना ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था। आर्थिक रूप से पिछड़े होने के कारण यहां शिक्षा का भी अभाव है, वैसे यहां के लोगों की अपेक्षाएं भी शासन से कुछ ज्यादा नहीं है। यहां के रहवासी शासन से सुचारु पेयजल व खेत की सिंचाई के लिए बिजली की समय पर आपूर्ति की आस ही रखते हैं।

यह बोले वार्डवासी

-रहवासी अमरसिंह हम्माल का कहना है कि हमारी तीन पीढ़ियां हम्माली करके अपना गुजर बसर कर रही है। आजादी के 75 वर्षों के बाद भी हमारे घरों में नल कनेक्शन ही नहीं हैं। घर की महिलाएं हैंडपंप से पानी लाती हैं। गर्मी में हैंडपंप भी जवाब दे देते हैं। हम भी यहां के नागरिक हैं हमारे साथ ऐसा भेदभाव क्यों।

-बालूभाई का कहना है कि पूरे नगर में सभी वार्डों में नल कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन हम वार्डवासियों के साथ उपेक्षा की गई है। सक्षम लोग महंगा पानी खरीद सकते हैं, लेकिन दो समय की रोटी मुश्किल से कमाने वाले लोग पेयजल जैसी जरूरत के लिए पैसा कैसे खर्च करें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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