झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश में 15 से 18 जून तक मानसून आने की संभावना व्यक्त की जा चुकी है। इसी बीच खरीफ फसल को लेकर जिले में कार्ययोजना बना ली गई है । इस बार कपास का रकबा पांच हजार हेक्टयर बढ़ रहा है । वजह यह है कपास के रिकॉर्ड तोड़ भाव इस साल मिले है। पहली बार मिले उच्चतम भाव के चलते किसानों का रुझान कपास की ओर बढ़ा है।

वैसे खरीफ फसलों पर ही यहां की फिजाएं निर्भर करती रही हैं । खेती यहां के किसानों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। खरीफ सत्र में ली जाने वाली मक्का वर्षों से मुख्य फसल बनी हुई है, क्योंकि मक्का ही यहां प्रमुख रूप से खाई जाती है । हर किसान इतनी मक्का जरूर करता है कि उसके परिवार का सालभर अच्छे से निकल जाए । समय के साथ बाद में मक्का के साथ नकद फसलें भी जुड़ गइर्।

यह है कार्ययोजना

कृषि विभाग ने इस वर्ष एक लाख 89 हजार हेक्टयर में खरीफ फसल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मक्का 54 हजार, वहीं सोयाबीन 79 हजार हेक्टयर में ली जा रही है, जिनका रकबा पिछले साल भी यही रहा था । कपास में जरूर 5 हजार हेक्टयर बढ़ाया जा रहा है । पहले 30 हजार था, जो अब इस साल बढ़ाकर 35 हजार हेक्टयर किया जा रहा है । वजह यह है कि कपास के भाव अधिकतम सात हजार तक रहते रहे है लेकिन मांग अधिक होने से इस बार उसके भाव 10-11 हजार रुपये हेक्टयर तक पहुंच गए ।

श्रमिक आने लगेंगे पलायन स्थलों से

आषाढ़ माह लगते ही अगले माह 15 जून से पलायन स्थलों से यहां के श्रमिक लौटने लगेंगे । यहां की 60 प्रतिशत आबादी हर साल पलायन करती है। होली-भगोरिया मानने के बाद सभी श्रमिक चले गए थे, जो अब खरीफ फसल लेने के लिए आएंगे। खरीफ फसल जिले के शत-प्रतिशत आदिवासी लेते है।

एक नजर में

-1 लाख 71 हजार किसान परिवार

-06 विकासखंड जिले में

-375 ग्राम पंचायत

-832 गांव

-11 लाख से अधिक आबादी

यह है स्थिति

- 1 लाख 89 हेक्टयर खरीफ का रकबा

- 31 इंच औसत बारिश जिले की

- 42 इंच बारिश पिछले साल

- 12 माह खाई जाती है मक्का

मुंबई पर निर्भर रहता है मानसून

वरिष्ठ नागरिक बीएल शाह का कहना है कि आमतौर पर जिले में मानसून का आगमन मुंबई तरफ से होता आया है । मुंबई में जैसे ही बारिश का दौर शुरू होता है, उसके तीन-चार दिन बाद जिले में भी मानसून की आमद हो जाती है। बारिश पर ही यहां का आम जनजीवन निर्भर है ।

जारी रहेंगे लू के थपेड़े

19 मई को यहां का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा, मगर लू के थपेड़े जारी रहे । मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन दिन तक गर्मी का प्रकोप तेज रहेगा व तापमान में ब.ढोत्तरी होगी । मौसम आधारित सेवा केंद्र के तकनीकी अधिकारी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि तापमान बढ़कर 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। 20 मई को 43, 21 मई को 44 और 22 मई को 42 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने की संभावना है।

कार्ययोजना बना ली गई है

कृषि विभाग के उपसंचालक नगीन रावत का कहना है कि खरीफ सत्र को लेकर कार्ययोजना बना ली गई है। इस बार कपास का रकबा 5 हजार हेक्टेयर बढ़ाया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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