आलीराजपुर/आजादनगर। जिले में पहली बार आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के लिए तैयार किए जा रहे सभा स्थल पर मौसम के बदलते मिजाज ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार रात और शनिवार की सुबह से हो रही कभी तेज तो कभी धीमी बारिश ने सभा स्थल और आसपास कीचड़ ही कीचड़ कर दिया है।

मात्र 7 दिन के शार्ट नोटिस पर प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय हुआ और इन सात दिनों में पूरी तैयारियां करना प्रदेश शासन और जिला प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी का काम हो गया है। 2 अगस्त की रात को कार्यक्रम की सूचना मिली। दूसरे दिन 3 अगस्त इसकी अंतिम रूपरेखा तय हुई। इसी दिन रात को पीएमओ से अधिकृत कार्यक्रम की सूचना मिली। इसके बाद से प्रदेश स्तर से लेकर जिला और निचले स्तर तक हर वरिष्ठ अधिकारी से लेकर कनिष्ठ कर्मचारी को तैयारी में लगा दिया गया। पूरे जिले में युद्घ स्तर पर सभा के लिए तैयारियां चल रही हैं। ऐसी स्थिति में मौसम ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों के हाथ पैर फूला दिए हैं। यह जिले के सभी अधिकारियों के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। स्वयं कलेक्टर शेखर वर्मा और एसपी कुमार सौरभ कह चुके है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सूचना एक माह या 20-25 दिन पहले तय हो जाती है किंतु आलीराजपुर जिले के लिए प्रशासन और पुलिस को सिर्फ 7 दिन ही मिले हैं। सात दिनों में भी आरंभ के दो दिन तो जगह तय करने में निकल गए। अब बारिश होने से सभा और अन्य सभी प्रकार की तैयारियों के लिए बहुत कम वक्त बचा है। यह हमारे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। हम रात दिन डटे हुए हैं और भोपाल स्तर के सभी अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयारियों में जुटे हुए हैं।

दो रपटों से समस्या

प्रशासन ने प्रधानमंत्री मोदी को आजाद नगर से सभा स्थल तक ले जाने के लिए जो मार्ग तय किया था शनिवार को बारिश का पानी उन दो रपटों की ऊपरी सतह के काफी करीब से तीव्र गति से दिन भर निकलता रहा। अधिकारी जेसीबी मशीन लगा कर रपट के नीचे अटकने वाले कचरे को काफी देर तक साफ करते रहे। इसके अलावा एक रपट का एक हिस्सा पिछले वर्ष बारिश में धंस गया था। वहां उस समय तो छेद को भर दिया गया था पर अब तेज बारिश फिर से रपट को नुकसान पहुंचा सकती है। हेलिपेड से आजाद कुटिया तक मोदी को पहुंचाने वाले मार्ग की ये दो रपटे प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।

धंसने लगे वाहन

सभा स्थल का जो लंबा चौड़ा मैदान है वहां शनिवार की बारिश से भारी मात्रा में कीचड़ जमा हो गया है। आलम यह है कि वहां खड़े वाहन के पहिये भी कीचड़ में धंसने लगे हैं। लाखों की संख्या में लोगों के पहुंचने पर बारिश के दौरान व्यवस्था ने कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। सभा स्थल के पास करीब एक किमी का पूरा रोड़ कीचड़ और मिटटी से सना पड़ा है। यदि बारिश का क्रम मंगलवार तक जारी रहा तो यहां के हालात बद से बदतर हो जाएंगे। ऐसे में कार्यक्रम में आने वाले वाहनों और पैदल चलने वालों की व्यवस्था प्रशासन कैसे कर पाएगा यह चिंता का विषय है।

मजदूर जुटे रहे

शनिवार को गिरते पानी में कीचड़ के बीच सभा स्थल पर सफेद कालर वाले अधिकारियों को काम करता देखना झोतराड़ा के ग्रामीणों के लिए पहला मौका बना। कीचड़ से सने सभा स्थल वाले मैदान में अधिकारी और मजदूर दिन भर मुरम खाली करवाते और मैदान में फैलाते नजर आए।

हेलिपेड कैसे टिकेंगे

सभा स्थल पर कार्यक्रम में हेलिकाप्टर से आने वाले अतिथियों के लिए तीन हेलिपेड बनाने का काम शुक्रवार से चल रहा है। आरसीसी सीमेंट से बनाए जा रहे इन हेलिपेड पर निरंतर बारिश का पानी गिर रहा है एसे में हेलिकाप्टरों को यहां कैसे लैंड करवाया जाए यह भी चिंता का विषय बना हुआ है।

गिली मिटटी में करंट का डर

निरंतर बारिश से मैदान में पानी और गिली मिटटी का जमा हो गई है। बिजली कंपनी के अधिकारी यहां 33 केवी की लाइन डाल रहे है। यदि गीले मैदान में करंट फैला तो वहां बड़ी जन हानि हो सकती है। यह बात भी अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बारिश के निरंतर रहने से मैदान की मिटटी और जमीन गिली और नरम होते जा रही है। लगभ तीन साल पहले मुख्यमंत्री के आजाद नगर आगमन पर इसी प्रकार तेज बारिश से जमीन गिली होने पर कार्यक्रम के एक दिन पहले हजारों वर्र्ग फुट का वाटर प्रूफ टेंट भरभरा कर गिर गया था। ऐसी घटना फिर ना हो जाए यह भी चुनौती प्रशासन के लिए खड़ी है।

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