कटनी।जिले की ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तिलमन गांव के सरकारी माध्यमिक स्कूल के छात्र एक शिक्षक के स्थानांतरण हो जाने से बेहद दुखी हैं।

माध्यमिक स्कूल के शिक्षक मंगलदीन पटेल के स्थानांतरण से छात्र-छात्राओं के दुखी होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब उन्हें शिक्षक के स्थानांतरण की जानकारी मिली तो स्कूल के छात्र रोने-रोने लगे।

स्थानांतरित हुए शिक्षक छात्र-छात्राओं को समझाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन छात्र-छात्राओं के आंखों से आंसू स्र्कने का नाम नहीं ले रहे थे। छात्र-छात्राओं को रोता हुआ देखकर शिक्षक की आंखे भी भर आई थी। और वे छात्रों से यही कह रहे थे वे फिर से लौटकर आएंगे।

अच्छे से पढ़ाते थे, सब समझ में आता था

तिलमन गांव के सरकारी स्कूल के 6 वीं कक्षा के छात्र शिवराज ने बताया कि पटेल मास्साब बहुत अच्छे से पढ़ाते थे, पढ़ाने का तरीका इतना सरल और अच्छा था कि सब समझ में आ जाता था। इसी वजह से स्कूल के छात्रों के वे पसंदीदा मास्साब थे। स्कूल के ही छात्र अभयराज सिंह ने बताया कि पटेल मास्साब जो भी पढ़ाते थे सब समझ में आ जाता था उनके पढ़ाने का तरीका बहुत अच्छा था।

लिपट-लिपट कर रो रहे थे छात्र

शिक्षक मंगलदीन पटेल का स्थानांतरण स्कूल से हो जाने की जानकारी के बाद स्कूल के छात्र-छात्राएं उनके लिपट-लिपटकर रोने लगे। अपने प्रति बच्चों का स्नेह देखकर शिक्षक भी अपने आप को रोक नहीं सके और उनकी आंखों से भी आंसू आ गए। शिक्षक द्वारा छात्रों को लौट के आने की बात कही गई है।

गौरतलब है कि शिक्षक मंगलदीन पटेल का स्थानांतरण शहर के उपनगरीय क्षेत्र कुठला माध्यमिक स्कूल में किया गया है और ये स्थानांतरण उनके द्वारा पारिवारिक दायित्वों के कारण स्वयं कराया गया है। शिक्षक मंगलदीन पटैल पिछले 17 वर्षों से तिलमन गांव में ही रहकर स्कूल में पदस्थ थे।

ओलंपियाड की परीक्षा में छात्र हुए थे पास

शिक्षक मंगलदीन पटेल द्वारा छात्रों को पढ़ाने के लिए काफी मेहनत की गई थी। छात्रों को पढ़ाने की उनकी रुचि का नतीजा ही था कि वर्ष 2017 में जूनियर ओलंपियाड की परीक्षा में जिले से सिर्फ तिलमन गांव के स्कूल के 11 छात्र पास हुए थे।

इन्हीं छात्रों में शामिल छात्रा नैन्सी ठाकुर का चयन प्रदेश स्तर की परीक्षा में हुआ था। शिक्षक द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य के लिए तत्कालीन कलेक्टर विशेष गढ़पाले द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया था। इसके अलावा उन्हें राज्यपाल द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।

इनका कहना है

शिक्षक द्वारा ऑनलाइन स्वैच्छिक स्थानांतरण कराया गया है। इस संबंध में और अधिक जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी से ली जाएगी।

- एसबी सिंह, कलेक्टर