पेटलावद (नईदुनिया न्यूज)। सावन के महीने में मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर उनके अभिषेक-पूजन का विशेष महत्व है। श्री हरिहर आश्रम में विश्वकल्याण के संकल्प के साथ पार्थिव शिवलिंग को लेकर पूजन व अभिषेक अनुष्ठान चल रहा है। ग्राम बनी में स्थित श्री हरिहर आश्रम में आचार्य डा. देवेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में महारुद्राभिषेक महोत्सव का आयोजन चल रहा है। आश्रम परिसर में प्रतिदिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच हो रहा है। यहां सवा लाख पार्थिव शिवलिंग बनाने का लक्ष्‌य रखा गया है, अभी तक 35 हजार पार्थिव शिवलिंग बन गए हैं।

रोज 7000 से 10000 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण

पार्थिव शिवलिंग पूजन अनुष्ठान से जुड़े पंडितों के अनुसार सावन में प्रतिदिन आश्रम परिसर में 7 हजार से 10 हजार पार्थिव शिवलिंग का निर्माण सूर्योदय से सूर्यास्त तक किया जाता है। प्रतिदिन बनने वाले पार्थिव शिवलिंग का उसी दिन प्राण-प्रतिष्ठा, पूजन, अभिषेक कर महाआरती की जाती है। इसके बाद उनका विसर्जन किया जाता है। लोग अपने द्वारा बनाए गए शिवलिंग को स्वयं ही गिनकर उनकी पूजा कर रहे हैं और फिर अक्षत के साथ शिवजी को अर्पित कर रहे हैं।

श्री हरिहर आश्रम में दूर-दूर से श्रद्धालु आ रहे हैं। पंडित शास्त्री के अनुसार कल तक यहां 35 हजार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जा चुका है। महोत्सव में बनी ग्राम के साथ पेटलावद, रायपुरिया, बोलासा, झकनावदा, बरवेट, सारंगी, बावड़ी, जामली, करवड़, बामनिया, थांदला के साथ राजगढ़, धार, मंदसौर जिले से भी श्रद्धालु पहुंच रहे है।

चल रहा मास परायण का पाठ

आश्रम में अनुष्ठान के साथ प्रतिदिन रामचरित मानस का अखंड मास परायण ग्राम बनी के युवाओं द्वारा किया जा रहा है। करीब 50 युवाओं का ग्रुप रामायण पाठ कर रहा है।

गोशाला में 50 गायें

आश्रम में स्थित गोशाला का शुभारंभ 5 गायों का प्रवेश कराकर किया गया था। आज यहां 50 गायें हो गई हैं। उनकी व्यवस्था के लिए एक व्यक्ति 24 घंटे लगा रहता है।

भय से मुक्ति और मोक्ष का माध्यम होते हैं पार्थिव शिवलिंग

पंडित शास्त्री के अनुसार अन्य देवों की स्तुति के लिए जहां विशेष प्रविधान है, वहीं शिव मात्र जल चढ़ाने से ही प्रसन्ना हो जाते हैं। हिंदू धर्म में जितने भी देवताओं की पूजन विधियां हैं, उसमें पार्थिव पूजन द्वारा शिव की साधना-अराधना ही सबसे आसान और अभीष्ट फल देने वाली है।

श्रद्धालुओं का कहना

- ग्राम बनी के पंकज पाटीदार और हीरामणि पाटीदार का कहना है कि गुरुजी के संकल्प को पूर्ण करने में यहां हर कोई अध्यात्म के साथ लगा हुआ है। हम भी यहां प्रतिदिन पहुंचकर उत्साह के साथ पार्थिव शिवलिंग बनाते हैं।

- ग्राम जामली के यशवंत पाटीदार और चेतना पाटीदार का कहना है कि पार्थिव शिवलिंग बनाने से लेकर विसर्जन तक आश्रम परिसर में किया जा रहा है। हम भी यहां पूर्व से आ रहे श्रद्धालुओं से प्रेरणा लेकर प्रतिदिन आ रहे है।

- थांदला के भावेश पाटीदार और वर्षा पाटीदार ने बताया प्राकृतिक वातावरण के बीच ऐसा आयोजन निश्चित ही लोगों में आध्यात्मिक व ईश्वर से जुड़ने का सरल माध्यम है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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