कटनी। (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सावन के महीने से ही हिंदू त्योहार की शुरूआत हो जाती है और दो माह तक कई त्योहार मनाए जाते है। सावन के महीने में जगह-जगह धार्मिक आयोजन होते रहे। सावन के महीने का समापन रक्षाबंधन के दिन यानी गुरुवार को होगा। हालांकि इस बार राखी बांधने का मुहूर्त दो दिन है। शुक्रवार को विशेष मुहूर्त बताया गया है। बुधवार को बाजारों में भारी रौनक देखने मिली। राखी-रूमाल की दुकानें जगह-जगह सजी रहीं। जिससे बाजार में भारी भीड़ के साथ जाम में लोग फंसे रहे। शहर के प्रमुख चौराहे सुभाष चौक में राखी और रूमाल के बाजार सजे थे। यहां दिनभर जाम जैसे हालात रहे, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर यहां पर किसी तरह की व्यवस्थाएं नहीं की गई। यूं तो बाजार लगने वाले स्थानों में जाम से निपटने पहले इंतजाम होने चाहिए लेकिन पूरा पुलिस महकमा जैसे तिरंगा यात्रा की तैयारी में मशगूल रहा।

बाजार में फंसे रहे राहगीरः सुभाष चौक में वाहनों की पार्किंग के लिए जगह नहीं होने के कारण राखी-रूमाल की खरीदारी करने वाले ग्राहक जाम में फंसे दिखे। चौराहे से स्टेशन की तरफ जाने वाले मार्ग के दोनों तरफ राखी-रूमाल बेचने वालों के ठेले सजे थे, वहीं दूसरी तरफ की सड़क पर मिष्ठान की दुकान देश भंडार के सामने वाहन बेतरतीब ढंग से खडे थे। जिससे आने जाने वालों को जाम में फंसना पडा।

सुभाष चौक के चारों तरफ रखे चुनकाः रक्षाबंधन के बाद हरछठ का त्योहार आता हैं। जिसमें बांस से बने चुनकों का पूजन किया जाता है। सुभाष चौक में बुधवार को सुभाष चौक के चारों तरफ चुनका बेचने वालों का कब्जा रहा है। जिससे सड़क से निकलने वालों को खासी तकलीफ हुई।

त्योहार को लेकर व्यवस्था नहीं: अक्सर देखा जाता है कि त्योहार के समय बाजार में भीड़ बढ़ती है। यह हर वर्ष होता है, लेकिन प्रशासन की तरफ इसके लिए कोई इंतजाम पहले नहीं किए जाते। प्रमुख चौराहे में राखी-रूमाल, चुनकों का बाजार लगा रहता है। सड़क पर जाम की स्थिति बनती है। लेकिन नगर निगम की ओर त्योहारी बाजार को किसी बडे मैदान में लगाने की पहल नहीं की गई। शहर में आसपास ऐसी बहुत सी जगह है जहां पर राखी-रूमाल और चुनकों समेत त्योहारी सीजन का बाजार लगवाया जा सकता है। जहां पर नागरिक खुलकर खरीदी कर सकते है, लेकिन सुभाष चौक पर ही हर वर्ष इसी तरह का मजमा लगता है, लेकिन प्रशासन कोई सबक नहीं लेता।

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