खंडवा/ओंकारेश्वर। ओंकारेश्वर बांध को 196.6 मीटर तक भरने से ओंकारेश्वर बांध के महाप्रबंधक आरके सोलंकी ने बताया कि मंगलवार को परियोजना की आठों टरबाइन चलाई गई है। इससे पहली बार पूर्ण क्षमता 520 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हुआ है।

विदित हो कि बांध का जलस्तर 193 मीटर रहने पर 65 मेगावॉट क्षमता की एक टरबाइन से मुश्किल से 55 से 58 मेगावॉट बिजली का ही उत्पादन हो रहा था। वहीं आठों टरबाइनों से 392 मेगावॉट के आसपास ही बिजली बन रही थी। बांध का जलस्तर एफआरएल लेवर 196.6 मीटर पहुंचने से अब प्रत्येक टरबाइन पूर्ण क्षमता से 65 मेगावॉट बिजली उगल रही है।

नहर के अंतिम छोर तक होगी सिंचाई

खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर एनएचडीसी द्वारा निर्मित ओंकारेश्वर बांध 196.6 मीटर तक भरने से 1.468 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ प्रदेशवासियों को मिलने लगेगा। इस परियोजना से खंडवा, खरगोन और धार जिले के 678 ग्रामों की 1.468 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि की सिंचाई अब संभव हो सकेगी। नहर के अंतिम छोर तक खेतों में पानी आसानी से पहुंच सकेगा।

परियोजना से लाभान्वित होने वाले जिलों में खंडवा जिले के नौ गांव की 1555 हेक्टयर कृषि भूमि सिंचित होंगी। वहीं खरगोन जिले कि बड़वाह तहसील के 136, महेश्वर तहसील के 202 और कसरावद तहसील के 46 गांव की 73258 हेक्टेयर में सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसी तरह धार जिले की मनावर तहसील के 154 गांव, कुक्षी तहसील के 40 और धरमपुरी तहसील के 90 गांव की 71987 हेक्टेयर के लगभग कृषि भूमि अब नहरों के माध्यम से सिंचित हो सकेगी।

विदित हो कि ओकारेश्वर बांद अपनी पूर्ण जल भराव क्षमता 196 मीटर तक नहीं भर पाने से मनावर और कुक्षी क्षेत्र के खेतों तक नहर का पानी नहीं पहुंच पा रहा था। एनएचडीसी के अधिकारियों का कहना है कि बांध एफआरएल लेवल तक भरने से अब इन क्षेत्रों में खेतों तक पानी आसानी से पहुंच सकेगा ।

Posted By: Hemant Upadhyay