झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नवरात्र के अंतिम दिन यानी गुरुवार को सुबह से ही शहर के विभिन्ना माताजी मंदिरों पर भक्तों का तांता लगने लगा था। दक्षिणमुखी महाकाली मंदिर पर माताजी का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। प्रतिदिन श्रद्धालु माताजी मंदिरों पर पूूजा-अर्चना व दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बुधवार की रात देर रात तक शहर के विभिन्ना पंडालों में गरबों के आयोजन चलते रहे। गरबा देखने वालों की भी भीड़ लगी रही।

इस वर्ष भी शहर के बड़े पंडालों पर गरबों के आयोजन नहीं किए जा रहे। इसलिए गरबाप्रेमी अब छोटे पंडालों पर जाकर गरबों के आनंद ले रहे हैं। शहरभर में करीब 20 स्थानों पर गरबों के आयोजन किए गए। यहां देर रात तक गरबा खेलने वालों का तांता लगा रहा। कोई गुजराती परिधान में तो कोई राजस्थानी परिधान में गरबा खेलने पहुंचा छोटे पंडाल होने से गरबा शुरू होते ही खेलने वालों की भीड़ लग गई। गरबों का आयोजन देर रात तक चला। नवमी पर्व गुरुवार को मनाया गया। पर्व के चलते घर-घर माताजी की पूजा-अर्चना हर्षोल्लास से की गई। कई स्थानों पर कन्या भोज का आयोजन भी किया गया। पिछले वर्ष कोरोना के कारण न तो गरबों के आयोजन हो पाए थे और न ही कन्या भोज आयोजित हो पाया था। इस वर्ष संक्रमण कम होने से लोगों में पर्व को लेकर उत्साह बना हुआ है।

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में नवरात्र पर्व पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी गरबा रास का आयोजन किया गया। आयोजन में कक्षा पहली से कक्षा पांचवीं के लगभग सभी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। गरबा की प्रस्तुति पारंपरिक वेशभूषा में विभिन्ना गीतों पर की गई। सभी छात्र-छात्राओं ने गरबा रास की प्रस्तुति दी। सभी की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को गरबामय बना दिया। सभी शिक्षकों तथा अतिथियों का मनमोह लिया। गरबा रास के बाद कन्या पूजन का आयोजन किया गया। वंदना नायर ने बताया कि नवरात्र में नौ बाल कन्याओं की पूजा करने का भी विधान है जिसमें कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। नवरात्र पर्व हमारी संस्कृति तथा परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है। बच्चों को अपनी संस्कृति व परंपरा से जोड़े रखने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम किए जाते हैं। कार्यक्रम संचालन शची भार्गव, सुनीता आचार्य, रिंकी ठाकुर, संजना मावी आदि ने किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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