विजयराघवगढ़ (नईदुनिया न्यूज)। भले ही कोरोना के ठंड में बढ़ने की आशंका है। लेकिन खरीदी केंद्रों में कोराना से बचाव के आवश्यक नियम खरीदी प्रभारी ही नहीं दिख रहे हैं। इस संबंध में किसानों में भी आवश्यक जागरूकता नहीं है। केंद्रों में निर्देश सिर्फ बैनर में ही लगे हैं। कई खरीदी केंद्रों में न तो हाथ धोने के लिए पानी है, नहीं हाथों को विसंक्रमित करने के लिए सैनिटाइजर। इसके अलावा मास्क का प्रयोग भी कम ही किया जा रहा है। कोरोना महामारी संक्रमण से बचने के प्रशासन के की गाइड लाइन का खरीदी केंद्रों में कितना पालन हो रहा है। इसके लिए टीम नईदुनिया ने विजयराघवगढ़ क्षेत्र के खरीदी केंद्रों की जमीनी स्थिति देखी।

सिनगौड़ी धान खरीदी केंद्र

टीम नईदुनिया ने विभिन्न खरीदी केंद्रों में जमीनी स्थिति जानने का प्रयास किया। सिनगौड़ी खरीदी केंद्र में कोरोना से बचाव के नियमों का बड़ा बैनर लगा दिखता है लेकिन यहां हाथ धोने के लिए पानी तक नहीं है। इसके अलावा अन्य नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा है। सिनगौड़ी धान खरीदी केंद्र में देखा गया। यहां किसानों के पेयजल की सुविधा नहीं है। केंद्र में पीने के पानी के लिए किसान भटकते हैं। खरीदी प्रभारी सतीश कुमार निगम ने बताया कि हम किसान परेशान हों इसके प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि अबतक यहां 15 किसानों के धान लगभग 530 क्विंटल आवक हुई।

पथरहता खरीदी केंद्र

विजयराघवगढ़ के ही पथरहटा खरीदी केंद्र में बहुत सारी अनियमितताएं पाई गईं। धान खरीदी केंद्र में खरीदी प्रभारी ही उपस्थित नहीं थे। इसके अलावा यहां पर भी कोरोना से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं थे। न सैनिटाइजर न ही हाथ धोने के लिए पानी था। सोसायटी खाली थी। छन्नााा चालू नहीं था। ऑपरेटर द्वारा फोन लगने पर स्विच ऑफ बताया गया। ऑपरेटर विनीत कुमार दुबे से कुछ भी जानकारी नहीं मिली। केंद्र में किसी चीज का कोई इंतजाम नहीं था। छन्नााा भी चालू नहीं था।

धान खरीदी केंद्र विजयराघवगढ़

विजयराघवगढ़ खरीदी केंद्र में कुछ हद तक व्यवस्थाएं ठीक दिखीं लेकिन कोरोना से बचाव के सारे इंतजाम यहां भी नहीं दिखे। हालांकि कंप्यूटर ऑपरेटर देवेंद्र मिश्रा ने दावा किया कि केंद्र में हर सुविधाएं है। उन्होंने बताया कि सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए पानी का इंतजाम यहां हमेशा रहता है। किसान को बैठने व ठंड से बचने के भी इंतजाम किए गए हैं। विगढ़ सोसायटी के अंतर्गत कुल 309 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमे आज करीब 1200 क्विंटल धान की तुलाई हो चुकी है।

किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं

खरीदी केंद्र में किसानों के मेहनत की कमाई हुई धान को बारिश सहित अन्य परेशानियों से बचाने के कोई इंतजाम नहीं है। इसके अलावा किसानों के लिए पीने का पानी व ठंड से बचने का इंतजाम भी नहीं है।इसके अलावा यह भी विसंगति देखने को मिली की धान खरीदी में अलग-अलग तौल किसानों से खरीदी प्रभारी ले रहे हैं।

बचाव : कोरोना से बचाव के आवश्यक नियम खरीदी प्रभारी मानें इसके लिए उन्हें समझाइश दी जाएगी।

- प्रमोद श्रीवास्तव, खाद्य आपूर्ति अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network

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