भ्रष्टाचार : ग्राम पंचायत मोहनिया राम का मामला, जनपद सीईओ नहीं कर रहीं जांच

कटनी। नईदुनिया प्रतिनिधि

जनपद पंचायत बहोरीबंद में प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी घालमेल देखा जा रहा है। जिससे हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। अपात्रों को पात्र बनाकर योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है। लेकिन जो योजना के असली हकदार हैं उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। रोजगार सहायक और सरपंच अधिकारियों से सांठगांठ करके योजना में भारी भ्रष्टाचार करने पर उतारु हैं। ग्राम पंचायत मोहनिया राम की बात करें तो यहां पर रोजगार सहायक श्रवण कुमार यादव ने अधिकारियों से साठगांठ कर प्रधानमंत्री आवास योजना की मजदूरी की राशि ही डकार ली है। लेकिन बहोरीबंद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोजगार सहायक की जांच करने की वजाय बचाने में लगी हैं।

बता दें कि मामला 2016-17 से 2018 और 2019 का है। जिसमें 86 प्रधानमंत्री आवास योजना की मजदूरी की राशि रोजगार सहायक ने हजम कर ली है। जिसकी शिकायत भी जनपद सीईओ के पास लंबित है। लेकिन अभी तक मामले की जांच कर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बताया जाता है कि रोजगार सहायक श्रवण कुमार यादव ने फर्जी मस्टर रोल के माध्यम से अपने हितग्राहियों के नाम भर राशि कियोस्क बैंक से निकाल ली। इसके लिए जीआरएस ने पूर्व मेट केशलाल को साथ में लेकर पूरा प्लान बनाया और प्लान के तहत केशलाल हितग्राहियों को कियोस्क बैंक लेकर आया और उनसे अगूंठे लगवाए। अगूंठा लगवाने के बाद मेट केशलाल ने हितग्राहियों से कहा कि अभी बैंक में पैसा नहीं आया है। जिससे हितग्राही लौट गए और जीआरएस ने कियोस्क बैंक से मिलीभगत करके 86 हितग्राहियों की राशि निकाल ली।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत जिले वरिष्ठ अधिकारियों समेत जनपद पंचायत सीईओ मीना कश्यप से भी की गई। लेकिन आज तक मामले की जांच कर कार्रवाई नहीं की गई। जिससे जीआरएस लगातार पंचायत के विभिन्ना कामों में भ्रष्टाचार कर रहा है। बताया जाता है कि जीआरएस पर पूर्व कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा अजीत सिंह का आशीर्वाद प्राप्त है। जिससे सीईओ मैडम भी जीआरएस पर कार्रवाई नहीं करतीं।

अपात्र को पात्र बनाने का खेल

ग्राम पंचायत मोहनिया राम के जीआरएस ने प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को पात्र बनाकर योजना का लाभ दिलाया है। ग्रामीणों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि रोजगार सहायक श्रवण कुमार जनपद के अधिकारियों से साठगांठ कर ग्रामीण विकास की योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार कर रहा है। लेकिन अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत में सड़कों से लेकर जो भी विकास के काम कराए गए हैं उन सभी में रोजगार सहायक ने पैसा कमाने का खेल किया है। बावजूद इसके अधिकारी उसे बख्स रहे हैं। लेकिन अधिकारी द्वारा कार्यवाही न करना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। अब तो ग्रामीण उन पर ही आरोप लगाने लगे हैं।

इनका कहना है : रोजगार सहायक द्वारा ग्राम पंचायत में किए गए भ्रष्टाचारों को लेकर सीईओ को फोन लगाया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

मीना कश्यप, सीईओ जनपद पंचायत बहोरीबंद

Posted By: Nai Dunia News Network

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