- बिजली कंपनी चिंतित, कारगर साबित नहीं हो रही पेपरलेस बिल योजना

- अंतिम तारीख से एक दिन पहले वितरित करना पड़ रहे बिल

खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहरी क्या करूं तुझसे बात करके। क्षेत्र के 60 हजार उपभोक्ताओं को मोबाइल और ई-मेल पर बिजली बिल उपलब्ध करवाने के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा शुरू की गई पेपरलेस बिल योजना में उपभोक्ता रुचि नहीं ले रहे है। ऐसे में यह हाईटेक सेवा कारगर साबित नहीं हो पा रही है। बिल जमा करने की अंतिम तारीख के एक दिन पहले तक 30 से 35 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा ही भुगतान करने से कंपनी की चिंता बढ़ गई है। ताबड़तोड़ कंपनी को बिजली बिलों का वितरण करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बिलों की अंतिम तारीख भी बढ़ानी पड़ी।

दो माह पहले विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं को छपे हुए बिजली बिल का वितरण नहीं करने की घोषणा की थी। इसके चलते दो माह से बिलों की वसूली प्रभावित हो रही है। पिछले माह की तरह इस माह भी कंपनी को राजस्व जुटाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ रही है। कंपनी द्वारा आनलाइन भेजे गए बिल में अंतिम तारीख 20 अगस्त निर्धारित थी लेकिन दो दिन पहले तक 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं के बिल जमा नहीं करने से कंपनी को यू-टर्न लेना पड़ा और बिल वितरित करना पड़ रहे हैं। भुगतान की अंतिम तारीख भी 20 से बढ़ाकर 23 अगस्त करना पड़ी है।

विद्युत कंपनी को इस माह शहरी क्षेत्र से करीब साढ़े दस करोड़ रुपये का राजस्व वसूलना है। इसमें से अभी तक मात्र साढ़े तीन करोड़ रुपये जमा हुए है। हर माह बिल वितरण के बाद 70 से 75 प्रतिशत राजस्व जमा हो जाता है। पेपरलेस योजना अंतर्गत कंपनी का मकसद पर्यावरण के हित में कागज की बचत के साथ ही खर्च में कमी लाने के साथ ही बिल सेवा को हाईटेक बनाना है। इस दिशा में दो माह से प्रयास किए जा रहे है। मोबाइल मैसेज और ई-मेल पर भेजे गए बिल के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को काउंटर पर नगद राशि जमा करने की सुविधा फिलहाल जारी है। यदि कोई उपभोक्ता आनलाइन भुगतान नहीं करना चाहता है तो कांउटर पर जाकर भुगतान कर सकता है।

-शहर में उपभोक्ताओं को रीडिंग के बाद तत्काल बिल मोबाइल पर मैसेज कर उपलब्ध करवाए जा रहे है। इस माह की डिमांड करीब साढ़े दस करोड़ रुपये है। उपभोक्ताओं को पेपरलेस योजना के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस माह के बिल एक-दो दिनों में वितरित हो जाएंगे। भुगतान की अंतिम तारीख भी 23 अगस्त तक बढ़ा दी है।-राहुल राय, सहायक यंत्री विद्युत वितरण कंपनी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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