- शनिवार शाम 6 बजे काव्य गतिविधियों के लिए समर्पित फेसबुक पेज 'डाइस' पर लखनऊ के युवा कवि धीरज मिश्रा लाइव आकर काव्य पाठ करेंगे। इन दिनों धीरज का 'हे विराट वृक्ष दो क्षमा' गीत सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। गीत को सुनकर कहा जा सकता है कि कविता उनकी रूह में बसी दिखती है, ओढ़ी हुई नहीं है। आने वाले वक्त में हिंदी कविता के आसमान में एक नया सितारा जगमगाने वाला है। विषय वही हैं, जो हजारों साल पहले थे, लेकिन उन्हें कविता में अगर अलग और नए अंदाज में ढाला जाए तो ही दिल से वाह निकलती है। यह हुनर युवा कवि धीरज को बखूबी हासिल हुआ है।

लफ्जों में आग छुपाने का फन हर किसी को नहीं आ सकता। आप अंदर से कवि होने चाहिए, तभी बात बन सकती है। किताबें पढ़कर, किसी की नकल करके या किसी उस्ताद का गंडा बांधने भर से कविता शायरी नहीं आ सकती। हां, तुकबंदी जरूर आ सकती है और उस तुकबंदी पर आपके मित्र मंडली के सदस्य सोशल मीडिया की साइट पर लाइक या कमेंट्स की झड़ी लगा सकते हैं, जिसकी बदौलत आपमें कवि या शायर होने का मुगालता पैदा हो सकता है, लेकिन लखनऊ के धीरज को सुना जाता है तो शब्द कानों के रास्ते श्रोताओं के हृदय में उतर जाते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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