पेटलावद (नईदुनिया न्यूज)। कार या बाइक महज स्टेटस सिंबल नहीं रही, बल्कि परिवार की जरूरत बन चुकी हैं। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की होती दुर्दशा की वजह से दिनोंदिन कार की जरूरत बढ़ती जा रही हैं। गांवों में किसानों की बढ़ती आय, सरकारी सेवाओं में छठवें और सातवें वेतनमान के बाद हुई वृद्धि के साथ ही कारों, जीपों, बाइकों की संख्या भी बढ़ रही हैं। दूसरी और कोरोना कॉल में बीमारी के संक्रमण के डर से भी लोग निजी वाहनों की और अधिक रूख कर रहे हैं।

शहर में बेशुमार चार पहिया वाहन एवं दो पहिया वाहन हैं और इसके साथ उनकी पार्किंग की समस्या भी सामने आ रही हैं। लोग वाहन तो खरीद रहे हैं पर उसे घर में खड़ी करने की जगह ही नहीं हैं। ऐसे में घर के सामने सडक़ पर गलियों, कॉलोनियों में वाहन खड़े किए जा रहे हैं। सवाल यह हैं कि स्थिति को सुधारा कैसे जाए?

पार्किंग करने के लिये स्थान नहीं

कार खरीदने से पहले और बाद में सबसे पहली समस्या उसे घर में रखने की आती हैं। ज्यादातर घरों में इतना स्थान बचता ही नहीं हैं कि कार रख सकें। इसक कारण अधिकतर कारें यहां-वहां ही खड़ी की जाती हैं। इस कारण रात में इससे कार को नुकसान पहुंचने की चिंता भी लगी रहती हैं। वहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से निजी कार और दो पहिया वाहन से आने वालों को वाहन पार्किंग करने के लिये स्थान नहीं मिल पाने के कारण वे मार्ग पर ही वाहन खड़े कर घंटों गायब रहते हैं।

जहां-तहां खड़े कर देते हैं वाहन

लोगों के घरों में रत्ती भर जगह नही बची हैं। इसी तरह शहर की घनी बसाहट में अब नगर परिषद के पास भी इतनी जगह नहीं हैं कि लोगों को सुविधा के लिए वाहन पार्किंग बना सके। इसके कारण लोग जहां-तहां वाहन खड़े कर देते हैं। वहीं तहसील कार्यालय के सामने तो आलम यह हैं कि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग बड़ी संख्या में वाहन सड़क पर ही खड़े करके चले जाते हैं। जिससे ट्रैफिक तो जाम होता हैं साथ में दुकानदार भी परेशान होते हैं।

यहां बन सकती हैं अस्थाई पार्किंग

पुलिस, प्रशासन ओर नपं मिलकर इसका स्थाई नहीं तो अस्थाई हल तो निकाल ही सकती हैं। अस्थाई रूप से तहसील कार्यालय के पास, गणेश चौक, नया बस स्टैंड पर रिक्त पड़ी भूमि, गांधी चौक में स्कूल मैदान और रूपगढ रोड़ पर यह व्यवस्था की जा सकती हैं।

पार्किंग का स्थान नियत होना चहिए

दिपेश छजलानी का कहना है कि यदि पार्किंग का स्थान प्रशासन नियत करता हैं तो वाहन चालकों को खड़े करने के लिये सुरक्षित स्थान मिल जाएगा। प्रशासन को इस ओर पहल करना चाहिए।

मिलकर पहल करना होगी

पूर्व पार्षद दिनेश व्यास का कहना है कि पुलिस, राजस्व और नगर परिषद को मिलकर इस और संयुक्त पहल करना होगी तभी व्यवस्था में सुधार आ सकेगा।

नगर परिषद और राजस्व तय करेंगे

टीआई संजय रावत का कहना है कि नगर परिषद और राजस्व विभाग के साथ मिलकर पार्किंग का स्थान तय करने का प्रयास करंगे ताकि ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े।

Posted By: Nai Dunia News Network

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