झांसी। नईदुनिया प्रतिनिधि

पुष्पेन्द्र एनकाउंटर मामले अब एक नया मोड़ आ गया है। शक की सुई पुलिस की ओर आ गई है। पुलिस की छवि को बचाने के लिए देर रात जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश कर दिए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस जांच में हकीकत स्पष्ट हो जाएगी कि पुष्पेन्द्र की एनकाउंटर में मौत हुई या फिर पुलिस ने हत्या की है। बीते रोज मोंठ थाना प्रभारी धर्मेन्द्र चौहान पर जानलेवा हमला करने वाले पुष्पेन्द्र यादव को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। पुलिस के इस एनकाउंटर के बाद राज्यसभा सांसद डॉ. चन्द्रपाल सिंह यादव समेत अन्य सपाइयों ने इस एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए खाकी को कटघरे में खड़ा कर दिया था। इसके अलावा भी पुलिसिया कार्रवाई पर कई सवाल खड़े किए गए थे। देर शाम जब पोस्टमार्टम के बाद पुलिस भारी फोर्स के साथ शव को झांसी पोस्टमार्टम घर से मृतक के गांव ले जा रही थी, तभी मेडिकल गेट नंबर 3 के सामने सांसद चन्द्रपाल सिंह समेत अन्य सपाइयों ने रास्ता रोक लिया था। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने जांच का आश्वासन दिया था। उसके बाद देर रात जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी बी प्रसाद को नियुक्त करते हुए इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का आदेश जारी कर दिया गया।

पोस्टमार्टम के लिए शव पूरे दिन भटकता रहा

पुष्पेन्द्र एनकाउंटर मामले में पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी कुछ अजीब सी नजर आई। छोटी-छोटी घटनाओं पर अपने वॉट्सएप ग्रुप पीआरओ सेल पर प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस पूरे दिन मौन रही। किसी भी अधिकारी के पास कुछ खास जानकारी नहीं रही, जबकि पूरे दिन एसएसपी आरोपों को निराधार बताते नजर आए। वहीं शव को बिना पंचनामा के ही पहले पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर भेज दिया गया था। कुछ घंटों बाद उसे फिर से गुरसरांय मंगा लिया गया। देर शाम शव का पोस्टमार्टम झांसी कराया गया।

एनकाउंटरः मृतक के भाई के सवाल पर स्तब्ध रहे पुलिस अधिकारी

भाई ने न्याय न मिलने तक शव जलाने से किया इनकार

झांसी। बीते रोज पुलिस एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेन्द्र यादव के भाई के पहुंचने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। सीआईएसएफ में तैनात मृतक के भाई ने न्याय न मिलने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है। उसने आरोप लगाया है कि उसके भाई का एनकाउंटर नहीं हत्या की गई है। उसके भाई के हत्यारोपी थानेदार पर हत्या का मामला दर्ज होने के बाद ही वह शव का अंतिम संस्कार करेगा। पुष्पेन्द्र के भाई के सवालों ने पुलिस अधिकारियों को निरुत्तर कर दिया।

पुलिस एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेन्द्र यादव का भाई रविन्द्र दिल्ली में सीआईएसएफ में सिपाही के पद पर तैनात है। घटना की जानकारी के बाद वह देर रात यहां पहुंच गया। बीती रात पोस्टमार्टम के बाद भारी पुलिस बल के साथ पुष्पेन्द्र का शव उसके गांव करगुंआ ले जाया गया था। रविन्द्र ने सुबह अपने भाई के शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सुबह से ही एसपी ग्रामीण राहुल मिठास व मऊरानीपुर सीओ जितेन्द्र सिंह परिहार पुलिस बल के साथ वहां डटे हुए थे। रविन्द्र ने पुलिस अधिकारियों से थाना प्रभारी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग शुरू कर दी। उसके साथ ही गांव व क्षेत्र के लोग भी जिद पर अड़ गए।

रविन्द्र ने एसपी ग्रामीण से कहा कि डीजीपी ओपी सिंह ने आदेश दिया था कि जो भी जवान सेना या अन्य कही तैनात हैं, उनके परिजनों का ध्यान रखा जाए, उनके परिजनों को नाजायज परेशान न किया जाए। क्या यही सिला दिया जा रहा है बाहर तैनात सिपाहियों को? उसने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेगा। उसने कहा कि हत्यारे थानाध्यक्ष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उसे बचाने में पूरा प्रशासन क्यों लगा हुआ है।

कहा-शव को लेकर जायेंगे डीएम कार्यालय

मृतक के भाई रविन्द्र ने कहा कि वह भाई के शव को लेकर शांतिपूर्वक तरीके से जिलाधिकारी कार्यालय जाएगा। साथ ही वहां इंसाफ की मांग करेगा। और जब तक उसके मृत भाई को न्याय नहीं मिलता तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं करेगा। लोगों ने उसका साथ देने की भी बात कही। मृतक के परिजनों के अनुसार पुलिस के इस रवैया को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं 9 अक्टूबर को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मृतक के परिजनों से मिलने की भी सूचना मिली है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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