झाबुआ(नईदुनिया प्रतिनिधि)। टीकाकरण के बल पर इस जिले को कोरोना से दो-दो हाथ करने में सुविधा हुई है। चुनौती भी मिली लेकिन सामाजिक सहयोग के आगे बौनी साबित हुई। बरसात के बाद कई फलियों यानी ग्रामीण मोहल्लों तक पहुंचने का सफर बाधित हुआ लेकिन नदी-नाले स्वास्थ्य दल के हौसलों की उड़ान को नहीं रोक पाए। नदी-नालों को पार करते हुए दल टीका लगाने पहुंच ही गया। सारा देश मोदीजी के नेतृत्व में 100 करोड़ डोज लगने का जश्न मना रहा है और इस उत्सव में जिला भी शामिल है, क्योंकि छह लाख से अधिक डोज यहां भी लग गए हैं। यह भी उस समय, जब ग्रामीण तबका शुरुआती दौर में गलतफहमियों का शिकार होने से दूरी बनाए हुआ था। बाद में उसे राजी करते हुए टीकाकरण केंद्र तक लाया गया या टीम उसके पास जा पहुंची। इन कोरोना योद्धाओं ने यह संघर्ष अब आगे भी जारी रखने का जज्बा जाहिर किया है।

शुरुआत धीमी रही

-16 जनवरी 2021 से अभियान आरंभ हुआ

-5 माह शुरुआत में अभियान ठंडा रहा

-1 लाख 8 हजार टीके ही लग पाए

-21 जून 2021 से अभियान तेज हुआ

-4 माह में 6 गुना अधिक टीके लगे

यह है उपलब्धि

-8 लाख को लगना है टीके

-6 लाख 47 हजार का मिला टारगेट

-6 लाख 3 हजार 652 को लगा पहला टीका

-1 लाख 52 हजार 900 को लगा दूसरा टीका

-142 पंचायतों में 100 प्रतिशत पहला टीका लगा

एक नजर में

-375 पंचायत

-6 ब्लॉक

-11 लाख के लगभग आबादी

-5 तहसील

-781 गांव

यह थी चुनौती

-टीका लगवाने से ग्रामीणों में भय

-टीकाकरण दल को गांव में आने से रोकना

-निरक्षरता व जागृति की कमी से परेशानी

-बसाहट दूर-दूर होना

-टीकों की बार-बार कमी

ऐसे हल हुई समस्या

-ग्रामीणों को लगातार समझाइश दी गई

-गांव के मुखिया, तड़वी-पटेल आगे आए

-सामाजिक स्तर पर जागरूकता फैलाई गई

-स्वास्थ्य विभाग का दल हर स्थान पर पहुंचा

-टीको की उपलब्धता सुनिश्चित की गई

पर्दे के पीछे यह प्रयास

-थांदला क्षेत्र की नदी में पानी आ जाने से धावड़ीपाडा का एक फलिया वंचित हो रहा था। दिव्या बांगड़िया और उनकी टीम नदी को पार करते हुए टीकाकरण के लिए उक्त फलिए में पहुंच गई। बाद में यह कहानी रामा क्षेत्र में और अन्य स्थानों पर भी दोहराई जाने लगी।

-आमजन को टीकाकरण कार्यक्रम से सीधे जोड़ने के लिए झाबुआ के ह्रदय में स्थित राजवाड़ा क्षेत्र में पूर्व व्यापारी संघ अध्यक्ष नीरज राठौर ने तीन बार शिविर आयोजित किए। शिविर सफल रहे।

-अपने वार्ड व अन्य समाजजनों में जागरूकता की कमी दिखी तो झाबुआ के पार्षद साबिर फिटवेल ने अंजुमन कान्वेंट स्कूल को कुछ समय के लिए टीकाकरण केंद्र में ही बदल दिया। समझाते हुए छूटे लोगों को वहां लाकर टीके लगवाए गए।

-युवाओं के लिए टीकाकरण शुरू होते ही रविराज राठौर ने युवाओं, महिलाओं व अन्य को प्रेरित करते हुए शिविर के माध्यम से टीके लगवाए।

जनसहयोग अच्छा मिला

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राहुल गणावा का कहना है कि अभियान में जनसहयोग अच्छा मिला है और उसी के बल पर सकारात्मक परिणाम आए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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