National Youth Day 2021: भूपेंद्रसिंह गौर, झाबुआ (नईदुनिया)। युवा शक्ति व विकास का समन्वय धरमपुरी में देखने को मिल रहा है। ग्राम विकास का संकल्प लेकर हजारों किमी दूर से आने वाले युवाओं के कदम यहीं पर ठहर गए हैं। शिवजी का हलमा (निस्वार्थ भाव से सामूहिक श्रम करना) देखकर वे प्रभावित हुए और फिर यहीं डेरा जमाते हुए सेवा कार्य शुरू कर दिया। झारखंड, बिहार आदि स्थानों के ये युवा मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।

बिहार के रहने वाले कुमार हर्ष आईआईटी रुड़की से पढाई पूरी करने के बाद शिवजी का हलमा देखने झाबुआ आए। सामूहिक श्रमदान को देखकर वे प्रभावित हुए और 2 मई 2018 से वे शिवगंगा समूह के साथ जुड़ गए, तभी से वे जिले में पर्यावरण व जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों में मदद कर रहे हैं। उनको आदिवासी संस्कृति काफी लुभा रही है। उनका कहना है कि यहां के कायर्ोें को जग जाहिर करने के लिए उन्होंने वेबसाइट बनाई थी। इसके माध्यम से सभी कार्यों का प्रचार-प्रसार हुआ। यहीं पर रहते हुए अपने ग्राम विकास के संकल्प को मंजिल तक पहुंचाना चाहता हूं।

700 गांव का निभा रहे दायित्व

मैकेनिकल इंजीनियरिंग भोपाल से करने के बाद रवि नागर अपने घर राजगढ़-ब्यावरा नहीं गए। जनहित के कार्य को देखते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रो में सेवा देना उचित समझा। वे यहीं पर रहकर जनवरी 2019 से समूह द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण व जल संरक्षण के साथ ही मातानुवन कार्यक्रम में सहभागिता निभा रहे हैं। नागर का कहना है कि उन्हें 700 गांव का दायित्व मिला है। वे झाबुआ व आलीराजपुर जिले के गांव में शिवगंगा के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।

युवा ही बदल सकते हैं गांव की तस्वीर

कोटा (राजस्थान) के नितिन धाकड़ बीटेक करने के बाद वर्ष 2016 से जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे भी शिवजी का हलमा व जल संरक्षण अभियान के तहत बनाए गए तालाबों से प्रभावित होकर यहीं पर रहकर सेवाएं दे रहे हैं। वे उद्यमिता तथा कौशल विकास जैसे कार्यक्रमो में योगदान देते आ रहे हैं। धाकड़ का कहना है कि युवा ही गांव की तकदीर बदल सकता है क्योंकि उनमें ही विकास कार्य करने की अधिक क्षमता रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में भी यही सब देखने को मिला है।

यह है शिवजी का हलमा

हलमा के तहत ग्रामीण सामूहिक रूप से जल संरचनाओं का निर्माण करते हैं। इनमें बारिश का पानी एकत्रित होता है, जिससे शहर व गांव में जल स्तर बढ़ जाता है। सामाजिक संस्था शिवगंगा 11 वर्षों से लगातार शिवजी का हलमा कार्यक्रम आयोजित कर रही है। करीब 40 हजार से अधिक जल संरचनाएं बना चुके हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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