कटनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कटनी जिले में इस वर्ष 1 जून से 26 जून की अवधि तक कुल 96.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है जबकि बीते वर्ष इसी अवधि के दौरान 147.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार इस साल पिछले वर्ष की तुलना में कम वर्षा दर्ज की गई है। इससे खरीफ फसलों की तैयारी में लगे किसानों को चिंता होने लगी है।

अधीक्षक भू-अभिलेख एम.एल.तिवारी द्वारा दी गई जानकारी अनुसार इस साल अभी तक वर्षा मापी केंद्र कटनी में 95.2 मिलीमीटर, रीठी में 96.9 मिली मीटर, बड़वारा में 90.0 मिलीमीटर, बरही में 62.0 मिलीमीटर, विजयराघवगढ़ में 71.7 मिलीमीटर, बहोरीबंद में 141.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी प्रकार स्लीमनाबाद में 117.4 मिलीमीटर व ढीमरखेड़ा में 100.1 मिलीमीटर वास्तविक वर्षा दर्ज की गई।

सलों पर संकट- जिले में कम वर्षा के चलते फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ऊपर से बिजली कटौती ने रही सही कसर पूरी कर दी है। तालाब भी अभी लबालब नहीं हुए। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के कई गांवों में कृषि फीडर के ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। कम वर्षा और तापमान बढ़ने से खरीफ फसलों की वृद्धि रुकने की भी आशंका किसानों को सता रही है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष करीब 15 फीसद रकबा बढ़ा है। किसानों के मुताबिक आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई और मौसम में नमी नहीं आती है तो ये नुकसान बढ़ सकता है। स्लीमनाबाद के मटवारा व देवरी गांव के किसानों ने बताया कि किसानों की फसलें सूख रही हैं। ऊपर से बिजली कटौती ने किसानों को परेशान कर रखा है। इससे खेतों में लगी धान सूख रही है।

इस बार मानसून ने फिर तो मानसून नहीं देगा दगा- मानसून सीजन के पहले हिस्से में जिल में हुई कुल वर्षा में पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई है। जनता व व्यापार-उद्योग जगत में इसका असर दिख सकता है। फसलों को पकने में होगी परेशानी- जिले में इस वर्ष की वर्षा में जलाशय लबालब नहीं हुए हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के मुताबिक इससे उन्हें फसलों के पकने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जिले में कुल 89 जलाशय हैं जिनमें से 18 जलाशय ऐसे हैं जिन पर बड़ा कृषि क्षेत्र निर्भर है। बीते वर्ष करीब 8928 हेक्टेयर में खरीफ फसलों की सिंचाई की गई थी। जलाशयों में अभी नहीं भर पाया है। इससे किसानों को सिंचाई की चिंता है। वर्षा न होने और जलाशय का पर्याप्त संरक्षण न करने से जलाशय नहीं भर पा रहे है। बहोरीबंद क्षेत्र के किसान राम सजीव पटेल बताया कि उनके यहां का जलाशय में इस बार की वर्षा में पर्याप्त पानी नहीं आ पाया है। यही स्थिति हर वर्ष हो रही है। इसी तरह विजयराघवगढ़ रामदास दुबे ने बताया इससे इस बार यदि आगे वर्षा नहीं हुई तो किसानों को अपनी धान को पकाने में बहुत परेशानियां उठानी पड़ेगी। किसानों के मुताबिक शुरुआती वर्षा न होने से बोवनी का आंकड़ा प्रभावित हो सकता है। स्लीमनाबाद सहित ग्राम बंधी, सरसवाही, संसारपुर, धरवारा, मटवारा, इमलिया, मढ़ाना सहित क्षेत्र में कम वर्षा के कारण अभी धान की फसल की प्रारंभिक तैयारी पर असर पड़ा है। यही हाल अन्य क्षेत्रों को के हैं। यहां पर कम वर्षा से किसानों को परेशानी हो रही है।

रही सही कसर बिजली ने पूरी कर दी

पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष रकबा बढ़ा है। किसानों के मुताबिक आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई और मौसम में नमी नहीं आती है तो ये नुकसान बढ़ सकता है। ऊपर से बिजली कटौती ने किसानों को परेशान कर रखा है।

वर्जन

अभी किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। अभी वर्षा होगी। किसी भी प्रकार की परेशानी व परेशानी से बचाव के लिए किसान कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं। - एके राठौर, उपसंचालक कृषि

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बसस्टैंड में गंदगी से हो रही परेशानी

कटनी(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

बस स्टैंड से लगे हुए कई दुकानदार और रहवासी इन दिनों यहां पर सफाई न होने से परेशान हो रहे हैं।

लेकिन इसके बाद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया है कि यहां सफाई न होने से आम व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस संबंध में नगर निगम द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब यहां पर मच्छर पनप रहे हैं। इससे लोग बीमार भी हो रहे हैं।

स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि कीचड़ के कारण कारण जूते और कपड़े खराब हो रहे हैं। इसके अलावा कीचड़ की वजह से उन्हें यहां से निकलने में भी परेशानी हो रही है।

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