खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पटाखे की आवाज कर ध्वनि प्रदूषण कर रही बुलेट पर कार्रवाई की जा रही है। रविवार को पुलिस ने पांच बुलेट चालकों को ध्वनि प्रदूषण करते हुए पकड़ा है। इन सभी की बुलेट से पटाखे के साथ तेज आवाज निकल रही थी। बुलेट का चालान बनाकर साइलेंसर भी जब्त किए गए हैं।

रविवार को रात करीब आठ बजे ट्रैफिक पुलिस द्वारा बुलेट पकड़े जाने के बाद थाने में भीड़ लगी रही। सभी लोग यहां बुलेट बिना कार्रवाई के छुड़वाने पहुंचे थे। हालांकि पुलिस ने पांच ही बुलेट पकड़ी थी, लेकिन उन्हें छुड़वाने वालों की संख्या अधिक रही। कोई पुलिस महकमे के अधिकारियों से परिचय होने की बात बताकर बुलेट छुड़वाने का प्रयास करता रहा तो कुछ ऐसे भी रहे जिन्होंने जनप्रतिनिधियों से अधिकारियों की बात कराने का प्रयास किया। ताकि उनकी बुलेट छूट जाए। पुलिस ने किसी की भी बुलेट बिना कार्रवाई के नहीं छोड़ी। बुलेट पर की गई कार्रवाई को लेकर सूबेदार नितिन निगवाल ने बताया कि पांच बुलेट के चालान बनाए गए हैं। सभी के साइलेंसर जब्त किए गए हैं। विदित हो कि गत एक सप्ताह से ट्रैफिक पुलिस द्वारा ध्वनि प्रदूषण कर रही बुलेट पर कार्रवाई की जा रही है। अब तक थाने में 25 से अधिक बुलेट के साइलेंसर खुलवाकर जब्त किए गए।

कालाबाजारी का जब्त गेहूं सेंट्रल वेयर हाउस पहुंचा

सरकारी गेहूं की कालाबाजारी का मामला फिलहाल जांच प्रक्रिया में ही अटका हुआ है। ग्राम मछोंडी के पेठिया में गोदाम और ट्रक में पाया गया गेहूं पंचनामा बनाने के बाद सेंट्रल वेयर हाउस पहुंचा दिया गया है। मामले में परिवहनकर्ता और गोदाम संचालक दोनों ही फरार बताए जा रहे हैं।

ग्राम मछोंडी के पेठिया से जब्त गेहूं के मामले में यदि बारीकी से जांच की जाए तो अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। इससे पूर्व भी गेहूं की कालाबाजारी उजागर हो चुकी है। शनिवार को जब्त किए गए 250 क्विंटल गेहूं को लेकर भी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आई है। सेंट्रल वेयर हाउस से गेहूं का ट्रक ओंकारेश्वर और मोरटक्का के लिए रवाना होने पर उसकी मानीटरिंग नहीं की गई। बताया जाता है कि वेयर हाउस में परिवहनकर्ताओं के जितने भी ट्रक अनाज लेकर कंट्रोल दुकानों के लिए रवाना होते हैं उनमें से अधिकांश में जीपीएस सिस्टम नहीं लगा है। यदि यह सिस्टम है भी तो ठीक से मानिटरिंग करने में भी अधिकारी गंभीरता नहीं दिखाते हैं।

यही कारण है कि गेहूं की अफरा तफरी परिवहनकर्ताओं द्वारा आसानी से कर दी जाती है। पिछले दिनों मूंदी सहित अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी गेहूं निजी गोदामों में खाली करने की सूचनाएं खाद्य विभाग के अधिकारियों को मिली थीं। हालांकि अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही कालाबाजारी करने वाले सतर्क हो गए। मछोंडी के गोदाम और ट्रक में मिला गेहूं खंडवा गोल्डन रोड लाइंस के माध्यम से सेंट्रल वेयर हाउस से निकला था। रोड लाइंस के प्रोपराइटर सादिक खान पर अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है। इसी तरह जिस गोदाम में गेहूं पाया गया उसके संचालक को भी पकड़ा नहीं जा सका है। इस पूरे मामले में नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक शरद अग्रवाल का कहना है कि जल्द ही मामले की जांच की जाकर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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