रीठी (नईदुनिया न्यूज)।

एक ओर जहां पूरा देश कोरोना महामारी के चलते भूख से तड़प रहा है तो वही रीठी तहसील में पेयजल संकट से रहवासी परेशान हैं। कुंओं मे पानी और बोरवेल में पानी न होने से रहवासी परेशान हैं। इसके साथ बाकल और पठार क्षेत्र में पेयजल की परेशानी से लोग परेशान हैं। यहां वर्षों से पेयजल संकट है लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकल रहा है। लोग दो रुपये गुम्मा पेयजल खरीदने के लिए मजबूर हैं।

रीठी तहसील मुख्यालय में इन दिनो लोगों को पानी के लिए कतार लगानी पड़ रही है। दूर-दूर से लोग रतजगा कर पीने के लिए पानी ढो रहे है। दो दर्जन से अधिक हैंडपंप पानी नहीं निकल रहा है। रीठी में पानी की समस्या सबसे ज्यादा वार्ड क्रमांक 1, 4, 5, 6,15,16 में है यहां लगे सभी हैंडपंप खराब है और शिकायतों के बाद अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हमेशा से पानी की समस्या का दंश झेलने वाले रीठी तहसील क्षेत्र के रहवासियों को इस भीषण गर्मी मे पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पेयजल की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासियो की मुश्किलों को देखकर न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों द्वारा जलापूर्ति के लिए कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है। लोगों ने बताया कि एक ओर सरकार द्वारा जल ही जीवन है, के प्रति जागरूकता लोगों मे लाने के उद्देश्य से जमकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है और तहसील भर मे करोड़ों रुपये से कई निर्माण कार्य शुरू कराए जा रहे हैं, लेकिन लोगो को पानी मिल सके इसके लिए पर्याप्त इंतजाम कही नहीं दिखाई दे रहे है। इसके चलते रीठी के लोग इस भीषण गर्मी मे बूंद-बूंद पानी को मोहताज है। ग्रामीणों ने जिले के कलेक्टर से इस ओर ध्यान देकर पेयजल व्यवस्था कराने की मांग की है।

पंचायत के टैंकरों का सीईओ ले रहे लाभ

ग्रामीणों ने जानकारी में बताया कि उन्हें गांव की नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। रीठी ग्राम पंचायत को एक टैंकर पूर्व सांसद व दो टैंकर पूर्व विधायक ने उपलब्ध कराए हैं। उन टैंकरों का सचिव की सहमति से पंचायत प्रतिनिधि द्वारा व्यापार किया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि उक्त टैंकरो सही लाभ जनपद पंचायत के मुखिया मुख्यालय अधिकारी ले रहे है। बताया गया कि अस्पताल कॉलोनी स्थित सीईओ के बंगले के पीछे वाले हिस्से से खेल मैदान की बाउंड्रीवॉल के पास से पाइप डालकर टैंकर के माध्यम से पानी पहुंच रहा है और ग्रामीण उन्ही टैंकरो से दो रुपये डिब्बा पानी खरीदने को विवश है। साथ ही बाइपास के समीप बनी टंकी व सिघैंया की पानी सप्लाई भी एक पखवाड़े से बंद पड़ी हुई है।

घटा जल स्तर, पाइप पड़े छोटे

रीठी में पानी की मुख्य समस्या का कारण पीएचई विभाग व ग्राम पंचायत की मनमानी है। बताया गया कि रीठी के अधिकांश हैंडपंपों के पाइप पीएचई विभाग के स्थानीय व ठेका कर्मचारियों द्वारा निकाल लिए गए हैं और ओने-पोने दामों पर बिचौलिए व छुटभैया नेताओं को बेचे भी जा रहे है। क्षेत्र के लगभग दो दर्जन से अधिक हैंडपंपों के यही हाल है। इनमें पानी है उनमें पाइप नहीं है, तो कुछ हैंडपंपो के तो नल ही खोल लिए गए है, जहां अब नल की जगह सिर्फ ठूंठ ही लगे हैं। इसके चलते रीठी में पानी की यह समस्या बनी हुई है और हाहाकार मचा हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि रीठी के हैंडपंपों की जांच की जाए तो किसी भी हैंडपंप में पर्याप्त पाइप नही मिलेंगे।

वर्जन

सभी को पेयजल मिले यही प्रयास किए जा रहे हैं। जहां भी समस्या है। वहां समाधान करवाया जाएगा। -ईएस बघेल, कार्यपालन यंत्री पीएचई

Posted By: Nai Dunia News Network

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