खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बाइक चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपित की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। परिवार के लोगों ने पुलिस को पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि तबीयत खराब होने के बावजूद अस्पताल नहीं ले जाया गया। पुलिस की लापरवाही से उनकी जान गई है। वहीं इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने विवेक सिंह ने सख्त कदम उठाते हुए कोतवाली टीआइ को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही इस मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए गए हैं।

बुधवार को कोतवाली थाने में हड़कंप की स्थिति रही। कोतवाली पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में 56 वर्षीय भगवान सिंह पुत्र रामसिंग निवासी इनपुन को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। बुधवार सुबह भगवान सिंह की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। थाने में उसे उल्टी हो गई थी। इसके बाद उसे सुबह करीब 11ः08 बजे कोतवाली पुलिसकर्मी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल लाने के दौरान ही उसकी मौत हो गई थी। आरोपित की मौत से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह घटना की जानकारी लगते ही कोतवाली थाने पहुंचे। उनके आने के पहले ही यहां नगर पुलिस अधीक्षक पूनमचंद्र यादव पहुंच गए थे। टीआइ बलजीत सिंह बिसेन ने भगवान सिंह के बारे में जानकारी दी। साथ ही नगर पुलिस अधीक्षक यादव ने भी भगवान पर दर्ज मामलों के बारे में बताया। कुछ देर बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अलावा भी कोतवाली थाने पहुंचीं।

उन्होंने भी घटना को लेकर जानकारी ली। इसके बाद सभी पुलिस अधिकारी पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। इधर मरचुरी रूम में पुलिस का जमावड़ा रहा। कोतवाली, मोघट, पदमनगर, मांधाता, मूंदी और जावर थाने के टीआइ पुलिस बल के साथ यहां तैनात रहे। विरोध को देखते हुए मरचुरी रूम के सामने पुलिस ने तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी।

शाम करीब छह बजे बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव को पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान यहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अलावा, नगर पुलिस अधीक्षक यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। हालांकि यह बात भी सामने आई है कि मृतक भगवान सिंह का नाम अहमदाबाद में हुए ब्लास्ट में भी सामने आया था। इस मामले के बाद वह सूरत से बड़वाह आ गया था। हालांकि अधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टी नहीं हो सकी है लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है।

मरचुरी रूम के सामने परिवार ने मचाया हंगामा

घटना की जानकारी लगने पर मृतक भगवान सिंह की पत्नी उषा पंवार, बहू शिखा पंवार, बेटा दीपक पंवार और परिवार के अन्य लोग रिश्तेदारों के साथ बड़वाह से मरचुरी रूम पहुंचे। यहां उन्होंने जमकर हंगामा मचाया। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। पत्नी उषा ने कहा कि वे लोग ग्राम इनुपन के निवासी हैं लेकिन पिछले कुछ समय से बड़वाह में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। पति से मंगलवार को शाम पांच बजे कोर्ट में बात हुई थी। तब पति की तबीयत बहुत खराब थी। पुलिसकर्मियों को कहा भी कि उन्हें अस्पताल ले जाएं लेकिन वे नहीं ले गए। उन्होंने कहा कि कल आकर मिल लेना। इसके बाद वे लोग घर आ गए। सुबह करीब 11ः30 बजे कोतवलाी थाने से फोन आया कि जिला अस्पताल आ जाओ पति की तबीयत खराब हो गई है। यहां आकर देखा तो उनकी मौत हो गई थी।

पुलिस की लापरवाही से हुई मौत

मृतक भगवान सिंह की बहू शिखा पंवार ने बताया कि मेरे ससुर 17 जून से लापता थे। एक दिन बाद पता चला कि उन्हें मूंदी पुलिस ने गिरफ्तार किया। यहां से कोतवाली भेज दिया गया। शाम में कोतवाली आए थे। यहां से मोघट थाने भेजा गया। उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता। अगले पूरा दिन तलाश किया लेकिन कहीं पता नहीं चला। मंगलवार को उन्हें पदमनगर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था। यहां उन्हें बहुत पसीना आ रहा था। उनकी तबीयत ठी नहीं थी। पेट में दर्द था। हमने पुलिस को कहा कि उन्हें अस्पताल ले जाओ। ससुर ने भी कहा कि दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था लेकिन पुलिस ने उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया गया। कोतवाली के भी दो पुलिसकर्मी थे। दवाई के लिए कहा तो उन्हें डांट दिया था। सुबह 11 बजे फोन आया कोतवाली थाने से की उनकी तबीयत खराब है। पुलिस की लापरवाही से उनकी मौत हुई है।

पदमनगर पुलिस ने दो दिन की थी पूछताछ

पदमनगर पुलिस ने अपने क्षेत्र में हुई बाइक चोरी के मामले में भगवान सिंह से पूछताछ की थी। दो दिन तक पूछताछ करने के बाद मंगलवार को भगवान सिंह को कोर्ट पेश किया था। यहां से कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे कोतवाली थाने लाया गया। बताया जाता है कि स्पेशल स्क्वाड ने आरोपित से पूछताछ कर रही थी। इसमें वे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं जिन्हें गंभीर आरोप और शिकायत चलते ट्रांसफर कर दिया गया था लेकिन वे फिर से जिले में वापस आ गए। अब यह फिर से स्क्वाड में शामिल हैं। इनको लेकर में शहर में फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है कि जिला पुलिस के पास केवल यही पुलिसकर्मी हर गए हैं जिन पर गंभीर शिकायतें और आरोप हैं।

आठ माह बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट

पुलिस हिरासत में आरोपित की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मांधाता थाने में बाइक चोरी के मामले में 28 वर्षीय आरोपित किशन मानकर निवासी भोगांव, खरगोन की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई थी। घटना 14 सितंबर 2021 की है। बाइक चोरी के मामले में किशन और उसके भाई पवन को पुलिस हिरासत में लिया था। रात मे अचानक तबीयत खराब होने पर किसन को ओंकारेश्वर अस्पताल लाया गया। यहां उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में ज्यूडिश्यिल जांच की जा रही है। लेकिन करीब आठ माह बीत जाने के बाद भी अभी जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी।

लापरवाही पाए जाने पर टीआइ निलंबित

भगवान सिंह को बाइक चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। उसकी तबीयत खराब होने से मौत हुई। भगवान पर वाहन चोरी के कई अपराध दर्ज हैं। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में हुई चोरी के मामले में भी वह आरोपित था। मामले की ज्यूडिश्यिल जांच की जा रही है। इसके लिए कोर्ट की तरफ से मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इस मामले में पृथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर कोतवाली टीआइ बलजीत सिंह बिसेन को निलंबित करते हुए लाइन अटैच किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। -विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक

Posted By: Nai Dunia News Network

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