झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कड़कनाथ नस्ल को संरक्षित रखने के लिए राष्ट्रीय पशु अनुवांशिक संसाधन ब्यूरो करनाल (हरियाणा) ने नस्ल संरक्षण पुरस्कार 2020 से कृषि विज्ञान केंद्र, झाबुआ को सम्मानित किया। राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर बुधवार को यह पुरस्कार ऑनलाइन के माध्यम से मुख्य अतिथि एडीजी डॉ. वीके सक्सेना, भाकृअनुप, नई दिल्ली द्वारा दिया गया।

उल्लेखनीय है कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा झाबुआ जिले की मुर्गा-मुर्गी की प्रसिद्ध नस्ल कड़कनाथ, जो कि विलुप्त होने की कगार पर थी, उसका संरक्षण वर्ष 2010-11 में एनएआईपी परियोजना अंतर्गत शुरू किया गया। इसके तहत कड़कनाथ नस्ल संरक्षण के लिए मुर्गी पालन इकाई और हेचरी की शुरुआत की गई।

इसी वर्ष से लगातार कड़कनाथ मुर्गी संरक्षण, संवर्धन व किसानों की आजीविका के संरक्षण के लिए इसके पालन इकाइयों के प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है। किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से कड़कनाथ मुर्गीपालन की तकनीक पर प्रशिक्षण और वैज्ञानिक सलाह, उसके टीकाकरण व आहार प्रबंधन आदि के माध्यम से जागरूकता फैलाई जा रही है।

इससे झाबुआ जिले के कड़कनाथ को राष्ट्रीय पहचान प्राप्त हो चुकी है और कड़कनाथ विभिन्ना प्रदेशों में पहुंच चुका है। कड़कनाथ नस्ल में विशेष गुणों खासकर कम मात्रा में कोलेस्ट्राल, अधिक मात्रा में प्रोटीन, आयरन तथा अन्य पोषक तत्वों के चलते इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है। कार्यक्रम में विशेष अतिथि प्रो. एनएसआर शास्त्री, संरक्षक इंडियन सोसायटी ऑफ एनिमल प्रोडक्शन एंड मैनेजमेंट उपस्थित थे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस